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रिश्वत के दम पर जेसीबी चीर रहीं धरती ’मां’ का सीना

अजमी रिज़वी / आसिफ हुसैन
बाराबंकी। लोगों के बीच एक कहावत है कि बाराबंकी की आबोहवा में पैसा है,
बस पकड़ने का हुनर चाहिए। यह कहावत बाराबंकी जिले के लिए एकदम सटीक बैठ
रही है। आखिर कुछ तो कारण है कि चाहे वह पूर्वान्चल के लोग हों या
पश्चिमांचल के, बाराबंकी जनपद सबकी पहली पसंद है। सूबा राजधानी के
निकटस्थ जनपद बाराबंकी में अवैध खनन माफियाओं की सरबुलंदी के चर्चे जोरों
पर हैं। जिले में अवैध रूप से मिट्टी खनन करने वाले अपने आप को सत्तानशीन
हुक्मरानों का खैरख्वाह बता कर धरती का सीना चीरने में जुटे हुए हैं।
शर्म की बात यह है कि यह सब जिला मुख्यालय के आसपास बड़े पैमाने पर हो रहा
है। सब कुछ प्रशासन की जानकारी में हो रहा है। सभागार में बैठकर खनन
रोकने की बातें करने वाले अधिकारियों द्वारा बरती जा रही सुस्ती बाराबंकी
की जमीन के लिए दिनोंदिन घातक होती चली जा रही है। नगर कोतवाली और थाना
सतरिख का क्षेत्र अवैध खनन माफियाओं के लिए सबसे पोषक जगह बन चुकी है। वह
भी दोनों क्षेत्रों में एक दबंग अवैध खनन माफिया द्वारा लगातार अवैध खनन
को अंजाम दिया जा रहा है। नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गदिया, ग्वारी,
पलिया मसूदपुर सहित कई अन्य गांवों में ग्राम भुहेरा निवासी विनोद यादव
द्वारा अवैध रूप से मिट्टी खनन कराया जा रहा है। यह मिट्टी जिला मुख्यालय
के आसपास होने वाली प्लाटिंग में भेजी जा रही है। जिले का थाना सतरिख
क्षेत्र भी इस खनन माफिया से अछूता नहीं है। सूत्रों की माने तो थाना
पुलिस की सरपरस्ती में मध्यरात्रि 12 बजे से सुबह 4 बजे तक अवैध खनन
करवाया जा रहा है। जिसकी जानकारी थाना सतरिख को बाकायदा है। हालंाकि
सूत्रों की माने तो एक रात के लिए विनोद यादव द्वारा थाना सतिरख को 7000
रूपये दिये जाते हैं। इसमें एक बात और गौर करने वाली यह है कि यह सात
हजार रूपये मात्र एक ही जगह के खनन क्षेत्र के लिए टोकन मनी है। यदि
सतरिख क्षेत्र में एक ही रात में अलग-अलग गांवों से अवैध खनन करवाना है
तो यह प्रति जगह खनन का दर त्वरित दुगना हो जायेगा। अर्थात सात हजार
रूपये प्रति गांव खनन के लिए थाना सतरिख द्वारा तय किया गया है। अब
थानाध्यक्ष सतरिख अपने विभागीय मालिकान को कितना देते हैं, यह बात तो
सोंचने वाली है। स्वाभाविक है रिश्वत का पैसा अगर अकेले खायेंगे तो हाजमा
खराब होने का डर भी बना रहेगा। अब थाना सतरिख क्षेत्र अन्तर्गत होने वाले
अवैध खनन से सम्बद्ध गांवों की सूची पर एक नजर डालते हैं। सतरिख-चिनहट
मार्ग स्थित ग्राम असई का पुरवा, शैलखा मजरे जफरपुर में पिछले काफी अरसे
से अवैध खनन चल रहा है। लेकिन अब वर्तमान में सतरिख-बाराबंकी मार्ग स्थित
ग्राम छेदानगर में अवैध रूप से सैकड़ों बीघा खेतों की मिट्टी खोद कर
बड़े-बड़े गड्ढ़ों में तब्दील कर दिये गये हैं। इसकी जानकारी भी थाना सतरिख
पुलिस सहित क्षेत्रीय लेखपाल राघवेन्द्र सिंह को है। क्षेत्रीय लेखपाल ने
तो फोन पर वार्ता के दौरान बताया कि अवैध खनन माफिया सिर्फ पुलिस को टोकन
मनी (सुविधा शुल्क) देता है। हमें केवल इतनी जानकारी है कि हां खनन हो
रहा है। इसमें हमारी कोई कमी नहीं है। बाकी तो सब आप जानते ही हैं। तहसील
प्रशासन की जानकारी और मंजूरी तो परोक्ष रूप से होती ही है। इतना ही
नहीं, अवैध खननकर्ता के हाथ नगर कोतवाली की ओर भी बढ़ चुके हैं। नगर
कोतवाली क्षेत्र के गंावों में भी बीती रात जमकर जेसीबी मशीने धरती को
चीर रही थीं। जब ग्राम पलिया मसूदपुर के क्षेत्रीय लेखपाल से बात करने की
कोशिश की गयी तो उनका नम्बर पहुंच से बाहर बताता रहा। ऐसा ही कुछ
क्षेत्रीय लेखपाल ग्राम गदिया उमेश सिंह के साथ भी हुआ। जब उनसे बात करने
की कोशिश की गयी तो उनका नम्बर पहुंच के बाहर ही बताता रहा। पूर्व
जिलाधिकारी द्वारा अवैध खनन पर रोक लगाने की भरसक कोशिश की गयी थी। उसपर
कुछ लगाम भी लगी थी। लेकिन सूत्रों की माने तो अब पूर्व डीएम आईएएस
योगेश्वर राम मिश्र के जाते ही हालात बद से बदतर हो गये। विश्वस्त
सूत्रों की माने तो एडीएम हरिकेश चौरसिया की मौन संलिप्तता और डीएम की
अनभिज्ञता जिले की कृषि योग्य भूमि को बरबाद करती जा रही है। पुलिस
द्वारा अवैध खनन माफिया विनोद यादव को दी जा रही शह बाराबंकी जमीन के लिए
अभिशाप बनती जा रही है। स्थानीय संभ्रांत लोगों की माने तो इस थाने पर
आने वाले हर थानेदार का यह रवैया रहता है। पैसा वो कमाते हैं और जमीनें
सतरिख और नगर कोतवाली क्षेत्र की बरबाद होती जा रही हैं। चंद नोटों की
खुशबू में पुलिस का ईमान इस कदर डोल चुका है कि अब उनको सिर्फ और सिर्फ
पैसा ही दिखाई देता है।

डीएम बदला, बदले हालात

बाराबंकी। जिले में जब तक आईएएस योगेश्वर राम मिश्र बतौर जिलाधिकारी रहे
खनन माफियाओं पर एक मजबूत नकेल कसी रही। लेकिन उनके स्थानान्तरण के बाद
से हालात फिर से एक बार पूर्व डीएम मिनिस्ती एस के कार्यकाल की याद
दिलाने लगा है। ज्ञात हो कि हाईवे किनारे अवैध प्लाटिंग के मामले में
बाराबंकी यूपी में अव्वल है। इसके लिये जमीन की पटाई सतरिख थाना क्षेत्र
की मिट्टी खोदकर बदसतूर की जा रही है।

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