जुआंरियो में मारपीट, जैदपुर पुलिस मौन
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जैदपुर बाराबंकी। पैसों की लेन देन को लेकर दो जुआारियों में जमकर हुई
मारपीट। थाना क्षेत्र में हो रहा जुएं के चलते किसी दिन भी हो सकता है
कोई बड़ा हादसा। पुलिस द्वारा कार्यवाही न होने से जुआरियों के हौसले बढ़ते
जा रहे है। जिससे मारपीट होने के साथ-साथ जुआरियों में आपसी तनाव बरकार
है। जिसका जिम्मेदार कौन होगा ये जिम्मदार लोग ही जाने आखिर जैदपुर पुलिस
इन जुआरियों पर इतनी मेहरबान क्यों है। जो इन्हंे नही पकड़ा जाता। स्थानीय
थाना जैदपुर क्षेत्र में जहॉ एक तरफ पूरा दिन जुआ खेलना रोज की बात हो
चुकी है। वहीं दूसरी ओर जुआरियों के ताण्डव व आपसी गाली ग्लोज तथा मारपीट
से नागरिक भी पीड़ित है। बीती रात जुआरियों के सरगना इरशाद कालिया व नसरू
जुआरी में पैसों की लेनदेन को लेकर बाजार में जमकर मारपीट हो गयी और एक
दूसरे के ये लोग जान के दुशमन हो गये। नसरू ने इरशाद कालिया को जमकर
पीटा जिससें चर्चाओं का बाजार गर्म है। ज्ञात हो कि जैदपुर थाना क्षेत्र
के मूर्लीगंज व मोहल्ला चमन सहित कई अन्य इलाकों में इस जुआरियों को कुछ
नेता दलालों व सम्मानित लोगों के मुंह लगे तथा उनके रिश्तेदारों का
संरक्षण प्राप्त होने के चलते रातों दिन जुएं की फड़ लगाकर लाखों का रोज
जुआ होता है। जिससे कस्बे व ग्रामीण इलाकों की जनता का जीना हराम हो गया
है। एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस द्वारा हर एक फड़
से 1200 रूपये रोज के हिसाब से वसूलने के साथ खान पान की व्यवस्था मिलने
से जुआरियों के जुएं को चार चॉद लगा हुआ है। अलग अलग कार्य बटे है। कोई
दादागीरी से जीतने वाले से पैसा एैठता है। तो कोई पुलिस के नाम पर वसूली
करता है। करोबार बनकर रह गया जुएं का खेल। बडे़ बडे सटटेबाज जुआरियों के
सरगना दबंग लोगों को पुलिस नही पकड़ती ये बात किसी से छुपी नही। यही नही
जुये के इस खेल में किसी दिन कोई बडा हादसा भी हो सकता है क्योकि गिरोह
के दिग्गजों में लेन देन को लेकर आये दिन विवाद होता रहता है। कस्बे व आस
पास क्षेत्र में हो रहे मुषलषल जुए के चलते आये चोरियॉ होना कोई नयी बात
नही बिना डर दबाव खुले आम खेले जा रहे जुए के चलते दर्जनों परिवार बरबाद
है। यही नही हारने वालों को तत्काल ब्याज पर रूपया देने वालों की सुविधा
रहती है। जिससे मन माना ब्याज वसूला जाता है। न देने व देर होने पर
मारपीट गली ग्लोज व दबंगई कर वसूलने की परम्परा पुरानी हो गयी है। लोग
अपने घर के कीमती जेवरात व समान मोबाइल आदि भी गिरो रखकर तब तक खेलते
रहते है। जब तक वो पूरी तरह बर्बाद नही हो जाते है। जुये की मोटी रकम से
जुआ खेलवाने वाले दलाल अपनी जेबे भर रहे है। जिस तरह इस समय जुएं व
जुआरियों का ताण्डव मचा हुआ है। भविष्य में कभी एैसा जैदपुर थाना क्षेत्र
में नही हुआ है। अब दूर दूर से लोग यहॉ आकर जुआ खेलने के लिये लक्जरी
वाहन से आने का मामला सामने आ रहा है। जिससे कस्बा बर्बादी की ओर जाता
दिखाई दे रहा और पुलिस भी अपनी खाऊ कमाऊ नीति के चलते मौन है। जिसका
परिणाम जल्द सामने आने में अब ज्यादा देर नही। इस समस्या को लेकर कई बार
समाचार पत्रों द्वारा अवगत कराया गया परन्तु बहुत ही शर्मनाक बात है कि
