पिछड़ों को वोट की ताकत का एहसास करा गये कुशवाहा
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बाराबंकी। नगर के राजकमल पैलेस में आज जन अधिकार मंच द्वारा एक जनसभा का
आयोजन किया गया। इस अवसर पर जन अधिकार मंच के संस्थापक एवं पूर्व
स्वास्थ्य मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा का बाराबंकी आगमन पर जगह-जगह जोरदार
स्वागत किया गया। लखनऊ-फैजाबाद मार्ग स्थित सफेदाबाद से जन अधिकार मंच के
कार्यकर्ताओं ने श्री कुशवाहा की अगुवाई की। राजकमल पैलेस में आयोजित
जनसभा को संबोधित करते हुए श्री कुशवाहा ने कहा कि वर्ष 1988 में मण्डल
आयोग कमीशन के सर्वे के अनुसार, पिछड़ी जाति 54 फीसदी थी जो आज 60 फीसदी
हो गई है। लेकिन आज भी उनको हिस्से का हक पिछड़ी जातियों को नहीं मिल रहा
है। जबकि इसकी जगह मात्र 27 प्रतिशत आरक्षण ही दिया जा रहा है। श्री
कुशवाहा ने जोर देकर कहा कि जो लोग राजनैतिक रूप से जागरूक हैं, बस वही
अपना हक पा रहे हैं। पिछड़ी जातियों को आरक्षण दिलाने के नाम पर कुछ
राजनैतिक दल सत्ता पर काबिज हो जाते हैं। लेकिन सत्ता में आने के बाद
गरीब पिछड़ों को भूल जाते हैं। उन्होनें जोर देकर कहा कि आरक्षण कोई
रोजी-रोटी का मामला नहीं है। हमारी बराबरी और हिस्सेदारी का मामला है।
वोट हम दें, सरकार वो बनायें। उसके बाद समस्याओं के बारे में सुलझाने के
लिए हम उनके आगे झोली फैलाते रहें। मेहनत हम करें, फसल हम बोयें, काटें
और मूल्य का निर्धारण सरकार करे। श्री कुशवाहा ने कहा कि रोजगार देने का
कार्य सरकार का है। लेकिन आज जो दशा चल रही है, वह किसी से छिपी नहीं है।
हमारे बच्चे मेहनत करें। जी-जान लगाकर पढ़ाई करें और जब रिजल्ट आये तो
फेल। यह कौन सा निर्धारण है। क्या इसी को बराबरी कहते हैं। उन्होनें कहा
कि जनता की सारी समस्याओं का समाधान सरकार के पास है। हर दल बड़ी-बड़ी
बातें कर आपका कीमती वोट ले लेता है। लेकिन काम के नाम पर सबकुछ जीरो है।
आमजन को वोट की ताकत का एहसास दिलाते हुए श्री कुशवाहा ने कहा कि आपके
वोट से राजा बनता है। भगवान हम लोगों को पैदा करता है। लेकिन रोटी, कपड़ा,
मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सरकार देती है। उन्होनें अपने तुजर्बे
के मार्फत बताया कि जब इंसान राजा अर्थात मंत्री बनता है तो उसके पास
शक्तियां आ जाती हैं। किसानों का कर्ज सरकार माफ करती है। उन्होनें लोगों
से आह्वान किया कि अपनी ताकत को पहचानो। आपकी समस्याओं का समाधान सही
लोगों को वोट देने से ही होगा। देश की प्रगति भी तभी हो सकती है, जब जनता
खुशहाल होगी।
एनआरएचएम में माया ने मुझे फंसाया
बाराबंकी। बहुजन समाज पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा ने कभी नारा
दिया था कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। लेकिन बहुजन
समाज पार्टी ने सत्ता में रहते हुए लोगों का शोषण किया। अब बसपा का मूल
सिद्धांत है कि जिसकी जितनी थैली भारी, उतनी उसकी हिस्सेदारी। उन्होनें
कहा कि बसपा सरकार पर अब जनता को भरोसा नहीं रहा है। मायावती ने अपनी
खामियां छिपाने के लिए मुझे एनआरएचएम घोटाले में फंसाया। मुझे साजिशन
निकाला गया। खुद को बचाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मेरे ऊपर
आरोप लगवाये। लेकिन मैं टूटा नहीं। उसका नतीजा है कि आज मैं आपके बीच
हूं।
