स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते झोलाछाप डाक्टरों की चांदी
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बारबंकी। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते क्षेत्र में फैली संक्रामक बीमारियो से 3 बच्चो की मौत हो चुकी है। वहीं तमाम अन्य बच्चे पीड़ित चल रहे है। जिनका झोलाछाप डाक्टरो के यहां इलाज चल रहा है। गर्मी शुरू होते ही क्षेत्र में उल्टी दस्त खसरा व बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। सीएचसी कोठी के सादुल्लापुर गांव में डायरिया से पीड़ित 11 वर्षीय अभिषेक पुत्र विक्रम वर्मा की मौत हो गई। बुधवार को सरायपुरखू निवासी अनूप कुमार का 8 माह का पुत्र छोटू भी डायरिया की चपेट में आकर चल बसा। छोटू का उपचार उसमानपुर में एक दवाखाने पर चल रहा था। हालत गम्भीर होने पर परिवारीजन उसे लेकर सीएचसी कोठी पहुंचे जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। उपचार के दौरान इस मासूम ने भी आज दम तोड़ दिया। इससे पूर्व स्वास्थ्य केन्द्र मोतिकपुर के अन्तर्गत आने वाले चकतारा गांव में 8 माह के एक मासूम बच्चे की खसरे से मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग इन मौतो से अन्जान बना बैठा है। विभाग की इसी लापरवाही से तमाम अन्य बच्चे मौसमी बीमारियो से पीड़ित चल रहे है जिनका झोलाछाप डाक्टरो के यहां उपचार चल रहा है।

