राज्यसभा सदस्य ने सीएम को लिखा पत्र
https://husainijnp.blogspot.com/2016/07/blog-post_39.html
बाराबंकी। बाबा टीकारामधाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिये गोमती नदी के
बाजपुराघाट पर पक्का पुल वादों से नही इरादों से बनेगा। पुल स्थानीय आवाम
और श्रद्धालुओं की जरूरत हैं। जन प्रतिनिधि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर
आवाम की भावनाओं से खिलवाड़ न करें और राजनैतिक मनमुटाव भुलाकर खुले दिल
से सहयोग करके पुल निर्माण में हर सम्भव मदद करें। साथ ही प्रदेश के
मुख्यमंत्री लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक बाबा टीकारामधाम के
बाजपुरा घाट पर जल सत्याग्रहियों द्वारा पिछले 12 दिनों से पक्के पुल की
जायज मांग पर तत्काल हस्तक्षेप कर पुल निर्माण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों
को 25 लाख रू. के ऊपर की धनराशि का आगणन बनवाने का निर्देश करें। उक्त
अनुरोध राज्यसभा सांसद डॉ.पी.एल.पुनिया ने पिछले 12 दिनों से विकास खण्ड
हैदरगढ़ के बाबा टीकारामधाम के निकट गोमती नदी के बाजपुरा घाट पर पक्के
पुल के निर्माण की जायज मांग पर हो रहे जल सत्याग्रह पर प्रदेश के
मुख्यमंत्री अखलेश यादव से पत्र लिखकर किया। मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र
में श्री पुनिया ने लिखा हैं कि उत्तर प्रदेश के जनपद बाराबंकी के विकास
खण्ड हैदरगढ़ में गोमती नदी के किनारे बाबा टीकारामधाम हैं जहां प्रत्येक
मंगलवार को विशाल मेला लगता हैं और लाखों श्रद्धालु वहां पर बने पावन
मंदिर में आकर पूजा अर्चना करते हैं। दर्शन व पूजन करने के लिये स्थानीय
आवाम व हजारों श्रद्धालु बाजपुरा घाट होकर आते हैं वहां पुल न होने के
कारण मात्र नाव ही एक साधन हैं जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का
सामना करना पड़ता हैं और इसी परेशानी को लेकर वहां की क्षेत्रीय आवाम
पिछले 8 वर्षों से गोमती नदी पर पक्के पुल की मांग को लेकर आंदोलनरत् हैं
और समय-समय पर जल सत्याग्रह कर सरकार व जन प्रतिनिधियों का ध्यान इस अहम
समस्या की ओर आकर्षित करती हैं। श्री पुनिया ने प्रेषित पत्र में उल्लेख
किया हैं कि सन् 2012-13 में भी पुल की मांग को लेकर स्थानीय आवाम जब जल
सत्याग्रह कर रही थी तब भी आवाम की इस उचित मांग और उसकी परेशानियों से
निजात दिलाने के लिये मैं जल सत्याग्रह स्थल पर गया था और अपनी सांसद
विकास निधि से जितनी अधिक धनराशि दी जा सकती थी 25 लाख रू. दिये जाने की
घोषणा की थी और उसी के बाद आपकी सरकार के मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने जल
सत्याग्रहियों के बीच जाकर पुल निर्माण की बात कही थी, लेकिन आज तक आवाम
की यह विकट्् समस्या जैसी की तैसी बनी हैं और पिछले 10 दिनों से आवाम फिर
पक्के पुल के निर्माण के लिये जल सत्याग्रह कर रही हैं लेकिन बड़े ही खेद
के साथ लिखना पड़ रहा हैं कि आज तक पुल बनवाने का वादा करने वाले आपके
मंत्री, विधायक वहां नही पहुचें जहां पिछले 10 दिनों से आवाम इस भीषण
गर्मी में जल सत्याग्रह कर रही हैं। राज्यसभा सांसद पुनिया ने पत्र में
स्पष्ट रूप से उल्लेख किया हैं कि मैं स्वयं कांग्रेस परिवार के सदस्यों
के साथ जाकर जल सत्याग्रहियों से मिला और उनकी व्यथा सुनी और उनसे कहा कि
मैं आज भी उस वचन पर कायम हूॅ कि पुल निर्माण में 25 लाख की धनराशि मैं
सांसद विकास निधि से दूंगा क्योंकि इससे अधिक धनराशि दी नही जा सकती तो
आप भी इस प्रदेश के मुखिया होने का दायित्व निभायें और आवाम के दुख दर्द
का एहसास करके तत्काल हस्तक्षेप कर जल सत्याग्रह समाप्त करवाने के लिये
प्रशासन को निर्देशित करें और सम्बन्धित विभाग को 25 लाख के ऊपर का आगणन
बनवाने का निर्देश पारित कर आवामहित में तत्काल गोमती नदी के बाजपुरघाट
पर पक्के पुल का निर्माण करायें।
