ईमानदारी आज भी जिंदा
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बाराबंकी। समाज में बढ़ते भ्रष्टाचार अलगाव वाद और भाई-भाई की लड़ाई के बीच आज भी ईमानदारी जिंदा है। इसका उदाहरण शहर में देखने को मिला। जब एक पत्रकार का पैसा गिर गया था। तो उस ईमानदार व्यक्ति ने पत्रकार को पैसा वापस कर ईमानदारी की मिसाल पेश की। लखनऊ से प्रकाशित एक हिन्दी दैनिक के जिला संवाददाता आसिफ हुसैन अपनी मोटर साइकिल से बस स्टेशन के पास स्थित गनपति कम्युनिकेशन के दुकान पर जाकर मोबाइल का रिचार्ज कराने गये थे। उसी समय आसिफ हुसैन का दो हजार रुपये दुकान के पास गिर गये आसिफ को पता नही चला। वहां पर मौजूद कटरा मोहल्ला निवासी नवीन अवस्थी पुत्र शिवशंकर ने नीचे गिरे पैसे को उठाकर दुकानदार को दे दिया और यह कहा कि जो भाई साहब यहां पर रिचार्ज कराने आये थे उन्ही का पैसा है उनको दे देना। करीब आधा घण्टे बाद अपने पैसे के तलाश में आसिफ हुसैन जब दुकान पर पहुंचे तो दुकानदार नीरज कुमार मौर्या ने उक्त पैसे अपने गल्ले से निकालकर आसिफ हुसैन को दिया और कहा कि आपका पैसा नीचे गिर गया था। लेकिन एक ईमानदार युवक नवीन अवस्थी ने यह पैसे मुझे दिये थे। युवक की ईमानदारी पर एक बात साफ हो गयी है कि आज भी समाज में ईमानदारी जिंदा है और नवीन जैसे लोग इसकी अलख जगाये हुए हैं।

