श्रीकान्त की मौत की हो उच्च स्तरीय जांचः पुनिया
https://husainijnp.blogspot.com/2016/06/blog-post_949.html
बाराबंकी। हैदरगढ़ तहसील की ग्राम पकरिया जरगावां में भूख से श्रीकान्त की
मौत प्रदेश सरकार और प्रशासन पर बदनुमा दाग हैं। श्रीकांत की मौत भूख से
हुई हैं। प्रशासन का दावा गलत हैं कि उसकी मौत भूख से नही हुई। भूख से
हुई दर्दनाक मौत की हकीकत सामने आये इसके लिये सरकार जिम्मेदार एजेन्सी
से निष्पक्ष जांच कराये जिससे भूख से हुई मौत जैसे अक्षम्य अपराध करने के
दोषियों की सजा सुनिश्चित हो। सरकार मृतक की मां की आर्थिक सहायता कर
उसके रहने खाने पीने की व्यवस्था सुनिश्चित करायें।
उक्त मांग अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रवक्ता/सांसद
डॉ.पी.एल.पुनिया ने आज हैदरगढ़ तहसील के ग्राम पकरिया जरगावां में पहुंचकर
मृतक श्रीकान्त के परिवारजनों से भेंट के पश्चात् उत्तर प्रदेश सरकार से
की। मृतक परिवार से भेंट के दौरान श्री पुनिया ने आर्थिक सहायता भी की।
भूख से हुई श्रीकान्त की मौत पर सांसद श्री पुनिया ने गहरा दुख व्यक्त
करते हुए कहा कि जनपद में लाचार, बेबस श्रीकान्त की भूख से मौत एक बहुत
ही शर्मनाक घटना हैं। यू.पी.ए. की सरकार ने प्रदेश ही नही सम्पूर्ण भारत
वर्ष की गरीब, मजलूम आवाम को भोजन का अधिकार देकर यह सुनिश्चित किया थी
कि देश के प्रत्येक मनुष्य को भोजन का अधिकार हैं और इसके लिये कानून भी
बनाया हैं और इसकी नैतिक जिम्मेदारी, ग्राम पंचायत प्रधान, क्षेत्र
पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, स्थानीय विधायक की हैं जिनको अपना
प्रतिनिधि चुनकर आवाम ने अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी दी हैं और अगर ऐसे
में चार पांच दिन भूखा रहने के बाद किसी की भूख से तड़प-तड़प कर मौत हो
जाती हैं तो यह जहां चिन्ता का विषय हैं वही प्रशासन के लिये शर्म की बात
हैं। उस पर सहायक सूचना निदेशक द्वारा प्रशासनिक पक्ष रखना कि मौत भूख से
नही हुई गरीबी और भूख से हुई मौत की हकीकत के साथ एक गन्दा मजाक हैं
जिसकी सजा जिम्मेदार को मिलनी चाहियें।
श्री पुनिया ने उक्त शर्मनाक घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की हैं
जिससे दोषियों के चेहरे सामने आये और उनकी सजा सुनिश्चित हो। श्री पुनिया
ने प्रशासन से यह मांग की हैं क्योंकि राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा कानून
अभी ठीक से लागू नही कर पायी हैं इसलिये गरीब और भूखे के पेट का राशन की
कालाबाजारी हो रही हैं। ऐसे में प्रशासन एक वृहद अभियान छेड़कर भूखे
लावारिश, लाचारों को चिन्हित कर उन्हें भोजन के अधिकार के कानून से भोजन
की व्यवस्था सुनिश्चित कराये जिससे भविष्य में किसी श्रीकान्त की मौत भूख
से न हों। मृृतक परिवार से भेंट करने वालों में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष
विजयपाल गौतम, ब्लाक अध्यक्ष बिन्द्रा प्रसाद रावत, मोनू सिंह, भुलान
सिंह, राजू जैदी, विजय सिंह प्रधान, आशीष अवस्थी सहित स्थानीय आवाम मौजूद
थी।
मौत प्रदेश सरकार और प्रशासन पर बदनुमा दाग हैं। श्रीकांत की मौत भूख से
हुई हैं। प्रशासन का दावा गलत हैं कि उसकी मौत भूख से नही हुई। भूख से
हुई दर्दनाक मौत की हकीकत सामने आये इसके लिये सरकार जिम्मेदार एजेन्सी
से निष्पक्ष जांच कराये जिससे भूख से हुई मौत जैसे अक्षम्य अपराध करने के
दोषियों की सजा सुनिश्चित हो। सरकार मृतक की मां की आर्थिक सहायता कर
उसके रहने खाने पीने की व्यवस्था सुनिश्चित करायें।
उक्त मांग अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रवक्ता/सांसद
डॉ.पी.एल.पुनिया ने आज हैदरगढ़ तहसील के ग्राम पकरिया जरगावां में पहुंचकर
मृतक श्रीकान्त के परिवारजनों से भेंट के पश्चात् उत्तर प्रदेश सरकार से
की। मृतक परिवार से भेंट के दौरान श्री पुनिया ने आर्थिक सहायता भी की।
भूख से हुई श्रीकान्त की मौत पर सांसद श्री पुनिया ने गहरा दुख व्यक्त
करते हुए कहा कि जनपद में लाचार, बेबस श्रीकान्त की भूख से मौत एक बहुत
ही शर्मनाक घटना हैं। यू.पी.ए. की सरकार ने प्रदेश ही नही सम्पूर्ण भारत
वर्ष की गरीब, मजलूम आवाम को भोजन का अधिकार देकर यह सुनिश्चित किया थी
कि देश के प्रत्येक मनुष्य को भोजन का अधिकार हैं और इसके लिये कानून भी
बनाया हैं और इसकी नैतिक जिम्मेदारी, ग्राम पंचायत प्रधान, क्षेत्र
पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, स्थानीय विधायक की हैं जिनको अपना
प्रतिनिधि चुनकर आवाम ने अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी दी हैं और अगर ऐसे
में चार पांच दिन भूखा रहने के बाद किसी की भूख से तड़प-तड़प कर मौत हो
जाती हैं तो यह जहां चिन्ता का विषय हैं वही प्रशासन के लिये शर्म की बात
हैं। उस पर सहायक सूचना निदेशक द्वारा प्रशासनिक पक्ष रखना कि मौत भूख से
नही हुई गरीबी और भूख से हुई मौत की हकीकत के साथ एक गन्दा मजाक हैं
जिसकी सजा जिम्मेदार को मिलनी चाहियें।
श्री पुनिया ने उक्त शर्मनाक घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की हैं
जिससे दोषियों के चेहरे सामने आये और उनकी सजा सुनिश्चित हो। श्री पुनिया
ने प्रशासन से यह मांग की हैं क्योंकि राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा कानून
अभी ठीक से लागू नही कर पायी हैं इसलिये गरीब और भूखे के पेट का राशन की
कालाबाजारी हो रही हैं। ऐसे में प्रशासन एक वृहद अभियान छेड़कर भूखे
लावारिश, लाचारों को चिन्हित कर उन्हें भोजन के अधिकार के कानून से भोजन
की व्यवस्था सुनिश्चित कराये जिससे भविष्य में किसी श्रीकान्त की मौत भूख
से न हों। मृृतक परिवार से भेंट करने वालों में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष
विजयपाल गौतम, ब्लाक अध्यक्ष बिन्द्रा प्रसाद रावत, मोनू सिंह, भुलान
सिंह, राजू जैदी, विजय सिंह प्रधान, आशीष अवस्थी सहित स्थानीय आवाम मौजूद
थी।

