सालाना उर्स की तैयारियां जोरों पर
https://husainijnp.blogspot.com/2016/05/blog-post_150.html
सतरिख, बाराबंकी। कस्बा सतरिख में प्रत्येक दरगाह हज़रत सैय्यद सालार साहू
ग़ाज़ी (बूढ़े बाबा) पर लगने वाले पांच दिवसीय मेले की तैयारियों को अंतिम
रूप देने में मेला प्रबन्ध तंत्र जुटा है। मेले के विशाल परिसर की साफ
सफाई आसताने की रंगाई पुताई ज़ायरीनों के ठरहने के लिए रैन बसेरे का
निर्माण कार्य पूरे शबाब पर है। जिला मुख्यालय से लगभग 8 कि.मी. दूर
स्थित कस्बा सतरिख मंे इस पांच दिवसीय मेले में देश प्रदेश के कोने-कोने
से सभी धर्मावलम्बी लाखो की संख्या में आकर अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते
हुए बाबा के आसताने पर चादर गागर निशान आदि पेश करते हैं और अपनी
मनोकामनाए पूरी होनी की दूआए मांगते हैं। यह वार्षिक उर्स भीषण गर्मी के
समय में 3 कि.मी की परिधि मंे फैला रहता है। हर खासो आम आसताने पर आकर
दर्शन करता है। प्रत्येक दिन लाल व नीली बत्तियाँ और रौनक बढ़ाती रहती
हैं। वहीं दरगाह शरीफ रोड पर अतिक्रमण श्रद्धालुओं के लिए कठिनाई बना
हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रत्येक वर्ष की भॉति ज़िला
मजिस्टेªेट की विशेष सहयोग से रोशनी, पानी, सफाई, चिकित्सा शिविर,
निर्बोध विद्युत आपूर्ति, जल आपूर्ति एवं मिट्टी के तेल की व्यवस्था के
साथ-साथ सम्पूर्ण पुलिस बल, फायर बिग्रेट की व्यवस्था रहती है, जिससे
शांति और सुरक्षा कायम रहे।
ग़ाज़ी (बूढ़े बाबा) पर लगने वाले पांच दिवसीय मेले की तैयारियों को अंतिम
रूप देने में मेला प्रबन्ध तंत्र जुटा है। मेले के विशाल परिसर की साफ
सफाई आसताने की रंगाई पुताई ज़ायरीनों के ठरहने के लिए रैन बसेरे का
निर्माण कार्य पूरे शबाब पर है। जिला मुख्यालय से लगभग 8 कि.मी. दूर
स्थित कस्बा सतरिख मंे इस पांच दिवसीय मेले में देश प्रदेश के कोने-कोने
से सभी धर्मावलम्बी लाखो की संख्या में आकर अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते
हुए बाबा के आसताने पर चादर गागर निशान आदि पेश करते हैं और अपनी
मनोकामनाए पूरी होनी की दूआए मांगते हैं। यह वार्षिक उर्स भीषण गर्मी के
समय में 3 कि.मी की परिधि मंे फैला रहता है। हर खासो आम आसताने पर आकर
दर्शन करता है। प्रत्येक दिन लाल व नीली बत्तियाँ और रौनक बढ़ाती रहती
हैं। वहीं दरगाह शरीफ रोड पर अतिक्रमण श्रद्धालुओं के लिए कठिनाई बना
हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रत्येक वर्ष की भॉति ज़िला
मजिस्टेªेट की विशेष सहयोग से रोशनी, पानी, सफाई, चिकित्सा शिविर,
निर्बोध विद्युत आपूर्ति, जल आपूर्ति एवं मिट्टी के तेल की व्यवस्था के
साथ-साथ सम्पूर्ण पुलिस बल, फायर बिग्रेट की व्यवस्था रहती है, जिससे
शांति और सुरक्षा कायम रहे।

