8 नवम्बर से शुरु होगा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण: न्यास अध्यक्ष
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बाराबंकी। भगवान राम सभी के दिलों में हैं और सभी दल के नेता यह चाहते
हैं कि राम जन्मभूमि पर ही भगवान राम का भव्य मंदिर का निर्माण हो। आगामी
8 नवम्बर से राम जन्मभूमि में ही सिंहद्वार से मंदिर का भव्य निर्माण
शुरु होगा। उक्त बात नगर पालिका अध्यक्ष के आवास पर राम जन्मभूमि न्यास
के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा जन्मजेय शरण जी ने कही। न्यास के अध्यक्ष ने
कहा कि आज राम मंदिर का निर्माण देश की अखण्डता और एकता का प्रतीक बन
चुका है। क्योंकि भगवान राम किसी एक जाति विशेष के नही हैं। उन्होने जब
धरती पर अवतार लिया तो समाज के हित के लिये महलों को छोड़कर 14 साल जंगलो
में विचरण किया। उन्होने इस दौरान समाज के हर जाति के लोगों को जोड़ने का
ही प्रयास किया। न कि तोड़ने का। उन्होने आगे कहा कि उज्जैन में हुए
महाकुम्भ सम्मेलन में राम मंदिर निर्माण की रुप रेखा तैयार कर ली गयी है।
आगामी 8 नवम्बर को पहले राम मंदिर निर्माण के लिये पूरब पश्चिम उत्तर
दक्षिण की चारो दिशाओं में सिंहद्वारों का निर्माण किया जायेगा। उसके बाद
भगवान राम का भव्य मंदिर बनेगा। न्यास के अध्यक्ष ने आगे कहा कि सभी दल
चाहे राष्ट्रीय हों या क्षेत्रीय यह चाहते हैं कि वहां पर भव्य भगवान राम
का मंदिर बने। पत्रकारों के पूछे गये सवाल में उन्होने कहा कि मंदिर
निर्माण में सब धर्म के लोग जुड़े हैं। अजमेर के सूफी संत, कत्ताल जिलानी
हमारे साथ में घूम घूमकर मंदिर निर्माण की तैयारी कर रहे हैं। उन्होने
कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। लेकिन 8 नवम्बर से पहले
इसका फैसला हो जायेगा। उन्होने कहा कि इस सम्बन्ध में महामहिम राष्ट्रपति
प्रणव मुखर्जी से भी मिलकर वार्ता की जा चुकी है। श्री शरण ने आगे कहा कि
आज इस मुद्दे को लेकर सभी दल राजनीति करते हैं। लेकिन मुझे किसी राजनीतिक
दल से कोई लेना देना नही है। मेरा तो प्रयास है कि अयोध्या में भगवान राम
का भव्य मंदिर बने। जो अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनायेगा।
इस मौके पर न्यास के अध्यक्ष के साथ में प्रदेश अध्यक्ष रंजीत बहादुर
श्रीवास्तव, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, देवेन्द्र प्रताप
सिंह ‘ज्ञानू‘, अवध रस्तोगी व अन्य लोग मौजूद थे।
सम्मेलन सितम्बर में
बाराबंकी। राम मंदिर न्यास के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने
बताया कि सितम्बर माह में धर्म संसद का आयोजन किया गया है। जिसमें पूरे
देश के नामी गिरामी शंकराचार्य, साधु, संत और महात्मा हिस्सा लेंगे।
उन्होने कहा कि इसी धर्म संसद में मंदिर निर्माण का प्रारुप भी सामने आ
जायेगा। यह सौभाग्य की बात है कि इतना बड़ा सम्मेलन प्रदेश में पहली बार
आयोजित किया गया है।
