भाकियू ने घेरा सीएमओ कार्यालय, किया धरना प्रदर्शन
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बाराबंकी। भारतीय किसान यूनियन द्वारा जनपद मुख्यालय से लेकर ग्रामीण
क्षेत्रों की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ आज सीएमओ कार्यालय का
घेराव हजारों किसानों ने किया। इसमें सहमति वार्ता बन रही थी की अचानक
पता चला कि आयुक्त लोकनिर्माण के डाक बंगले में है। इस पर सभी किसान नारे
लगाते हुये पीडब्लूडी के डाक बंगले पहुंच गये और आयुक्त से मिलने कि जिद
करने लगे जिस पर प्रशासन ने आनाकानी दिखाई जिससे आक्रोशित किसान वही रोड
पर लेट गये और नारे बाजी करने लगे अन्त में आयुक्त ने पांच लोगों को
वार्ता के लिये बुलाया प्रान्तीय महासचिव की अध्यक्षता में वार्ता हुई
जिस पर सिल्हौरघाट की वसूली के सम्बन्ध में एक हफ्ते में पथकर का पट्टा
निरस्त करने के साथ-साथ बन्द सूत मिल के श्रमिकों को न्याय दिलाने और
उनका बकाया शीघ्र दिलाने के साथ-साथ कई अन्य समस्याओं पर सहमति बनी। वहीं
पर किसानों को सम्बोधित करते हुये प्रान्तीय महासचिव मुकेश सिंह ने दावे
के साथ कहा कि जिला लुट रहा है और आयुक्त महोदय आप न्याय दिलाने आये हो
या लूट का हिस्सा लेने? उन्होंने जोर देकर कहा कि जिला पंचायत में 10
लाख के नीचे तीन से चार प्रतिशत टीसी के नाम पर और दस लाख के उपर शासन के
नाम पर चार प्रतिशत धन लिया जा रहा है इस प्रकार कुल 35 प्रतिशत कमीशन
लिया जा रहा है ऐसे में कार्यों कि गुणवत्ता की उम्मीद रखना बेईमानी
होगी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि प्रन्तीय खण्ड के अभियन्ता जो
मित्रसेन यादव के दामाद हैं उनके द्वारा 5 प्रतिशत कमीशन लेकर टेण्डर
दिये जा रहे हैं। साथ ही पूर्ति विभाग में राशन दुकानदारों से अवैध
वसूली की जा रही है ऐसे में गरीबों को राशन नही मिल रहा है। यह सब जिला
प्रशासन के आंख के नीचे हो रहा है उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी मौन तो
जिम्मेदार कौन? बाद में किसान सीएमओ कार्यालय पहंुचे और वहां पर ज्ञापन
के बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा हुई जिसमें समस्त मांगांे पर स्वास्थ्य
विभाग द्वारा 10 दिन का कार्यवाही करने का समय लिया गया साथ ही सीएमओ
कार्यालय के एक बाबू द्वारा की अवैध वसूली को रंगे हाथों पकड़ा गया बरामद
रकम को सीएमओ को सौंप दिया गया। जिस पर उन्होंने दोषी बाबू के खिलाफ जांच
कर कार्यवाही का अश्वासन दिया। इसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया।

