बाबा साहब के नाम पर सियासत नहीं होनी चाहिए - निर्मल खत्री
https://husainijnp.blogspot.com/2016/04/blog-post_699.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी | बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के सपनो को साकार करने की नियत सिर्फ कांग्रेस पार्टी रखती है उनकी 125 जयंती पर आयोजित कार्यक्रम ऐतिहासिक आयोजन है । कुछ अवसरवादी दल जिनकी बाबा साहब के सिद्धान्तों, सपनो से कोई लेना देना नहीं है वह आये दिन और जनता को लुभाकर हसीन सपने दिखाकर हमारी पूंजी को हथिया लिया और अब कह रहे है कि हम ही उनके असली वारिस है । आजादी से लेकर आज तक कांग्रेस पार्टी बाबा साहब के आदर्शो पर चलकर उनके सिद्धान्तों को जिवित रखा है और आज के राजनैतिक दल अपने को उनके आदर्शो को हितैषी बताकर राजनीति कर रहे है । कांग्रेस पार्टी और मेरा यह मानना है कि बाबा साहब के नाम पर राजनीति नहीं होना चाहिये ।
उक्त बाते उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ निर्मल खत्री ने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की 125 जयंती के अवसर पर राज्यसभा सांसद पी एल पुनिया द्वारा राजकीय इण्टर कालेज प्रांगण आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किया जिसका अध्यक्षता अमरनाथ मिश्रा तथा संचालन प्रवक्ता सरजू शर्मा ने किया ।
प्रदेश अध्यक्ष खत्री ने कहा कि आज प्रदेश में दो दल और भी राजनीति कर रहे है एक समाजवादी जो राममनोहर लोहिया को अपना आदर्श मानते है लेकिन उनके मुखिया मुलायम सिंह का समाजवाद की विचारधारा से कोई लेना देना नहीं उनका समाजवाद परिवारवाद है और सब लुटे और सब खाये तक ही समाजवाद सिमित है । बहुजन समाज पार्टी की मुखिया दौलत की बेटी ने मान्यवर काशीराम के विचारो को दफ़न करके भाजपा के साथ सत्ता में भागीदारी करके साबित कर दिया है की उनका अम्बेडकर और काशीराम के विचारो से दूर-दूर तक वास्ता नहीं है । आज पी एल पुनिया ही एक व्यक्ति है जो इन ताकतों को जमकर मुकाबला कर सकते है अगर पी एल पुनिया जैसे ही कुछ सहयोगी और मिल जाये तो निश्चित है कि हाथी के निशान का नाम लेने वाला कोई नहीं मिलेगा ।
कार्यक्रम के आयोजक राज्यसभा सांसद पी एल पुनिया ने आये हुए अतिथियो का स्वागत करते हुए कहा की आज बाबा साहब के सिद्धान्त और आदर्श सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया की जरुरत है और इसी के चलते दुनिया के 180 देशो में जहा बाबा साहब की जयंती मनायी गयी वही संयुक्त राष्ट्र में बाबा साहब की जयंती मनना यह साबित करता है कि उनके उपदेशो पर चलकर दुनिया विकास, खुशहाली के रास्ते पर चल सकती है आज हमारे विकास की सबसे बड़ी बाधक जाति व्यवस्था है जिसे तोड़ने का बीड़ा बाबा साहब ने उठाया था आज बाबा साहब की जयंती के अवसर पर हमे उनके बताये हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना होगा और उनकी दी हुयी शिक्षा शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो को आत्मसात करना होगा ।
बाबा साहब की जयंती पर मुख्य रूप से रिज़वान किदवई, रामजियावन यादव, गयासुद्दीन किदवई, अमीर हैदर, प्रेमा अवस्थी, छोटेलाल चौरसिया, दीपक सिंह, मो. इरफ़ान, सुनीता निषाद, राम हरख रावत, विजय पाल गौतम, के सी श्रीवास्तव, अजय रावत, सुहेल अहमद, ज्ञानेश शुक्ल, अक़ील अंसारी, अनुराग सिंह अन्ना, शिव बहादुर वर्मा, कपिल देव वर्मा, रमन द्वेवेदि, महबूब किदवई, सना मुही, दिशा चैम्बर, शहजादे आलम, इज़हार अहमद, अन्नपूर्णा तिवारी,शबनम वारिस, कमलेश शर्मा, डिंपल सिंह, राज कुमार सिंह,जफरुद्दीन, दानिश शोएब खान, मो. वैश, सिकंदर रिज़वी, शोएब अहमद, मो अकरम, बाबू खान, शिव ओम् मिश्रा, अतुल दुबे, माया गौतम, मीरा गौतम, सरोज गौतम, आराधना रावत, राजा राम गौतम, गुलफाम, राजेंद्र फोटोवाला सहित हज़ारो की संख्या में बाबा साहब के अनुयायी तथा स्थानीये जनता उपस्थित थी ।


