गन्ना का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिये किसानों को हर संभव मद्द की जाये: डीएम
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। गन्ना का क्षेत्रफल बढ़ाने में किसानों का गन्ना समिति व
अधिकारी सहयोग करें और गन्ना समितियंा गांव में जाकर गोष्ठी, बैठक के
माध्यम से प्रधानों और किसानों को जागरूक करें। उन्हें गन्ना उत्पादन में
फायदे की जानकारी किसानों को दें। जिलाधिकारी अजय यादव ने गांधी सभागार
में बैठक के दौरान गन्ना अधिकारियों को निर्देश दिये गये। उन्होने कहा कि
गन्ना उत्पादन में लाभ होने और गन्ने की बिक्री में दिक्कतों का समाधान
करने से ही किसान गन्ना उत्पादन की ओर बढ़ेगे और गन्ना का क्षेत्रफल भी बढ़
सकेगा। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष लगभग 8 हजार हेक्टेयर
क्षेत्रफल में गन्ने का उत्पादन हुआ हैं। उन्होने बताया कि गन्ने के
उत्पादन में 5 प्रतिशत बढ़ोतरी का लक्ष्य पूरा किया जायेगा। इसके लिए
गन्ना की अच्छी प्रजाति के बीज किसानों को उपलब्ध कराये जायेंगे। पुरानी
और खराब प्रजाति के बीजों को हटाया जायेगा। उन्होने बताया कि एक हेक्टेयर
में गन्ना उत्पादन की लागत लगभग एक लाख 10 हजार रूपये आती है। प्रति
हेक्टेयर गन्ना उत्पादन में लाभ पाने के लिए अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन
प्राप्त करने के लिए अच्छी प्रजाति सहित अन्य तमाम तकनीकी पहलुओं पर
किसानों को जानकारी दी जायेगी। बैठक में जिलाधिकारी ने गन्ना समितियों से
जानकारी चाही कि वे अपने स्तर से गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को
क्या सुविधा और प्रयोग दे सकेंगे। इस पर समितियों का संतोषजनक जवाब न
मिलने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गन्ना समितियां गांव मंे जाये
वहां गोष्ठी करें और प्रधानों को गन्ना उत्पादन के बारे में जानकारी दे।
शासन द्वारा प्रदत्त दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में बताया जाये और
उसके बाद किसानों के साथ गोष्ठी करते हुए गन्ना उत्पादन को लाभ दायक फसल
बनाने में शासकीय सहयोग की भी जानकारी दे। उन्होने कहा कि गन्ना बुआई की
लाभदायक विधि का किसानों के बीच प्रदर्शन कराये।

