राजस्व एवं विकास कार्यों का लिया जायजा, लगायी चौपाल
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बाराबंकी। जिलाधिकारी अजय यादव और पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद ने विकास
खण्ड सिद्धौर अन्तर्गत वर्ष 2012-13 में चयनित लोहिया समग्र ग्राम सरई
बेलहरी में कराये गये राजस्व एवं विकास कार्याे का स्थलीय सत्यापन किया
और गांव में चौपाल लगाकर गांव के लोगों से परस्पर बातचीत और संवाद के
दौरान ग्राम में अवस्थापनापरक और लाभार्थीपरक योजनाओं के क्रियान्वयन की
जानकारी ली और लोहिया गांव के लोगों की समस्याओं को सुना और उनके समुचित
निराकरण हेतु सम्बन्धित अधिकारी को जरूरी निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने
चौपाल में शासन द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान
बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि विद्यालयों में अवकाश होने के
बावजूद प्रतिदिन मिड डे मील बनवाकर विद्यालय में नामांकित बच्चों को मिड
डे मील दिया जाये। अवकाश के दौरान मिड डे मील की व्यवस्था के लिए रसोईये
के अलावा एक अध्यापक भी विद्यालय में मौजूद रहेगा। मिड डे मील की
व्यवस्था के लिए प्रातः 9 बजे से पूर्वान्ह 11 बजे तक विद्यालय खुला
रहेगा। लगभग 10 बजे बच्चों को मिड डे मील दिया जायेगा। गांव में आयोजित
चौपाल में जिलाधिकारी ने वहां के किसानों से अपील की कि कृषि विभाग
द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं और विभागीय योजनाओं का लाभ पाने के लिए
कृषि विभाग ने पंजीकरण अवश्य कराये। किसानों की सुविधा के लिए पंजीकरण की
सुविधा उपकृषि निदेशक कार्यालय के साथ ही विकास खण्ड स्थित राजकीय कृषि
भण्डार में भी उपलब्ध करायी गयी। जिलाधिकारी ने किसानों से अपने खेत की
मिट्टी का परीक्षण कराने के लिए अपील की। उपकृषि निदेशक डॉ. एसपी सिंह ने
बताया कि गांव के 153 मृदा के नमूने लेकर उनका निःशुल्क परीक्षण किया गया
है। किसानों के खेत में सल्फर, लोहा, और मैगनीज जैसे तत्वों की कमी
प्रकाश में आयी है। इन तत्वों की कमी को दूर करने के उपाय भी उन्होने
बताये। अधिक उत्पादन और गुणवत्ता बनाये रखने के मद्देनजर उन्होने हर तीन
साल बाद बीज बदलने की सलाह दी। जिलाधिकारी ने चौपाल में बताया कि कृषि
विभाग की योजनाओं के अन्तर्गत दिये जाने वाला अनुदान डीबीटी के तहत दिया
जा रहा है। किसान पहले पूरा मूल्य चुका कर बीज, उपकरण अथवा यन्त्र क्रय
करता है। विभाग अनुदान की धनराशि सीधे किसान के खाते में भेज देता है।
जिलाधिकारी ने खाद्यान्न वितरण की नई व्यवस्था के बारे में भी लोगों को
जानकारी दी। उन्होने कहा कि खाद्यान्न वितरण की इकाई, पात्र गृहस्थी का
परिवार न होकर प्रत्येक यूनिट मानी गयी है। हर यूनिट पर 3.5 किग्रा0
गेहॅू और 1.5 किग्रा0 चावल दिये जाने के व्यवस्था है। जिला पूर्ति
अधिकारी ने बताया कि अन्त्योदय कार्ड धारक को भी खाद्यान्न दिया जायेगा।
उन्होने बताया कि 108 अन्त्योदय कार्ड धारकों में से 101 कार्ड धारक और
508 पात्र गृहस्थी में से 400 पात्र गृहस्थी को सत्यापन के बाद पात्र
पाया गया। जिलाधिकारी ने गांव में स्वच्छता और शौचालय बनवाये जाने पर
विशेष जोर देते हुए गांव के लोगों से अपेक्षा की कि हर परिवार का अपना
शौचालय हो। उन्होने गांव के भ्रमण के दौरान कुछ शौचालयों का उपयोग न होने
के मामले की जानकारी होने पर चिन्ता व्यक्त की और उन्होने कहा कि लोग
शौचालय बनवाये और उसका उपयोग भी करें। सरई बेलहरी लोहिया गांव में चौपाल
में लोगों से वार्ता करके योजनाओं के सत्यापन के दौरान बताया गया कि गांव
में विद्युतीकरण हुआ है। सीसी रोड बनाया गया है। तीन लोहिया आवास का
निर्माण कराया गया है। गांव में 48 हैण्डपम्प लगे है। एक हैण्डपम्प के
खराब होने की जानकारी मिलने पर उसे तुरन्त ठीक कराने का निर्देश दिया गया
है। गांव में 2 तालाबों की खुदाई और सुदृढ़ीकरण का कार्य हुआ है। गांव मंे
एक महिला स्वयं सहायता समूह कार्यरत है, जिसे बैंक से वित्तपोषित भी
कराया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस गांव में और महिला स्वयं सहायता
समूह गठित कराये जाये। चौपाल में जिलाधिकारी ने एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी
कार्यकत्री के कार्यो के बारे में लोगों से फीडबैक लिया। उन्होने
आंगनबाड़ी केन्द्र पर पोषाहार वितरण और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति
के बारे में भी लोगों से जानकारी ली। एएनएम ने बताया कि यहां माह के हर
तीसरे बुधवार को टीकाकरण कराया जाता है। यहां पर 2 आंगनबाड़ी केन्द्र है,
जो विद्यालय परिसर में संचालित हो रहे है। गांव में 5 अतिकुपोषित बच्चे
रह गये है, जिनके कुपोषण दूर करने हेतु उपाय किये जा रहे है। इस अवसर पर
उपजिलाधिकारी हैदरगढ़, जिला संख्या अधिकारी डा. विनोद सिंह, सहित अन्य
अधिकारी मौजूद रहे।
