हवन-पूजन के साथ सम्पन्न हुआ सात दिवसीय भागवत कथा
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जौनपुर। नगर के शकरमण्डी (सुल्तानपुर) में आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा का शनिवार को समापन हो गया जहां लोगों ने हवन-पूजन किया। इस मौके पर मथुरा से आये मदन मोहन जी महाराज बृजवासी ने सुदामा चरित्र के बारे में वर्णन करते हुये कहा कि सुदामा जी गरीब जरूर थे परन्तु दरिद्र नहीं। दरिद्र तो वह है जो असंतोषी होता है। सुदामा जी तो संतोष की खान थे व गरीबी की पराकाष्ठा थे। इस दौरान विभिन्न प्रकार की झांकियों का दृश्यांकन हुआ जिसे देख लोग भाव-विभोर हो गये। कलाकारों ने वामन अवतार, रूकमणी विवाह, सुदामा चरित्र, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया। इस अवसर पर राजमणि सिंह, डा. प्रशांत, राज नारायण, सावित्री, डा. शुचि, हरि नारायण, निर्मला आदि मौजूद रहे। अन्त में दिव्य चेतना केन्द्र की तरफ से प्रदीप सिंह साईं द्वारा महाराज जी को अंगवस्त्रम् प्रदान किया गया।
