इमरजेंसी ड्यूटी से चिकित्सक नदारत, घण्टों तड़पता रहा घायल
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जौनपुर। कहते हैं कि चिकित्सक दूसरे भगवान होते हैं लेकिन गत दिवस मानवता को शर्मसार करने वाला दृश्य केराकत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में देखने को मिला। देखा गया कि मारपीट की एक घटना में गम्भीर रूप से घायल वृद्ध इमरजेंसी में चिकित्सक के अनुपस्थित रहने पर घण्टों 108 एम्बुलेंस में ही तड़पता रहा। मालूम हो कि केराकत कोतवाली क्षेत्र के बीरमपुर निवासी 65 वर्षीय नरेन्द्र सिंह को जमीनी विवाद में उनके पट्टीदारों ने लाठी-डण्डों से पीट दिया जिससे वह गम्भीर रूप से जख्मी हो गये। सूचना पर पहंुची पुलिस ने 108 नम्बर पर डायल करके एम्बुलेंस बुलवाकर घायल को उपचार हेतु स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेज दिया। एम्बुलेंस घायल को अस्पताल लायी जहां इमरजेंसी ड्यूटी में चिकित्सक नदारत मिले। पता चला कि डा. संजय सिंह की ड्यूटी है लेकिन वे नहीं आये हैं जिनके स्थान पर संविदा पर नियुक्त आयुर्वेद चिकित्सक डा. अशोक सोनकर ड्यूटी देख रहे हैं लेकिन मौके पर वे भी नदारत मिले। फिलहाल काफी हो-हल्ला पर डा. सोनकर पहुंचे और बिना कुछ किये सरकारी पर्ची पर रेफर लिखकर घायल को पकड़ाते हुये जिला अस्पताल ले जाने के लिये कह दिये। स्थिति तब बिगड़ गयी जब एम्बुलंेस के चालक ने जिला अस्पताल ले जाने से यह कहते हुये इनकार कर दिया कि इस पर्ची पर वहां भर्ती न लेकर मरीज को वापस कर दिया जाता है। इसको लेकर काफी देर तक बहस होने के चलते घायल रात 10 बजे तक वहीं तड़पता रहा। थक-हारकर परिजन घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मुफ्तीगंज ले गये जहां भी इमरजेंसी चिकित्सक नदारत मिले। इसके बाद काफी सोच-विचार कर परिजन गम्भीर हो चुके घायल को जिला अस्पताल ले गये। इसको लेकर केराकत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इस समय काफी चर्चा में बना हुआ है जिसके बारे में लोगों का कहना है कि केन्द्र के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी/प्रभारी महोदय भी लापता रहे जिनके बारे में पूछे जाने पर पता चला कि वे घर गये हैं। कुल मिलाकर यह रहा केराकत सरकारी अस्पताल का हाल जहां मरीज को ले जाने का मतलब यमराज के दरवाजे पर लाना, क्योंकि यहां चिकित्सक आये दिन नदारत रहते हैं।

