CM सिटी में ट्यूशन के नाम पर हो रहा एेसा काम, देख शर्म से झुकी लोगों की नजरें
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करनाल (कमल मिड्ढा): सीएम सिटी करनाल में धड़ाधड ट्यूशन सेंटर के नाम पर करने का मामला सामने आया है।
मिली जानकारी के अनुसार ट्यूशन सेंटर्स में बच्चे पढ़ाई के लिए कम और आवारगी के लिए ज्यादा आ रहे हैं। शाम होते ही सेैक्टरों में मौजूद इन ट्यूशन केन्द्रों के आस-पास लड़के लड़कियों की भीड़ लगने लगती है और फिर इनके बेबाक अंदाज और अश्लीलता भरी मस्ती का दौर शुरू हो जाता है। आजादी पाने की चाहत में ये लड़के लड़कियां भूल जाते है कि आस पास बुजुर्ग लोग भी रहते हैं, जिन्हें इनकी ऐसी हरकतों से रोज शर्मिंदा होना पड़ता है। यही नहीं ट्यूशन के नाम पर अभिभवकों की आंखों में धुल झोंककर घर से आने वाले ये बच्चे सड़कों को भी किसी फिल्म के सेट से कम नहीं समझते और धूम फिल्म की तर्ज पर बाइक्स को इतनी तेजी से दौड़ातें है कि देखने वाले की सांसे रुक जाएं। पुलिस की मौजूदगी की भी इन बेफिक्र क्रेजी युवाओं को कोई परवाह नहीं, ऐसे में अगर तेज हॉर्न और स्पीड का नशा किसी दिन किसी बड़े हादसे का सबब बन जाए तो कोई हैरानी वाली बात नहीं होगी। मां-बाप को भी अपने ट्यूशन जाने वाले बच्चों की निगरानी करने और इन्हें सही रास्ते पर लाने की जरूरत है। कहीं, ऐसा न हो कि जिस बच्चे से वे मैरिट में आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं वो एक दिन सड़क छाप मवाली के रूप में उनकी नाक कटवा डाले। बताया जा रहा है कि आवारा गर्दी इतनी बढ़ गई है कि महिलाओं का घरों से बाहर निकलना ही मुश्किल हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार ट्यूशन सेंटर्स में बच्चे पढ़ाई के लिए कम और आवारगी के लिए ज्यादा आ रहे हैं। शाम होते ही सेैक्टरों में मौजूद इन ट्यूशन केन्द्रों के आस-पास लड़के लड़कियों की भीड़ लगने लगती है और फिर इनके बेबाक अंदाज और अश्लीलता भरी मस्ती का दौर शुरू हो जाता है। आजादी पाने की चाहत में ये लड़के लड़कियां भूल जाते है कि आस पास बुजुर्ग लोग भी रहते हैं, जिन्हें इनकी ऐसी हरकतों से रोज शर्मिंदा होना पड़ता है। यही नहीं ट्यूशन के नाम पर अभिभवकों की आंखों में धुल झोंककर घर से आने वाले ये बच्चे सड़कों को भी किसी फिल्म के सेट से कम नहीं समझते और धूम फिल्म की तर्ज पर बाइक्स को इतनी तेजी से दौड़ातें है कि देखने वाले की सांसे रुक जाएं। पुलिस की मौजूदगी की भी इन बेफिक्र क्रेजी युवाओं को कोई परवाह नहीं, ऐसे में अगर तेज हॉर्न और स्पीड का नशा किसी दिन किसी बड़े हादसे का सबब बन जाए तो कोई हैरानी वाली बात नहीं होगी। मां-बाप को भी अपने ट्यूशन जाने वाले बच्चों की निगरानी करने और इन्हें सही रास्ते पर लाने की जरूरत है। कहीं, ऐसा न हो कि जिस बच्चे से वे मैरिट में आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं वो एक दिन सड़क छाप मवाली के रूप में उनकी नाक कटवा डाले। बताया जा रहा है कि आवारा गर्दी इतनी बढ़ गई है कि महिलाओं का घरों से बाहर निकलना ही मुश्किल हो गया है।

