गरीबी से तंग होकर युवक ने की आत्महत्या,कोहराम बरपा
https://husainijnp.blogspot.com/2016/06/blog-post_692.html
ताहिर हुसैन
श्रावस्ती । कौन कहता है कि देश में गरीबी नहीं है अगर आपको गरीबी देखनी है तो उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में आइये जहां गरीबी को झेल रहे एक शख्स ने आज मौत को गले लगा लिया।
मामला उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले का है जहां एक मजबूर बाप ने अपनी दो बेटियों की शादी के खर्च की चिंता और गरीबी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया।
श्रावस्ती जिले के थाना इकौना क्षेत्र के वीरपुर का रहने वाला 40 वर्षीय मुराली पानी पूड़ी का ठेला लगाकर अपने परिवार का किसी तरह से गुजारा कर रहा था। मुराली के परिवार में तीन बेटियां व एक बेटा है। मुराली ने किसी तरह से अपनी बड़ी बेटी का विवाह कर दिया लेकिन बेटी की शादी के बाद से ही मुराली काफी परेशान रहता था उसे चिंता थी तो इस बात की कि वह अपनी और दो बेटियों की शादी कैसे करेगा। मुराली का पानी पूड़ी का धंधा भी काफी मंदा चल रहा था जिसे वह परिवार का खर्च उठाने में भी परेशान रहने लगा था और आखिरकार उसने गरीबी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया।
मुराली मूलरूप से गोंडा जिले के खरगू पुर का रहने वाला था परिवार में कई भाई होने के कारण मुराली श्रावस्ती जिले के इकौना इलाके के वीरपुर चौराहे पर किराए के मकान में रहता था मुराली के साथ उसका पूरा परिवार भी यही रहता था। लेकिन आज सुबह जब घर के सभी लोग बाहर बैठे थे तभी मुराली ने कमरे में जाकर छत के कुंढे में रस्सी डालकर फांसी लगाकर आत्म ह्त्या कर ली।परिवार के लोग जब घर के अंदर पहुंचे तो फंदे से लटके मुराली को देख सबकी आँखे खुली की खुली रह गई। आज फिर एक शख्स ने गरीबी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया था। घटना की सुचना पर पहुंची इकौना पुलिस ने शव को नीचे उतार कर तलाशी ली तो मुराली की जेब से एक सुसाइड नोट मिला जिसमे लिखा था की मैं अपने पूरे होशोहवास में आर्थिक मजबूरी, गरीबी व तमाम कर्ज से तंग आकर आत्महत्या कर रहा हूँ इस घटना का जिम्मेदार मैं स्वयं हूँ इस लिए मेरे परिवार को परेशां न किया जाय।
मजबूर बाप के इस सुसाइड नोट में उसने अपने उस दुख को बयान की थी जिससे लड़ते लड़ते वह हार चुका था। और अंत में उसने मौत को गले लगा लिया था।
श्रावस्ती । कौन कहता है कि देश में गरीबी नहीं है अगर आपको गरीबी देखनी है तो उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में आइये जहां गरीबी को झेल रहे एक शख्स ने आज मौत को गले लगा लिया।
मामला उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले का है जहां एक मजबूर बाप ने अपनी दो बेटियों की शादी के खर्च की चिंता और गरीबी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया।
श्रावस्ती जिले के थाना इकौना क्षेत्र के वीरपुर का रहने वाला 40 वर्षीय मुराली पानी पूड़ी का ठेला लगाकर अपने परिवार का किसी तरह से गुजारा कर रहा था। मुराली के परिवार में तीन बेटियां व एक बेटा है। मुराली ने किसी तरह से अपनी बड़ी बेटी का विवाह कर दिया लेकिन बेटी की शादी के बाद से ही मुराली काफी परेशान रहता था उसे चिंता थी तो इस बात की कि वह अपनी और दो बेटियों की शादी कैसे करेगा। मुराली का पानी पूड़ी का धंधा भी काफी मंदा चल रहा था जिसे वह परिवार का खर्च उठाने में भी परेशान रहने लगा था और आखिरकार उसने गरीबी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया।
मुराली मूलरूप से गोंडा जिले के खरगू पुर का रहने वाला था परिवार में कई भाई होने के कारण मुराली श्रावस्ती जिले के इकौना इलाके के वीरपुर चौराहे पर किराए के मकान में रहता था मुराली के साथ उसका पूरा परिवार भी यही रहता था। लेकिन आज सुबह जब घर के सभी लोग बाहर बैठे थे तभी मुराली ने कमरे में जाकर छत के कुंढे में रस्सी डालकर फांसी लगाकर आत्म ह्त्या कर ली।परिवार के लोग जब घर के अंदर पहुंचे तो फंदे से लटके मुराली को देख सबकी आँखे खुली की खुली रह गई। आज फिर एक शख्स ने गरीबी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया था। घटना की सुचना पर पहुंची इकौना पुलिस ने शव को नीचे उतार कर तलाशी ली तो मुराली की जेब से एक सुसाइड नोट मिला जिसमे लिखा था की मैं अपने पूरे होशोहवास में आर्थिक मजबूरी, गरीबी व तमाम कर्ज से तंग आकर आत्महत्या कर रहा हूँ इस घटना का जिम्मेदार मैं स्वयं हूँ इस लिए मेरे परिवार को परेशां न किया जाय।
मजबूर बाप के इस सुसाइड नोट में उसने अपने उस दुख को बयान की थी जिससे लड़ते लड़ते वह हार चुका था। और अंत में उसने मौत को गले लगा लिया था।

