आसाराम के पास 2,300 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति, जानें कैसे देता था कर्ज
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16 साल की किशोरी का यौन शोषण करने के आरोप में जेल में बंद आसाराम पर एक नई मुसीबत आ गई है। आयकर विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि आसाराम बापू के पास करीब 2,300 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति है। विभाग ने आसाराम द्वारा कंट्रोल किए जाने वाले ट्रस्टों को दी गई टैक्स में छूट को रद्द करने की सिफारिश की है।
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साजिश के तहत फंसाया गया आसाराम बापू और साध्वी प्रज्ञा को: डीजी वंजारा
इनकम टैक्स विभाग ने आसाराम और उसके सहयोगियों से जुड़ी कई बेनामी संपत्तियों का भी पर्दाफाश किया है। सूत्रों के मुताबिक, आसाराम ने रियल एस्टेट, म्युचुअल फंड्स, किसान विकास पत्र और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश कर हजारों करोड़ रुपए इकठ्ठे किए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक आयकर विभाग के इनवेस्टिगेशन विंग द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि आसाराम ने अपने अनुयायियों के जरिए कर्ज देने वाली योजना भी चलाई थी, जिसके तहत व्यक्ति या संस्था को 1 या 2 प्रतिशत मासिक ब्याज पर नकद कर्ज उपलब्ध कराया जाता था।
सूत्रों का कहना है कि आसाराम और उसके अनुयायियों ने 1991-92 से अब तक देश भर के 1,400 से ज्यादा लोगों को कम से कम 3,800 करोड़ रुपए कर्ज दिया है। आप को बता दें कि कर्ज का सारा पैसा कैश में दिया गया है। पोस्ट-डेटेड चेक्स, प्रॉमिसरी नोट्स और जमीन के कागजात सिक्योरिटी के तौर पर जमा कराए गए।
इनकम टैक्स अधिकारियों को शक है कि आसाराम और उसके अनुयायियों ने इस योजना का इस्तेमाल आश्रमों को मिले दान को छिपाने में किया। आयकर विभाग की जांच पर 'संत श्री आसारामजी आश्रम' की प्रवक्ता नीलम दुबे का कहना है, "यह बापूजी के खिलाफ एक साजिश है, बापूजी के पास कोई संपत्ति नहीं है। उनके पास तो खुद की कार भी नहीं है। हर चीज ट्रस्ट के नाम पर है और उनके अनुयायियों की है।"
आप को बता दें कि आसाराम फिलहाल जेल में कैद हैं। उन पर 2013 में राजस्थान के जोधपुर स्थित उनके आश्रम में 16 साल की किशोरी का यौन शोषण करने का आरोप है।
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इनकम टैक्स विभाग ने आसाराम और उसके सहयोगियों से जुड़ी कई बेनामी संपत्तियों का भी पर्दाफाश किया है। सूत्रों के मुताबिक, आसाराम ने रियल एस्टेट, म्युचुअल फंड्स, किसान विकास पत्र और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश कर हजारों करोड़ रुपए इकठ्ठे किए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक आयकर विभाग के इनवेस्टिगेशन विंग द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि आसाराम ने अपने अनुयायियों के जरिए कर्ज देने वाली योजना भी चलाई थी, जिसके तहत व्यक्ति या संस्था को 1 या 2 प्रतिशत मासिक ब्याज पर नकद कर्ज उपलब्ध कराया जाता था।
सूत्रों का कहना है कि आसाराम और उसके अनुयायियों ने 1991-92 से अब तक देश भर के 1,400 से ज्यादा लोगों को कम से कम 3,800 करोड़ रुपए कर्ज दिया है। आप को बता दें कि कर्ज का सारा पैसा कैश में दिया गया है। पोस्ट-डेटेड चेक्स, प्रॉमिसरी नोट्स और जमीन के कागजात सिक्योरिटी के तौर पर जमा कराए गए।
इनकम टैक्स अधिकारियों को शक है कि आसाराम और उसके अनुयायियों ने इस योजना का इस्तेमाल आश्रमों को मिले दान को छिपाने में किया। आयकर विभाग की जांच पर 'संत श्री आसारामजी आश्रम' की प्रवक्ता नीलम दुबे का कहना है, "यह बापूजी के खिलाफ एक साजिश है, बापूजी के पास कोई संपत्ति नहीं है। उनके पास तो खुद की कार भी नहीं है। हर चीज ट्रस्ट के नाम पर है और उनके अनुयायियों की है।"
आप को बता दें कि आसाराम फिलहाल जेल में कैद हैं। उन पर 2013 में राजस्थान के जोधपुर स्थित उनके आश्रम में 16 साल की किशोरी का यौन शोषण करने का आरोप है।

