यूपी: शराब बिक्री का टारगेट नहीं हुआ पूरा, कई अफसर सस्पेंड, बाकी टेंशन में
https://husainijnp.blogspot.com/2016/05/blog-post_6.html
मथुरा। एक तरफ जहां बिहार में शराब पूरी तरह से बैन है वहीं पड़ोसी राज्य यूपी में एक्साइज अधिकारियों पर शराब बिक्री का टारगेट पूरा ना कर पाने के चलते सस्पेंड कर दिया। राज्य सरकार ने साल 2015-2016 के गिरते रेवेन्यू को देखते हुए यह कदम उठाया है।
मंगलवार को राज्य सरकार ने मथुरा में एक्साइज टीम के लगभग सभी इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। बता दें कि नए वित्तीय वर्ष से पहले ही देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों की नीलामी की जानी थी। लेकिन जिले में 680 देशी शराबकी दुकानों में 63 की नीलामी नहीं हो सकी थी। साथ ही अंग्रेजी शराब का उपभोग भी पिछले साल की तुलना में काफी कम हुआ था।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक मथुरा के तीन एक्साइज ऑफिसर को संजय यादव, रणविजय सिंह और विजय सिंह सोलंकी को सस्पेंड कर दिया गया है। इन अधिकारियों को निलंबल का पत्र भी दे दिया गया है। इनके निलंबन की पुष्टि करते हुए जिला आबकारी अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि देशी शराब की दुकानों की नीलामी न होना और अंग्रेजी शराब का कम उपभोग के करण ही यह कार्रवाई की गई है। अभी तक निलंबित इंस्पेक्टर के स्थान पर नई तैनाती नहीं की गई है।
वहीं सरकार की इस कार्रवाई के बाद दूसरे शहरों के अधिकारी भी तनाव में हैं। इन शहरों में भी टारगेट पूरा नहीं हो पाया है
मंगलवार को राज्य सरकार ने मथुरा में एक्साइज टीम के लगभग सभी इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। बता दें कि नए वित्तीय वर्ष से पहले ही देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों की नीलामी की जानी थी। लेकिन जिले में 680 देशी शराबकी दुकानों में 63 की नीलामी नहीं हो सकी थी। साथ ही अंग्रेजी शराब का उपभोग भी पिछले साल की तुलना में काफी कम हुआ था।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक मथुरा के तीन एक्साइज ऑफिसर को संजय यादव, रणविजय सिंह और विजय सिंह सोलंकी को सस्पेंड कर दिया गया है। इन अधिकारियों को निलंबल का पत्र भी दे दिया गया है। इनके निलंबन की पुष्टि करते हुए जिला आबकारी अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि देशी शराब की दुकानों की नीलामी न होना और अंग्रेजी शराब का कम उपभोग के करण ही यह कार्रवाई की गई है। अभी तक निलंबित इंस्पेक्टर के स्थान पर नई तैनाती नहीं की गई है।
वहीं सरकार की इस कार्रवाई के बाद दूसरे शहरों के अधिकारी भी तनाव में हैं। इन शहरों में भी टारगेट पूरा नहीं हो पाया है

