सही कार्य न करने वाले कोटेदार नपेंगे: डीएम
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बाराबंकी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पर कोटेदारों की कार्यशाला जीआईसी
परिसर ऑडीटोरियम में खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा आयोजित की गयी। जिसमें
जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त कोटेदारों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय
खाद्य सुरक्षा अधिनियम की मंशा के तहत पात्र व्यक्तियों को उचित दर पर
खाद्यान्न और अन्य सामग्री उपलब्ध कराये। उन्होने निर्धारित तिथि पर सही
मात्रा में सही व्यक्ति को खाद्यान्न वितरण करने एवं पीडीएस सिस्टम को
दुरूस्त करने में सहयोग देने वाले कोटेदारों को बधाई देते हुए सही कार्य
न करने वाले कोटेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होने साफ कहा कि जो
कोटेदार सही कार्य नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई अवश्य होगी। गलत
काम करने वाले परिणाम भुगतने को तैयार रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून का समुचित क्रियान्वयन हो सके, इसके लिए
जिले के सारे कोटेदारों के लिए कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला में
उन्होने कोटेदारों की समस्याओं को भी जाना और कहा कि उनकी समस्याओं का
निदान किया जायेगा। जिलाधिकारी ने कोटेदारों से दो-एक महत्वपूर्ण
बिन्दुओं पर सजगता से अपने दायित्व के निर्वहन की अपेक्षा की। उन्होने
निर्देश दिया कि कोटेदार खाद्यान्न का प्रत्येक दशा में उठान सही करें।
जब तक खाद्यान्न का उठान सही नहीं होता, तब तक आगे की कार्यवाही में भी
अपेक्षित सुधार नहीं हो पायेगा। जिलाधिकारी ने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था
में सुधार एवं मजबूती के लिए कोटेदारों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की।
उन्होने कहा कि खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया, पात्र व्यक्तियों के चयन,
खाद्यान्न उठान आदि सभी मुद्दों पर कोटेदारों की भी महत्वपूर्ण
जिम्मेदारी है। व्यवस्थागत कमियों को दूर करने में कोटेदार पात्र
व्यक्तियों को चिन्हित कराने में पूरा सहयोग करें। खाद्यान्न वितरण के
सम्बन्ध में समय-समय पर जनता से प्राप्त होने वाली शिकायतों के मद्देनजर
जिलाधिकारी ने कोटेदारों को निर्देश दिया कि उचित दर विक्रेता दुकान पर
खाद्यान्न वितरण प्रणाली में पूरी पारदर्शिता बरते। इसके लिए निर्धारित
तिथि पर खाद्यान्न वितरण अनिवार्य है। अपरिहार्य स्थिति में कोटेदार को
अगली तिथि की जानकारी दिये जाने हेतु ग्राम पंचायत में प्रभावी ढंग से
प्रचार-प्रसार किये जाने हेतु मुनादी करानी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि
आज जनता काफी जागरूक है। खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में शिकायत आना
अत्यन्त गम्भीर मामला है। समाज के सबसे गरीब व्यक्ति को खाद्यान्न वितरण
की व्यवस्था की गयी है। शासन द्वारा सौंपे गये दायित्व निर्वहन के साथ ही
कोटेदार का मानवीय दायित्व है कि पात्र व्यक्ति को सही मात्रा में सही
समय पर खाद्यान्न मिल सके। अतएव कोटेदार को पूरी सतर्कता और मानवीय भावना
के साथ खाद्यान्न वितरण करना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र गृहस्थी
हेतु बनायी गयी सूची का सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होने आशा व्यक्त की
कि सूची में केवल पात्र व्यक्तियों को शामिल किया जायेगा। इसके साथ ही
यूनिट भी सही रूप से दर्ज होगी। सूची त्रुटि रहित बनाने में उन्होने
कोटेदारों से भी सहयोग करने की अपेक्षा की। कार्यशाला को विपणन विभाग,
बांट माप विभाग के अधिकारियों ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में
कोटेदारों ने अपनी समस्यायें भी रखी। उन्होने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था
में पूरा सहयोग देने का वादा करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी
से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। कार्यशाला का संचालन जिला अर्थ
संख्या अधिकारी डॉ. विनोद कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी,
खण्ड विकास अधिकारी, खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
क्सकोटेदारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण: सीडीओ
बाराबंकी। मुख्य विकास अधिकारी ऋषिरेन्द्र कुमार ने कार्यशाला में
कोटेदारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उनका काम अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
गांव के सबसे गरीब व्यक्ति को वे खाद्यान्न आदि उपलब्ध कराते है।
कोटेदारों को पूरी लगन और ईमानदारी से अपने दायित्व को पूरा करना चाहिए।
उन्होने कहा कि कार्यशाला में कोटेदारों द्वारा रखी गयी समस्याओं के
मद्देनजर जरूरी कार्यवाही की जायेगी। सीडीओ ने कहा कि जिले में पात्र
गृहस्थी की त्रुटि रहित सूची तैयार की जा रही है। इस दिशा में जिले में
निश्चित रूप से अच्छा काम होगा और पात्र व्यक्तियों तथा यूनिट के मामले
में अधिकतम सीमा तक त्रुटि रहित कार्य होगा।
अपात्रों को खाद्यान्न न दिया जाए: एसडीएम
बाराबंकी। कार्यशाला को एडीएम हरिकेश चौरसिया और उपजिलाधिकारी सदर नीलम
यादव ने सम्बोधित किया। नीलम यादव ने कहा कि यदि पूर्व में चयनित व्यक्ति
अपात्र हो गया है और उसके लिए भी खाद्यान्न आवंटित हो गया है, तो वितरण
के दौरान उसे खाद्यान्न न दिया जाये। उसका खाद्यान्न स्टॉक में रखा जाये,
जिससे सत्यापन के दौरान खाद्यान्न स्टॉक का सत्यापन ठीक से किया जाये।
प्रत्येक यूनिट को आधार से लिंक किया जायेगा: शोभानाथ
बाराबंकी। जिला पूर्ति अधिकारी शोभनाथ यादव ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली,
लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था
के बारे में प्रकाश डालते हुए बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम
1913 में बना और उत्तर प्रदेश में 01 मार्च, 2016 से लागू हुआ है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अन्तर्गत पात्र गृहस्थी की सूची का सत्यापन
राजस्व विभाग और पंचायतराज विभाग के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।
उन्होने बताया कि अब प्रत्येक यूनिट को आधार से लिंक किया जायेगा, जिससे
गड़बड़ी नहीं हो सकेगी।
