मुंबई: मेडिकल स्टोर में लगी भीषण आग, आठ लोगों की मौत
https://husainijnp.blogspot.com/2016/06/blog-post_592.html
मथुरा: उत्तर प्रदेश में मथुरा के जवाहरबाग के मास्टर माइंड रामवृक्ष के सुरक्षा अधिकारी वीरेश यादव ने यह खुलासा किया कि जवाहरबाग में ट्रेनिंग देने के लिए आगरा का राजीव सिंह नामक व्यक्ति का सम्बन्ध राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने यह खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि बदायूं निवासी वीरेश को रात सदर बाजार थाना क्षेत्र के बालाजीपुरम से गिरफ्तार किया गया था।
उन्होंने बताया कि वीरेश को पकड़ने के लिए गत 2 जून से 5 टीमें लगातार उसका पीछा कर रही थी। उसने यह स्वीकार किया कि वह घटना के दिन जवाहरबाग की दीवार फांदकर वह भाग गया था। उन्होंने बताया कि उसकी पत्नी ललिता देवी, लड़के और लड़की को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि वीरेश की गिरफ्तारी पर 15 हजार रूपए का इनाम घोषित कर रखा था। वीरेश ने पुलिस के सामने यह खुलासा करते हुए बताया कि आगरा का जो व्यक्ति समय-समय पर जवाहरबाग में प्रशिक्षण दिया करता था उसका संबंध आरएसएस से था।
कुमार के अनुसार गिरफ्तार किए गए वीरेश के बयान की कई बातें चन्दन बोस से मिलती जुलती हैं लेकिन उसने कुछ बातें चौंकानें वाले बताई हैं। उनका कहना था कि रामवृक्ष ने जवाहरबाग में 12 चौकियां स्थापित कर रखी थीं और उसपर विधिवत दरोगा तैनात किए जाते थे जिनकी ड्यूटी 6 घंटे होती थी, जो दिन रात गश्त किया करते थे। इस कार्य के लिए 200 लोग तैनात थे लेकिन जवाहरबाग को खाली कराने के लिए प्रशासन द्वारा शुरू किए गए रैकी अभियान के बाद इसकी संख्या बढ़ाकर 300 कर दी गई।
उन्होंने यह भी बताया कि वीरेश यादव के अनुसार रामवृक्ष ने 19 टोलियां बना रखी थी जिनमें खास किस्म के लड़ाके होते थे और एक टोली में 15-20 लोग होते थे। इनकी ड्यूटी 3-3 घंटे की होती थी। ये लोग सब पर नजर रखते थे। उसने यह भी खुलासा किया कि रामवृक्ष जय गुरूदेव के नाम पर महिलाओं से जेवर और नगदी जमा करवाता था जिसको रखने की जिम्मेदारी हरदोई के डॉक्टर नामक व्यक्ति की थी।
जवाहरबाग में विधिवत एक डॉक्टर की भी तैनाती थी जिसका नाम उपेन्द्र था और वह बाग में लाठी चलाने की ट्रेनिंग सुबह-सुबह देता था। रामवृक्ष की एक पागल सेना थी जिसमें 20-30 लड़के थे जो कहीं पहुंचने के साथ ही हमला करना शुरू कर देते थे। उन्होंने बताया कि रामवृक्ष के लड़के विवेक को पकड़ने की भी तैयारी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि वीरेश को पकड़ने के लिए गत 2 जून से 5 टीमें लगातार उसका पीछा कर रही थी। उसने यह स्वीकार किया कि वह घटना के दिन जवाहरबाग की दीवार फांदकर वह भाग गया था। उन्होंने बताया कि उसकी पत्नी ललिता देवी, लड़के और लड़की को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि वीरेश की गिरफ्तारी पर 15 हजार रूपए का इनाम घोषित कर रखा था। वीरेश ने पुलिस के सामने यह खुलासा करते हुए बताया कि आगरा का जो व्यक्ति समय-समय पर जवाहरबाग में प्रशिक्षण दिया करता था उसका संबंध आरएसएस से था।
कुमार के अनुसार गिरफ्तार किए गए वीरेश के बयान की कई बातें चन्दन बोस से मिलती जुलती हैं लेकिन उसने कुछ बातें चौंकानें वाले बताई हैं। उनका कहना था कि रामवृक्ष ने जवाहरबाग में 12 चौकियां स्थापित कर रखी थीं और उसपर विधिवत दरोगा तैनात किए जाते थे जिनकी ड्यूटी 6 घंटे होती थी, जो दिन रात गश्त किया करते थे। इस कार्य के लिए 200 लोग तैनात थे लेकिन जवाहरबाग को खाली कराने के लिए प्रशासन द्वारा शुरू किए गए रैकी अभियान के बाद इसकी संख्या बढ़ाकर 300 कर दी गई।
उन्होंने यह भी बताया कि वीरेश यादव के अनुसार रामवृक्ष ने 19 टोलियां बना रखी थी जिनमें खास किस्म के लड़ाके होते थे और एक टोली में 15-20 लोग होते थे। इनकी ड्यूटी 3-3 घंटे की होती थी। ये लोग सब पर नजर रखते थे। उसने यह भी खुलासा किया कि रामवृक्ष जय गुरूदेव के नाम पर महिलाओं से जेवर और नगदी जमा करवाता था जिसको रखने की जिम्मेदारी हरदोई के डॉक्टर नामक व्यक्ति की थी।
जवाहरबाग में विधिवत एक डॉक्टर की भी तैनाती थी जिसका नाम उपेन्द्र था और वह बाग में लाठी चलाने की ट्रेनिंग सुबह-सुबह देता था। रामवृक्ष की एक पागल सेना थी जिसमें 20-30 लड़के थे जो कहीं पहुंचने के साथ ही हमला करना शुरू कर देते थे। उन्होंने बताया कि रामवृक्ष के लड़के विवेक को पकड़ने की भी तैयारी की जा रही है।

