24 मंत्रियों पर दर्ज है अपराधिक मुकदमें: पुनिया
https://husainijnp.blogspot.com/2016/07/24.html
बाराबंकी। देश की मोदी सरकार पूंजीपतियों तथा दागी मंत्रियों की सरकार
हैं। गरीब, किसान, मजदूर को मोदी सरकार से कोई उम्मीद बेकार हैं 78
मंत्रियों में 72 करोड़पति के साथ-साथ 24 दागी मंत्री जिन पर आपराधिक
अभियोग दर्ज हैं, इस बात का संकेत हैं कि मोदी सरकार के मंत्रीमण्डल का
हर फैसला कारपोरेटघरानों तथा अपराधियों के पक्ष में होगा। देश की आवाम को
इस सरकार से हमदर्दी की उम्मीद एक ऐसा सपना होगा जो कभी साकार नही होंगा।
श्री पुनिया ने मंत्रिमण्डल के विस्तार पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा
कि समाज में जहर घोलने का काम करने वाले मंत्री आज भी मंत्रिमंडल में
शामिल हैं और वित्त मंत्री को न हटाना उनका एक ऐसा फैसला हैं जिसने साबित
कर दिया हैं कि नरेन्द्र मोदी एक मजबूत नही मजबूर प्रधानमंत्री हैं
क्योंकि वित मंत्री न महंगाई पर काबू पा सके और ना ही देश की
अर्थव्यवस्था में कोई नई जान डाल सकें हैं। देश की अर्थव्यवस्था नीचे की
ओर गिरती जा रही हैं सरकार 7.6 फीसदी जीडीपी विकास का दावा तो कर रही हैं
लेकिन देश का अर्थशास्त्री एवं आम आदमी सरकार के इस बात पर स्तब्ध हैं कि
यदि इतना अधिक विकास हो रहा हैं तो वह दिखाई क्यों नही पड़ रहा हैं। हकीकत
यह हैं कि नौकरियों का विकास, औद्योगिक आउटपुट के साथ-साथ निर्यात तेजी
से नीचे की ओर जा रहा हैं और मुद्रास्फीति गांवो में निराशा, सूखा और
खेतों में कम मजदूरी किसानों औरा खेत मजदूरी की कमर तोड़ रही हैं। मोदी की
सरकार में भारत में निवेशकों का भरोसा गिर रहा हैं विजय माल्या और ललित
मोदी भारतीय अर्थव्यवस्था को खोखला करके सरकार की सरपरस्ती में विदेश भाग
गयें और प्रधानमंत्री में इतनी भी हिम्मत नही हैं कि वित्त मंत्री को
मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें और जहर उगलने वाले मंत्रियो पर लगाम लगाये
जो देश में नफरत की दीवार खड़ी कर रहे हैं उनको बर्खास्त करके देश की आवाम
को आपसी सौहार्द तथा भाईचारा कायम रखने का संदेश दें।
हैं। गरीब, किसान, मजदूर को मोदी सरकार से कोई उम्मीद बेकार हैं 78
मंत्रियों में 72 करोड़पति के साथ-साथ 24 दागी मंत्री जिन पर आपराधिक
अभियोग दर्ज हैं, इस बात का संकेत हैं कि मोदी सरकार के मंत्रीमण्डल का
हर फैसला कारपोरेटघरानों तथा अपराधियों के पक्ष में होगा। देश की आवाम को
इस सरकार से हमदर्दी की उम्मीद एक ऐसा सपना होगा जो कभी साकार नही होंगा।
श्री पुनिया ने मंत्रिमण्डल के विस्तार पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा
कि समाज में जहर घोलने का काम करने वाले मंत्री आज भी मंत्रिमंडल में
शामिल हैं और वित्त मंत्री को न हटाना उनका एक ऐसा फैसला हैं जिसने साबित
कर दिया हैं कि नरेन्द्र मोदी एक मजबूत नही मजबूर प्रधानमंत्री हैं
क्योंकि वित मंत्री न महंगाई पर काबू पा सके और ना ही देश की
अर्थव्यवस्था में कोई नई जान डाल सकें हैं। देश की अर्थव्यवस्था नीचे की
ओर गिरती जा रही हैं सरकार 7.6 फीसदी जीडीपी विकास का दावा तो कर रही हैं
लेकिन देश का अर्थशास्त्री एवं आम आदमी सरकार के इस बात पर स्तब्ध हैं कि
यदि इतना अधिक विकास हो रहा हैं तो वह दिखाई क्यों नही पड़ रहा हैं। हकीकत
यह हैं कि नौकरियों का विकास, औद्योगिक आउटपुट के साथ-साथ निर्यात तेजी
से नीचे की ओर जा रहा हैं और मुद्रास्फीति गांवो में निराशा, सूखा और
खेतों में कम मजदूरी किसानों औरा खेत मजदूरी की कमर तोड़ रही हैं। मोदी की
सरकार में भारत में निवेशकों का भरोसा गिर रहा हैं विजय माल्या और ललित
मोदी भारतीय अर्थव्यवस्था को खोखला करके सरकार की सरपरस्ती में विदेश भाग
गयें और प्रधानमंत्री में इतनी भी हिम्मत नही हैं कि वित्त मंत्री को
मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें और जहर उगलने वाले मंत्रियो पर लगाम लगाये
जो देश में नफरत की दीवार खड़ी कर रहे हैं उनको बर्खास्त करके देश की आवाम
को आपसी सौहार्द तथा भाईचारा कायम रखने का संदेश दें।

