कब्जा हटवाने गए लेखपाल को दबंगो ने खदेड़ा
https://husainijnp.blogspot.com/2016/06/blog-post_651.html
बाराबंकी। कोतवाली नगर अन्तर्गत तहसीलदार के आदेश पर एक गांव में अवैध
कब्जा हटाने गये राजस्व कर्मियों और पुलिस कर्मियों को दबंगो ने खदेड़
दिया। कब्जा दिलाना तो दूर रहा इन दबंगो ने जमीन की पैमाइश तक नही करने
दी। पीड़ित महिला ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर दबंगो के विरुद्ध कार्यवाही
की मांग की। जानकारी के अनुसार, कोतवाली नगर क्षेत्र के ग्राम आलापुर
निवासी अब्दुल हमीद की पत्नी कैसर जहां के नाम गांव के किनारे जमीन थी।
उस जमीन पर उनके ही एक रिश्तेदार व पूर्व प्रधान अनवार अहमद ने अवैध
कब्जा करके घेरा बंदी कर ली थी। पिछले कई महीनांे से समाधान दिवस से लेकर
तहसील दिवस तक पीड़िता ने चक्कर काटा। लेकिन किसी भी अधिकारी ने मौके पर
जाने की जहमत तक नही उठायी। अवैध कब्जा तो हटाना दूर की बात रही। 14 जून
को जब केसर जहंा ने नवाबगंज तहसील के तहसीलदार उमेश सिंह को शिकायती पत्र
देकर अपना दुखड़ा रोया तो तहसीलदार ने हल्का लेखपाल को पुलिस बल के साथ
जाकर अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया था। 19 जून की शाम को हल्का लेखपाल
कोतवाली नगर में जाकर दो पुलिस कर्मियों को साथ में लेकर ग्राम आलापुर
पहुंचे और जैसे ही लेखपाल ने जमीन की नापजोख शुरु की वहां पर मौजूद अनवार
और उनके परिजनों ने हंगामा काटना शुरु कर दिया। जिससे मजबूर होकर
राजस्वकर्मी और पुलिस कर्मी वहां से लौट आये। इस घटना के बारे में पीड़िता
का कहना है कि पिछले 6 महीनों से दबंग ने मेरी जमीन पर कब्जा कर रखा है
और उस पर पक्का निर्माण करवाने वाला है।
कब्जा हटाने गये राजस्व कर्मियों और पुलिस कर्मियों को दबंगो ने खदेड़
दिया। कब्जा दिलाना तो दूर रहा इन दबंगो ने जमीन की पैमाइश तक नही करने
दी। पीड़ित महिला ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर दबंगो के विरुद्ध कार्यवाही
की मांग की। जानकारी के अनुसार, कोतवाली नगर क्षेत्र के ग्राम आलापुर
निवासी अब्दुल हमीद की पत्नी कैसर जहां के नाम गांव के किनारे जमीन थी।
उस जमीन पर उनके ही एक रिश्तेदार व पूर्व प्रधान अनवार अहमद ने अवैध
कब्जा करके घेरा बंदी कर ली थी। पिछले कई महीनांे से समाधान दिवस से लेकर
तहसील दिवस तक पीड़िता ने चक्कर काटा। लेकिन किसी भी अधिकारी ने मौके पर
जाने की जहमत तक नही उठायी। अवैध कब्जा तो हटाना दूर की बात रही। 14 जून
को जब केसर जहंा ने नवाबगंज तहसील के तहसीलदार उमेश सिंह को शिकायती पत्र
देकर अपना दुखड़ा रोया तो तहसीलदार ने हल्का लेखपाल को पुलिस बल के साथ
जाकर अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया था। 19 जून की शाम को हल्का लेखपाल
कोतवाली नगर में जाकर दो पुलिस कर्मियों को साथ में लेकर ग्राम आलापुर
पहुंचे और जैसे ही लेखपाल ने जमीन की नापजोख शुरु की वहां पर मौजूद अनवार
और उनके परिजनों ने हंगामा काटना शुरु कर दिया। जिससे मजबूर होकर
राजस्वकर्मी और पुलिस कर्मी वहां से लौट आये। इस घटना के बारे में पीड़िता
का कहना है कि पिछले 6 महीनों से दबंग ने मेरी जमीन पर कब्जा कर रखा है
और उस पर पक्का निर्माण करवाने वाला है।

