डीएम के डर से जंगलों की खाक छान रहे वनकर्मी
https://husainijnp.blogspot.com/2016/07/blog-post_479.html
बाराबंकी। जिलाधिकारी की सख्ती का असर वन विभाग में देखने को मिल रहा है।
पूरे जनपद में लाखों पेड़ लगवाकर इतिहास रचा था। फिर उन पेड़ों की सुरक्षा
की जिम्मेदारी भी वनकर्मी खूब निभा रहे हैं। पिछले वर्ष वृक्षारोपण
कार्यक्रम के दौरान में अधिकांश पेड़ बरसात न होने के कारण सूख गये थे।
लेकिन इस बार ऐसा देखने को नही मिल रहा है। हरख वन क्षेत्र में आने वाले
मीरापुर जंगल और मेनहुआ जंगल में पेड़ो की सुरक्षा का जिम्मा वनकर्मी और
उनके सहयोगी खुद निभा रहे हैं। मेनहुआ में जहां 3125 शीशम के पेड़ लगाये
गये थे। वहीं मीरापुर जंगल में विभिन्न प्रजाति के 13 हजार पेड़ लगाये गये
थे। वृक्षारोपण के दौरान जिलाधिकारी अजय यादव ने खुद इन स्थानो का
निरीक्षण कर वनकर्मियों को शाबासी दी थी और यह आदेश भी दिया था कि अगर
पेड़ खराब हुए तो कड़ा दण्ड दिया जायेगा। उसी आदेश का असर साफ दिखायी दे
रहा है। इन जंगलों में जो पेड़ लगाये गये थे वह पेड़ धीरे-धीरे बड़े हो रहे
हैं और आने वाले समय में पूरा जंगल हरा भरा हो जायेगा।
पूरे जनपद में लाखों पेड़ लगवाकर इतिहास रचा था। फिर उन पेड़ों की सुरक्षा
की जिम्मेदारी भी वनकर्मी खूब निभा रहे हैं। पिछले वर्ष वृक्षारोपण
कार्यक्रम के दौरान में अधिकांश पेड़ बरसात न होने के कारण सूख गये थे।
लेकिन इस बार ऐसा देखने को नही मिल रहा है। हरख वन क्षेत्र में आने वाले
मीरापुर जंगल और मेनहुआ जंगल में पेड़ो की सुरक्षा का जिम्मा वनकर्मी और
उनके सहयोगी खुद निभा रहे हैं। मेनहुआ में जहां 3125 शीशम के पेड़ लगाये
गये थे। वहीं मीरापुर जंगल में विभिन्न प्रजाति के 13 हजार पेड़ लगाये गये
थे। वृक्षारोपण के दौरान जिलाधिकारी अजय यादव ने खुद इन स्थानो का
निरीक्षण कर वनकर्मियों को शाबासी दी थी और यह आदेश भी दिया था कि अगर
पेड़ खराब हुए तो कड़ा दण्ड दिया जायेगा। उसी आदेश का असर साफ दिखायी दे
रहा है। इन जंगलों में जो पेड़ लगाये गये थे वह पेड़ धीरे-धीरे बड़े हो रहे
हैं और आने वाले समय में पूरा जंगल हरा भरा हो जायेगा।

