aajtaktimes

विद्युत विभाग के ठेकेदारों के कारनामों से ग्रामीण निराश

अजमी रिज़वी
बाराबंकी। विद्युत विभाग के अधिकारियों और एलजेटी ठेकेदारों की मिलीभगत
से गांव में हो रहे विद्युतीकरण के खेल से ग्रामीण पूरी तरह फेल हो गये
हैं। ठेकेदारों द्वारा मनमाने तरीके से आधे अधूरे कार्य करने के बाद गांव
का विद्युतीकरण का काम पूरा दिखाकर ग्रामीणांे के साथ खुला मजाक कर रहे
हैं। जब ग्रामीण इसकी शिकायत अधिकारियों से करते हैं तो विभागीय अधिकारी
झूठी रिपोर्ट भेजकर ग्रामीणों की शिकायत को झूठा करार दे देते हैं।
क्षेत्रीय ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र भेजकर
लापरवाह कर्मचारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध जांच कराकर कार्यवाही की
मांग की है। जानकारी के अनुसार राजीव गांधी विद्युत परियोजना के तहत
विकास खण्ड बनीकोडर सिद्धौर, दरियाबाद, टिकैतनगर आदि के सैकड़ों गांवो में
विद्युतीकरण का कार्य एलजेटी ठेकेदारों द्वारा कराया जा रहा है। ठेकेदार
द्वारा भेजे गये कर्मचारी मनमाने तरीके से खम्भे गाड़ते हैं। तार खींचते
हैं और मीटर लगाकर विद्युतीकरण का काम शुरु कर देते हैं। गांव के ग्रामीण
यह कहते हैं कि खम्भा यहां से लगाकर अगर लाइन खींचो तो ज्यादा लोगों को
इसका लाभ मिल सकता है। लेकिन ग्राम प्रधान या किसी दबंग के इशारे पर यह
कर्मचारी काम करते हैं और मनमाना और आधा अधूरा काम करने के बाद वहां से
चले जाते हैं। चाहे इसका फायदा आम ग्रामीणों को मिले या न मिले। कहने को
तो ये गरीब परिवारों को निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की योजना है। लेकिन
हकीकत में तो ये सारी योजना असरदार लोगों की चौखटों तक सीमित होकर रह गयी
है। उदाहरण के तौर पर विकासखण्ड बनीकोडर की ग्राम पंचायत सरसा राठौर में
देखा जा सकता है। छः माह पूर्व इस ग्राम पंचायत में राजीव गांधी
विद्युतीकरण योजना के तहत गांव के गरीब बीपीएल श्रेणी के लोगों में
निःशुल्क विद्युतीकरण किया जाना था। लेकिन एलजेटी के ठेकेदारों द्वारा
पूरे गांव में आधा अधूरा विद्युतीकरण का कार्य करके बैरंग लौट गये। कहीं
पर खम्भे खड़े हैं। तो कहीं पर बिजली के तार नीचे जमीन पर पड़े हैं। ग्राम
प्रधान अखिलेश कुमार सिंह ने जब इसकी शिकायत की तो उस शिकायत पर किसी भी
अधिकारी ने कोई ध्यान नही दिया। सबसे ज्यादा मजाक तो इसी गांव के निवासी
शिवकुमार सिंह के साथ किया गया। शिवकुमार गरीब व्यक्ति था। जब
विद्युतीकरण का काम एलजेटी विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया जाना था। तो
कर्मचारियों ने उसके यहां विद्युतीकरण काम नही किया। जहां पर खम्भा गाड़ा
जाना था। वहां पर खम्भे भी नही गाड़े गये। इसकी शिकायत जब शिवकुमार ने
तहसील दिवस में जिलाधिकारी आये तो उनसे की। जिलाधिकारी ने जांच के लिये
विद्युत विभाग के एसडीओ को निर्देशित किया। एसडीओ ने मौके पर न जाकर यह
झूठी रिपोर्ट लगाकर भेज दी कि शिवकुमार के घर के सामने खम्भा गड़ा हुआ है।
विद्युत सप्लाई दी जा रही है। इस बारे में पीड़ित शिवकुमार ने बताया कि
डीएम से शिकायत के बाद एलजेटी कर्मचारी उसके घर पर आये थे और एक बबूल के
पेड़ से तार खींचकर उसके घर पर सप्लाई दे दी। उसने बताया कि आज तक उसके घर
के पास खम्भा नही लगा है। जबकि एसडीओ ने तहसील दिवस में शिकायत का
निस्तारण करते हुए। यह कहा है कि मेरे यहां पर खम्भे लगे हैं और उसी से
सप्लाई मिल रही है। पीड़ित ने इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
विद्युत विभाग के एमडी और जिलाधिकारी से शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की
उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि इसकी पूरी जांच कराकर झूठी
रिपोर्ट देने वाले विद्युत विभाग के एसडीओ के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही
की जाये। यह तो मात्र एक उदाहरण है। शायद ही ऐसा कोई गांव होगा जहां पर
विद्युतीकरण का कार्य हो रहा हो और एकदम सही काम विभागीय कर्मचारियों
द्वारा किया गया हो। इस सम्बन्ध में विद्युत विभाग के एसडीओ एपी गौतम से
जानकारी की गयी तो उनका कहना था कि सरसाराठौर में विद्युतीकरण का कार्य
पूरा हो चुका है और कहीं पर भी कोई शिकायत नही मिली है।

Related

UP 7934705695274701605

Post a Comment

emo-but-icon

Recent

Comments

item