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इमाम हुसैन के जन्मदिवस पर बाराबंकी में जगह-जगह लोगों को पिलाया गया शर्बत

अजमी रिज़वी
अलमुस्तफा ट्रस्ट के तत्वाधान में दर्जनों महिलाओं व युवाओं ने किया रक्तदान
पुलिस चैकी पर मौलाना ने किया वाटर कूलर का उद्घाटन
बाराबंकी। राहे हक,इंसानियत को बचाने के लिये अपनी शहादत देने वाले हजरत इमाम हुसैन के शुभ जन्म दिवस पर शिया और सुन्नी समुदाय ने मिलकर कार्यक्रम का आयोजन किया इस मौके पर ब्लड डोनेशन कैम्प, सबील, नजरो नियाज व महफिल का आयोजन किया गया। इमाम हुसैन के जन्मदिवस के मौके पर शहर के प्रमुख जगहों पर सबील लगाकर लोगों को शर्बत पिलाया। इमामे मजलूम हजरत इमाम हुसैन के शुभजन्म दिवस पर जहा आसिफ सभासद ने रक्त दान किया वही सेव वक्फ इन्डिया के महासचिव शहाब खालिद, व इरफान कुरैशी ने सैयद शुजाअत हुसैन रिजवी नगरामी मेमोरियल ट्रस्ट के जेरे एहतेमाम राष्ट्रीय राजमार्गपर कर्बला सिविललाइन पे लगी सबील पर राहगीरो को शरबत से सेराब कराया।
 वहीं अलमुस्तफा ट्रस्ट के तत्वाधान में शहर के बस स्टाप स्थित पुलिस चैकी पर भीषण गर्मी से बचने के लिये वाटर कूलर लगाया गया । जिसका उद्घाटन मौलाना इमामे जुमा मो. रजा ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के दौरान मौलाना रजा ने कहा कि हमारे प्यारे रसूल के प्यारे नवासे हजरत इमाम हुसैन (अ.) जो मुसलमानों के तीसरे इमाम हैं। उन्होने कहा कि मदीने में तीन शाबान को जुमे के दिन पैदा हुए। इमाम हुसैन के पिता हजरत अली (अ.) और माता बीबी फातिमा हैं। आपके भाई का नाम इमाम हसन है जो मुसलमानों के दूसरे इमाम हैं। मौलाना रजा ने आगे कहा कि इमाम हुसैन के लिये रसूल ने कहा कि हमारे हुसैन जन्नत के जवानों के सरदार हैं। इमाम हुसैन ने सिर्फ दीन ही नही बल्कि रुसवा होती इंसानियत को बचाकर दुनिया वालों को बता दिया। कि जालिम यजीद हमारा सर तो काट सकता है मगर न दीन को मिटा सकता और न इंसानियत को रुसवा कर सकता है। चौकी के सामने सबील लगाकर आने जाने वाले लोगों की प्यास बुझाई गयी।
दूसरी तरफ सिविल लाइन्स कर्बला गेट पर रिजवान मुस्तफा के तत्वाधान में सबील का स्टाल लगाया गया।आलमपुर में रौजे पर जश्ने शहीदे कर्बला के नाम से महफिल का आयोजन किया गया जिसका आगाज हदीसे किसा व कलामे इलाही से मौलाना अयाज ने कियां। पेश ख्वानी करते हुए सरवर अली रिजवी ने पढ़ा साकिया भर दे मेरा पैमाना, रहे, आबाद तेरा मैखाना, बस यही है सदायें रिंदाना, मैं तो हु आप का ही दीवाना, तेरी चैखट है और सरवर है। आने वाला नबी का दिलवर है आने वाला अली का दिलबर है।मौलाना उरूजुल हसन मीसम ने महफिल को खिताब किया मौलाना इरफान व तमाम बैरूनी व मुकामी शायरों ने अपने नजरानयें अकीदत पेश किये।  इससे पूर्व अलमुस्तफा ट्रस्ट के नौजवानों ने जिला चिकित्सालय ब्लड बैंक पर ब्लड डोनेशन कैम्प लगाया गया। जिसमें दर्जनों नौजवानों व महिलाओं ने शहीदे आजम इमाम हुसैन के नाम पर अपना खून दान किया। रक्तदान करने वाले शबात जैदी, हसन सज्जाद, आरिज मेंहदी, सलीम जैदी, अली समीर, आसिफ सभासद, सफदर रियाज, तंजीम फातिमा, आयाज हैदर, मंजर अब्बास ‘शैजू‘ सहित दर्जनो महिलाओं व नौजवानों ने रक्तदान किया। इस अवसर पर चिकित्साधीक्षक डा. एस.के सिंह, डा. ए.के शुक्ला, डा. एस.बी श्रीवास्तव सहित कर्मचारीगण उपस्थित थे।
रक्तदान के दौरान चिकित्साधीक्षक डा. एस.के सिंह ने कहा कि यह एक सराहनीय कार्य है जिसमें हर धर्म के लोगों को बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिये। ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिये खून की कमी न होने पाये। डा. एस.के सिंह ने रक्तदान करने वालों का शुक्रिया अदा किया। अलमुस्तफा ट्रस्ट के तत्वाधान में बस स्टाप स्थित पुलिस चैकी के सामने सबील का स्टाल लगाया गया। जो देर शाम तक लोगों को शर्बत पिलाया गया। इस मौके पर सिविल चौकी पर तैनात सिपाही अवनीश सिंह, एस.के शुक्ला, सभासद सादिक हुसैन, जहीर जैदी, हैदर रिजवी, पत्रकार मनीष सिंह, आयाज हैदर, अलीम जावा, ओसामा कामिल, रईसुल हसन, मुक्कमल, अजमल किन्तूरी आदि मौजूद थे।

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