मुसलमान एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठायें: मौलाना कादरी
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। नगर पंचायत बंकी स्थित कर्बला रोड पर दारुल उलूम बागे रजा के
तत्वाधान में दहशतगर्दी मुखालिफ कांफ्रेंस का आयोजन किया गया है। जिसकी
सरपरस्ती मौलाना हाफिज इशरत अली वारसी ने किया। इस अवसर पर श्री वारसी ने
कहा कि आज दुनिया के सभी मुसलमानों को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की
जरुरत है। काफ्रेंस की अध्यक्षता कर रहे कारी अब्दुल कलाम कादरी ने अपने
विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवाद आज पूरे विश्व की समस्या बन चुका
है और इससे न जाने कितने लोग प्रभावित हो रहे हैं। आतंकवाद ने अपनी जड़ें
पूरे मुल्क में फैला रखी है। श्री कादरी ने देश वासियों से अपील की धर्म
व जाति से ऊपर उठकर एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ें। उन्होने खासतौर से
नौजवानों से अपील की है कि आईएसआईएस जैसे खतरनाक संगठन से होशियार रहें।
क्योंकि यह संगठन सिर्फ नौजवानों को ही अपने जाल में फंसाकर जेहाद के नाम
पर बेगुनाहों का खून बहाने के लिये भेज देते हैं। ऐसे आतंकवादी संगठन को
करारा तमाचा मारकर बता दें कि हम अपने देश के प्रति वफादार व निष्ठावान
है। झारखण्ड के धनबाद जिले से आये हुए मौलाना असरार अहमद ने खिताब करते
हुए कहा कि आतंकवाद की जितनी भी निन्दा की जाये व कम हैं। उन्होने कहा कि
अपने बच्चों को इस्लामिक शिक्षा दी जाये ताकि कौम का कोई होनहार नौजवान
किसी के बहकावे में न आये। टाटा नगर झारखण्ड से आये मौलाना मोहम्मद रियाज
अहमद मिस्बाही ने कहा कि आज वक्त है कि पैगम्बर मोहम्मद (स.अ.व.) की जीवन
शैली को अपनाया जाये। उसी से कौम और देश का भला हो सकेगा और जो लोग
आतंकवाद का समर्थन करते हैं तो उनकी घोर निन्दा की जाये और उसको इस्लाम
से निकाला जाये। ऐसे लोग पूरी इंसानियत के दुशमन है। इस मौके पर
क्षेत्रीय सभासद सबीना परवीन, चौ. मो. इरफान, मौलाना हाफिज उल्ला कारी,
परवेश कुरैशी, नईम खान उर्फ कालू, शकील सलमानी, पम्मू सलमानी आदि लोग
मौजूद थे।

