कोटेदार की शिकायत एसडीएम से, जांच की मांग
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यहां के तमाम ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत कर कोटेदार पर एपीएल के साथ
पात्र गृहस्थी के तहत आने वाला 150 कुन्टल खाद्यांन का वितरण न करके बेच
लेने का आरोप लगाया है। एसडीएम ने जांच के आदेश पूर्ति अधिकारी को दिये
है। तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के तेलमा गांव के कोटेदार पर दर्जनो
ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन कर एपीएल के साथ पत्र गृहस्थी के तहत आने
वाले राशन को डकार कर 150 कुंटल बेच लेने का आरोप लगाया है। उपजिलाधिकारी
को दिये गये शिकायती पत्र में तहसील क्षेत्र के तेलमा गांव के ग्रामीण
सुरेन्द्र कुमार, कमलेश, प्राणनाथ, वनवारी, दिगविजय सिंह, रामलाल, विनोद,
चन्द्रशेखर, हरिश्चन्द्र, अकबर अली, मायाराम, ब्रम्हा, सहित सैकडो
ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत कर उसमें कहा है कि यहां की मौजूदा
कोटेदार रामकुमारी, द्वारा राशन वितरण में घोर अनिमितता की जा रही है तथा
विगम माह मार्च व अप्रैल में गरीबों को पात्र गृहस्थी के तहत दिया जाने
वाला राशन का वितरण न कर 150 कुंटल बेच दिया है। जिसकी जानकारी होने
एसडीएम से 27 अप्रैल 16 को शिकायत की गई थी शिकायत होने के बाद 1 मई को
कोटेदार द्वारा राशन का वितरण शुरू किया गया। लेकिन मार्च अप्रैल के
खाद्यांन का वितरण नही कर रहा है। शिकायत में ग्रामीणों ने जहां कोटेदार
पर डेढ सौ कुंटल पात्र गृहस्थी के तहत आने वाले खाद्यांन को बेचने आरोप
लगाया है वही चीनी व मिट्टी तेल को भी कम देकर व मंहगे दाम पर वितरण करने
की बात भी कही है। शिकायत के बाद भी कोई भी अधिकारी कार्यवाही की बात अलग
जांच करने तक मौके पर नही पहुंचा है। जहां एक ओर गरीबों को कम दाम पर
खाद्यांन उपलब्ध करा रही है वही स्थानीय प्रशासन व छुटभैया नेताओं द्वारा
कोटेदार से घाल मेल कर गरीबो के खाद्यांन पर डाका डालने जैसा कार्य किया
जा रहा है। गरीब एक एक दाने के लिए मोहताज दिखाई दे रहा है वह दो वक्त की
रोटी जुटाने के लिए हांड तोड मेहनत कर किसी प्रकार अपने परिवार की
जीविका चला रहा है, गरीबों की इस समस्या के निदान के लिए सरकार उन्हे
सस्ते दाम पर खाद्यांन उपलब्ध करा रही है लेकिन उसका लाभ पात्रो को नही
मिल पा रहा है। आज के समय में एक बात सामन उभर कर आये दिन लोगो के जुबान
पर आती रहती है कि या तो आपकी पहुंच ऊंची हो या फिर आप के पास पैसा हो
इन दोनो में अगर किसी के पास एक भी है तो फिर वह चाहे जो कुछ करे
उच्चाधिकारियांे का ज्यादा दबाव पडने पर ही उस पर स्थानीय अधिकारी
कार्यवाही करेंगे नही तो उसके लिए स्थानीय अधिकारी अभयदान से कम नही। यह
बात तेलमा गांव के कोटेदार पर सटीक बैठती है। नाम न बताते हुए ग्रामीणों
ने कहा कि कोटेदार पर शिकायत के बाद भी कार्यवाही न होने के पीछे एक
स्थानीय कोटेदार है जो कोटेदारो का मशीहा कहा जाता है उसका संरक्षण
प्राप्त है तथा उसकी पहुंच कुछ सपा के छुटभैया नेताओं तक है जिसके चलते
अगर कोई मामला फंसता भी है तो उसे दबा दिया जाता है। इस संबंध में
उपजिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने कहा कि ग्रामीणों ने कोटेदार की शिकायत की
थी जिसकी जांच के लिए पूर्ति अधिकारी को जांच कर कार्यवाही करने के
निर्देश दिये थे अभी तक जांच रिर्पोट नही मिली है जांच के अनुसार कोटेदार
पर कार्यवाही की जायेगी। जब इस संबंध में पूर्ति अधिकारी से बात की गई तो
उन्होने बताया कि शिकायत मिलने के बाद कोटेदार को तलब किया गया था
जानकारी करने पर उसने बताया कि मार्च एवं अप्रैल का खाद्यांन रखा हुआ
वितरित कर दिया जायेगा। उन्होने कहा कि अभी तक की जांच में ग्रामीणों की
शिकायत सही पाई गई है जांच अभी चल रही है कोटेदार पर विधिक कार्यवाही की
जायेगी।

