मायावती ने अमित शाह के दलित प्रेम को बताया ‘नौटंकी
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लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा दलितों के साथ भोजन करने को ‘नाटक’ करार दिया। ज्ञात हो कि मंगलवार को शाह ने वाराणसी के जोगियापुर गांव में दलितों के साथ भोजन किया था। मायावती ने कहा, बीजेपी अध्यक्ष का दलित प्रेम और दलित के घर भोजन करना महज नौटंकी है।' मायावती ने एक बयान में कहा, अमित शाह का दलित परिवार के घर भोजन करना नौटंकी से ज्यादा कुछ नहीं है। बीजेपी दलितों की कभी हितैषी नहीं हो सकती।'
राहुल गांधी की तरह अमित शाह कर रहे नौटंकी
मायावती ने कहा कि अमित शाह एक आेबीसी समाज के व्यक्ति के घर कुछ दलितों के साथ खाना खाने का वैसा ही नाटक करते हैं जैसा कांग्रेस पार्टी के युवराज (राहुल गांधी) खासकर बसपा शासन के दौरान उत्तर प्रदेश में किया करते थे।’’
कांशीराम की प्रतिमा तोडऩे वालों पर सख्त कार्रवाई करे हरियाणा सरकार
बसपा प्रमुख मायावती ने भाजपा शासित हरियाणा में कांशीराम की प्रतिमा तोडे़ जाने की घटना की निन्दा करते हुए आज मांग की कि हरियाणा सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। मायावती ने कहा, ‘‘डॉ. भीमराव अंबेडकर के निधन के बाद उनके मानवतावादी आंदोलन को गति प्रदान करने वाले कांशीराम की प्रतिमा को तोडऩे का घिनौना काम किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के गुडग़ांव में अज्ञात लोगों ने कल बसपा संस्थापक कांशीराम की प्रतिमा तोड़ दी थी।
आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त करने की हो रही साजिश
मायावती ने कहा कि भाजपा आज से नहीं बल्कि जनसंघ के समय से ही अपने चाल, चरित्र व चेहरे से हमेशा ही जातिवादी प्रवृत्ति की रही है और इनकी दलित-विरोधी मानसिकता के कारण ही यहां दलित व पिछड़े समाज के लोगों को अपूरणीय क्षति झेलनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि इसी ही मानसिकता के कारण दलितों को आत्मसम्मान व स्वाभिमान से जीने का हक खासकर भाजपा शासित राज्यों में नहीं दिया जा रहा है। उनको मिलने वाले आरक्षण के संवैधानिक हक से भी वंचित रखा जा रहा है। इतना ही नहीं बल्कि अब तो आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त करने की ही साजिश की जा रही है। मायावती ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस के साथ मिलकर आरक्षण की कानूनी व्यवस्था को पहले ही काफी निष्क्रिय व निष्प्रभावी बना दिया है, जिससे सरकारी नौकरियों में अब इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है।
किसान विरोधी है मोदी सरकार
मायावती ने कहा, ‘‘भाजपा और नरेन्द्र मोदी सरकार किसानों की कितनी ज्यादा विरोधी है और किसानों को, उनकी जमीन से बेदखल करके उद्योगपतियों को जमीन देने के मामले में कितनी हद तक आगे जा सकती है, यह पूरे देश ने देखा है।’’ बसपा प्रमुख ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून को बदलने के लिये मोदी सरकार बार-बार नया अध्यादेश लाई। लेकिन अन्य राजनीतिक पार्टियों के सख्त विरोध और किसानों की जबर्दस्त एकजुटता के कारण भाजपा सरकार को फिर मुंह की खानी पड़ी और उस किसान-विरोधी अध्यादेश को अन्तत: वापस लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश मेें 2017 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर दलितों, अन्य पिछड़ों व किसानों आदि को बरगलाने के प्रयास हो रहे हैं।
राहुल गांधी की तरह अमित शाह कर रहे नौटंकी
मायावती ने कहा कि अमित शाह एक आेबीसी समाज के व्यक्ति के घर कुछ दलितों के साथ खाना खाने का वैसा ही नाटक करते हैं जैसा कांग्रेस पार्टी के युवराज (राहुल गांधी) खासकर बसपा शासन के दौरान उत्तर प्रदेश में किया करते थे।’’
कांशीराम की प्रतिमा तोडऩे वालों पर सख्त कार्रवाई करे हरियाणा सरकार
बसपा प्रमुख मायावती ने भाजपा शासित हरियाणा में कांशीराम की प्रतिमा तोडे़ जाने की घटना की निन्दा करते हुए आज मांग की कि हरियाणा सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। मायावती ने कहा, ‘‘डॉ. भीमराव अंबेडकर के निधन के बाद उनके मानवतावादी आंदोलन को गति प्रदान करने वाले कांशीराम की प्रतिमा को तोडऩे का घिनौना काम किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के गुडग़ांव में अज्ञात लोगों ने कल बसपा संस्थापक कांशीराम की प्रतिमा तोड़ दी थी।
आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त करने की हो रही साजिश
मायावती ने कहा कि भाजपा आज से नहीं बल्कि जनसंघ के समय से ही अपने चाल, चरित्र व चेहरे से हमेशा ही जातिवादी प्रवृत्ति की रही है और इनकी दलित-विरोधी मानसिकता के कारण ही यहां दलित व पिछड़े समाज के लोगों को अपूरणीय क्षति झेलनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि इसी ही मानसिकता के कारण दलितों को आत्मसम्मान व स्वाभिमान से जीने का हक खासकर भाजपा शासित राज्यों में नहीं दिया जा रहा है। उनको मिलने वाले आरक्षण के संवैधानिक हक से भी वंचित रखा जा रहा है। इतना ही नहीं बल्कि अब तो आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त करने की ही साजिश की जा रही है। मायावती ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस के साथ मिलकर आरक्षण की कानूनी व्यवस्था को पहले ही काफी निष्क्रिय व निष्प्रभावी बना दिया है, जिससे सरकारी नौकरियों में अब इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है।
किसान विरोधी है मोदी सरकार
मायावती ने कहा, ‘‘भाजपा और नरेन्द्र मोदी सरकार किसानों की कितनी ज्यादा विरोधी है और किसानों को, उनकी जमीन से बेदखल करके उद्योगपतियों को जमीन देने के मामले में कितनी हद तक आगे जा सकती है, यह पूरे देश ने देखा है।’’ बसपा प्रमुख ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून को बदलने के लिये मोदी सरकार बार-बार नया अध्यादेश लाई। लेकिन अन्य राजनीतिक पार्टियों के सख्त विरोध और किसानों की जबर्दस्त एकजुटता के कारण भाजपा सरकार को फिर मुंह की खानी पड़ी और उस किसान-विरोधी अध्यादेश को अन्तत: वापस लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश मेें 2017 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर दलितों, अन्य पिछड़ों व किसानों आदि को बरगलाने के प्रयास हो रहे हैं।

