गुड न्यूज, दिल्ली के लिए लुधियाना से स्पाइस की उड़ान जल्द
https://husainijnp.blogspot.com/2016/04/blog-post_846.html
देश की अग्रणी एयरलाइन्स कंपनी स्पाइस ने शर्तों के साथ लुधियाना-नई दिल्ली हवाई सेवा शुरू करने में रुचि दिखाई है। एयरलाइंस की सहमति के बाद कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से तालमेल कर रही है। सीआईआई की प्राथमिकता है कि स्पाइस की शर्तों के तहत एयरपोर्ट के रनवे की री-कारपेटिंग कराई जा सके और एयरपोर्ट पर विमानों की लैंडिंग के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जा सकें।
लुधियाना में साहनेवाल स्थित एयरपोर्ट से तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने मई 2011 में दिल्ली के लिए घरेलू हवाई सेवा शुरू करवाई थी। उस दौरान डिप्टी सीएम सुखबीर बादल और तिवारी में इसके लिए जबरदस्त क्रेडिट वार भी छिड़ा था। एयर इंडिया ने अपना 42 सीटर विमान इस रूट पर चलाया था, लेकिन कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह विमान सेवा मई 2014 में पूरी तरह से बंद हो गई।
उसके बाद से साहनेवाल एयरपोर्ट वीरान पड़ा है। कभी कभार कारपोरेट घरानों के चार्टर्ड विमान यहां लैंड करते या उड़ान भरते हैं। सीआईआई के पंजाब हैड सुमनप्रीत सिंह मानते हैं कि स्पाइस ने शर्तों के आधार पर लुधियाना दिल्ली विमान सेवा शुरू करने की इच्छा जताई है। अब इस संबंध में एयरपोर्ट अथारिटी के साथ रनवे को बेहतर बनाने और लैंडिंग सुविधाएं बढ़ाने को लेकर बातचीत की जा रही है।
सीआईआई के पूर्व जोनल चेयरमैन और शिंगोरा शाल्स के डायरेक्टर अमित जैन का दावा है कि चंडीगढ़ से जाने वाले एयर ट्रैफिक में 16 फीसदी हिस्सा लुधियाना के यात्रियों का है। अमित ने कहा कि अभी रनवे 4800 फीट का है। यदि 32 एकड़ जगह और लेकर इसकी लंबाई 6500 फीट तक कर दी जाए तो आसानी से 72 सीटर विमान की लैंडिंग कराई जा सकती है। लुधियाना से रोजाना 72 सीटर के दो-दो विमानों के आने और जाने का लोड है, जो अभी चंडीगढ़ के जरिए रूट हो रहा है।
सीआईआई लुधियाना जोनल काउंसिल के चेयरमैन अमित थापर का भी मानना है कि एयरपोर्ट न होने के कारण लुधियानवियों को काफी दिक्कत हो रही है। एयरपोर्ट को शीघ्र ही शुरू करने के प्रयास करने चाहिए, ताकि लोगों का आना जाना आसान हो सके और चंडीगढ़ पर निर्भरता खत्म हो सके।
लुधियाना में साहनेवाल स्थित एयरपोर्ट से तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने मई 2011 में दिल्ली के लिए घरेलू हवाई सेवा शुरू करवाई थी। उस दौरान डिप्टी सीएम सुखबीर बादल और तिवारी में इसके लिए जबरदस्त क्रेडिट वार भी छिड़ा था। एयर इंडिया ने अपना 42 सीटर विमान इस रूट पर चलाया था, लेकिन कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह विमान सेवा मई 2014 में पूरी तरह से बंद हो गई।
उसके बाद से साहनेवाल एयरपोर्ट वीरान पड़ा है। कभी कभार कारपोरेट घरानों के चार्टर्ड विमान यहां लैंड करते या उड़ान भरते हैं। सीआईआई के पंजाब हैड सुमनप्रीत सिंह मानते हैं कि स्पाइस ने शर्तों के आधार पर लुधियाना दिल्ली विमान सेवा शुरू करने की इच्छा जताई है। अब इस संबंध में एयरपोर्ट अथारिटी के साथ रनवे को बेहतर बनाने और लैंडिंग सुविधाएं बढ़ाने को लेकर बातचीत की जा रही है।
सीआईआई के पूर्व जोनल चेयरमैन और शिंगोरा शाल्स के डायरेक्टर अमित जैन का दावा है कि चंडीगढ़ से जाने वाले एयर ट्रैफिक में 16 फीसदी हिस्सा लुधियाना के यात्रियों का है। अमित ने कहा कि अभी रनवे 4800 फीट का है। यदि 32 एकड़ जगह और लेकर इसकी लंबाई 6500 फीट तक कर दी जाए तो आसानी से 72 सीटर विमान की लैंडिंग कराई जा सकती है। लुधियाना से रोजाना 72 सीटर के दो-दो विमानों के आने और जाने का लोड है, जो अभी चंडीगढ़ के जरिए रूट हो रहा है।
सीआईआई लुधियाना जोनल काउंसिल के चेयरमैन अमित थापर का भी मानना है कि एयरपोर्ट न होने के कारण लुधियानवियों को काफी दिक्कत हो रही है। एयरपोर्ट को शीघ्र ही शुरू करने के प्रयास करने चाहिए, ताकि लोगों का आना जाना आसान हो सके और चंडीगढ़ पर निर्भरता खत्म हो सके।

