कुछ ऐसे चलानी होगी बुलेट ट्रेन, तभी समय पर चुका पाएंगे कर्ज
https://husainijnp.blogspot.com/2016/04/blog-post_965.html
अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन अगर रोजाना 100 फेरे लगाती है, तब जाकर रेलवे समय पर इस प्रोजेक्ट के लिए लिए गए लोन को लौटा सकेगा। यह रिपोर्ट आईआईएम अहमदाबाद की ओर से बनाई गई है। इसके तहत ट्रेन को रोजाना 88 हजार से 1.18 लाख यात्रियों को ढोना होगा। इसके लिए रेलवे को हर घंटे 3 ट्रेनों को रवाना करना होगा।
यह रिपोर्ट 'डेडिकेटेड हाई स्पीड रेलवे नेटवर्क इन इंडिया: इश्यू इन डेवलपमेंट' नाम से प्रकाशित की गई है। इस रिपोर्ट को आईआईएम के फैकल्टी मेंबर जी रघुराम और प्रशान्त उदयकुमार ने साथ मिलकर बनाया है।
इस रिपोर्ट के अनुसार अगर रेलवे 300 किलोमीटर की दूरी के लिए प्रति व्यक्ति 1500 रुपए की टिकट रखता है और रोजाना 88 हजार से 1.18 लाख यात्रियों को ढोता है, तभी वह समय पर अपना कर्ज चुका पाएगा। यह ट्रेन कुल मिलाकर 534 किलोमीटर की दूरी एक तरफ से तय करेगी।
यह रिपोर्ट 'डेडिकेटेड हाई स्पीड रेलवे नेटवर्क इन इंडिया: इश्यू इन डेवलपमेंट' नाम से प्रकाशित की गई है। इस रिपोर्ट को आईआईएम के फैकल्टी मेंबर जी रघुराम और प्रशान्त उदयकुमार ने साथ मिलकर बनाया है।
इस रिपोर्ट के अनुसार अगर रेलवे 300 किलोमीटर की दूरी के लिए प्रति व्यक्ति 1500 रुपए की टिकट रखता है और रोजाना 88 हजार से 1.18 लाख यात्रियों को ढोता है, तभी वह समय पर अपना कर्ज चुका पाएगा। यह ट्रेन कुल मिलाकर 534 किलोमीटर की दूरी एक तरफ से तय करेगी।