कोई कार्यवाही नही की गयी और न ही जुआ बन्द कराया गया।
मारपीट। थाना क्षेत्र में हो रहा जुएं के चलते किसी दिन भी हो सकता है
कोई बड़ा हादसा। पुलिस द्वारा कार्यवाही न होने से जुआरियों के हौसले बढ़ते
जा रहे है। जिससे मारपीट होने के साथ-साथ जुआरियों में आपसी तनाव बरकार
है। जिसका जिम्मेदार कौन होगा ये जिम्मदार लोग ही जाने आखिर जैदपुर पुलिस
इन जुआरियों पर इतनी मेहरबान क्यों है। जो इन्हंे नही पकड़ा जाता। स्थानीय
थाना जैदपुर क्षेत्र में जहॉ एक तरफ पूरा दिन जुआ खेलना रोज की बात हो
चुकी है। वहीं दूसरी ओर जुआरियों के ताण्डव व आपसी गाली ग्लोज तथा मारपीट
से नागरिक भी पीड़ित है। बीती रात जुआरियों के सरगना इरशाद कालिया व नसरू
जुआरी में पैसों की लेनदेन को लेकर बाजार में जमकर मारपीट हो गयी और एक
दूसरे के ये लोग जान के दुशमन हो गये। नसरू ने इरशाद कालिया को जमकर
पीटा जिससें चर्चाओं का बाजार गर्म है। ज्ञात हो कि जैदपुर थाना क्षेत्र
के मूर्लीगंज व मोहल्ला चमन सहित कई अन्य इलाकों में इस जुआरियों को कुछ
नेता दलालों व सम्मानित लोगों के मुंह लगे तथा उनके रिश्तेदारों का
संरक्षण प्राप्त होने के चलते रातों दिन जुएं की फड़ लगाकर लाखों का रोज
जुआ होता है। जिससे कस्बे व ग्रामीण इलाकों की जनता का जीना हराम हो गया
है। एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस द्वारा हर एक फड़
से 1200 रूपये रोज के हिसाब से वसूलने के साथ खान पान की व्यवस्था मिलने
से जुआरियों के जुएं को चार चॉद लगा हुआ है। अलग अलग कार्य बटे है। कोई
दादागीरी से जीतने वाले से पैसा एैठता है। तो कोई पुलिस के नाम पर वसूली
करता है। करोबार बनकर रह गया जुएं का खेल। बडे़ बडे सटटेबाज जुआरियों के
सरगना दबंग लोगों को पुलिस नही पकड़ती ये बात किसी से छुपी नही। यही नही
जुये के इस खेल में किसी दिन कोई बडा हादसा भी हो सकता है क्योकि गिरोह
के दिग्गजों में लेन देन को लेकर आये दिन विवाद होता रहता है। कस्बे व आस
पास क्षेत्र में हो रहे मुषलषल जुए के चलते आये चोरियॉ होना कोई नयी बात
नही बिना डर दबाव खुले आम खेले जा रहे जुए के चलते दर्जनों परिवार बरबाद
है। यही नही हारने वालों को तत्काल ब्याज पर रूपया देने वालों की सुविधा
रहती है। जिससे मन माना ब्याज वसूला जाता है। न देने व देर होने पर
मारपीट गली ग्लोज व दबंगई कर वसूलने की परम्परा पुरानी हो गयी है। लोग
अपने घर के कीमती जेवरात व समान मोबाइल आदि भी गिरो रखकर तब तक खेलते
रहते है। जब तक वो पूरी तरह बर्बाद नही हो जाते है। जुये की मोटी रकम से
जुआ खेलवाने वाले दलाल अपनी जेबे भर रहे है। जिस तरह इस समय जुएं व
जुआरियों का ताण्डव मचा हुआ है। भविष्य में कभी एैसा जैदपुर थाना क्षेत्र
में नही हुआ है। अब दूर दूर से लोग यहॉ आकर जुआ खेलने के लिये लक्जरी
वाहन से आने का मामला सामने आ रहा है। जिससे कस्बा बर्बादी की ओर जाता
दिखाई दे रहा और पुलिस भी अपनी खाऊ कमाऊ नीति के चलते मौन है। जिसका
परिणाम जल्द सामने आने में अब ज्यादा देर नही। इस समस्या को लेकर कई बार
समाचार पत्रों द्वारा अवगत कराया गया परन्तु बहुत ही शर्मनाक बात है कि
कोई कार्यवाही नही की गयी और न ही जुआ बन्द कराया गया।

