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पुलिसिंग पर सवालिया निशान लगा गई सात दिनों में दो लूट की वारदातें!

🌕बुलंद हौसला बदमाशों ने गुरुवार को एसपी बंगले के समीप दिया वारदात को अंजाम
🌕सपा विधायक अनूप संडा के चचेरे भाई की दुकान पर अंजाम पाई वारदात
🌕पर्दाफाश के लिये एडिशनल की मानिटरिंग में क्राइम ब्रांच, कोतवाल व चार एसआई को मिली ज़िम्मेदारी
(आजतक टाइम्स ब्यूरो)
सुल्तानपुर । ठीक सात दिनों के अन्दर शहर में दो लूट, इत्तेफ़ाक ये दोनों लूटकांड में लुटेरों के निशाने पर रहे व्यापारी, हैरत की बात ये के सात दिन पहले की घटना चौकी से चंद क़दम की दूरी पर अंजाम पाई, यही क्या कम पुलिस के इकबाल पर कम सितम था, इस पर गुरुवार को शहर की सम्पूर्ण पुलिसिंग पर सवालिया निशान लग गया जब बुलंद हौसला बदमाशों ने एसपी निवास से 20 क़दम की दूरी पर सत्तारूढ़ दल के विधायक के चचेरे भाई की दुकान पर लूट की वारदात को अंजाम दिया, अब देखना ये बाकी है कि शहर की लचर पुलिस व्यवस्था पर एसपी पवन कुमार की ओर से क्या कारवाई होती है?
सनद रहे कि हाल में जिस तरह ज़िले ख़ासकर शहर के अंदर बदमाशों के हौंसले बुलन्द हैं, बगैर किसी खौफ के बदमाश एक के बाद एक घटना को अंजाम देकर पुलिसिंग को चुनौती दे रहे उससे प्रतीत हो रहा है कि पुलिस कहीं न कहीं बदमाशों के आगे नत्मस्तक है।
इससे बढ़कर शहर पुलिसिंग के लिये और क्या चुनौती होगी कि बदमाश गुरुवार को ज़िले के कप्तान के सिर पर आकर लूट की वारदात को दिन-दहाडे अंजाम दे गये? गम्भीर विषय ये कि उक्त घटना जिस जगह अंजाम पाई वो किसी आम व्यक्ति का घर नहीं बल्कि सत्ताधारी विधायक अनूप संडा के चचेरे भाई का आशियाना था जहां बदमाशों ने 1:30 बजे दिन में जब आसपास की हर आंखें खुली थी उस समय 4 के जेवरात पर हाथ साफ किया तो 80 हज़ार की नगदी साथ लेकर गये, यही नहीं वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों ने विधायक के भाई नीरज सेठ की धर्मपत्नी पर लोहे की राड से हमला भी किया, इस सब में थोड़ा समय तो नहीं लगा होगा फिर पुलिस और उसके सूत्र कहां सो रहे थे? हां उधर बदमाश अपना काम करके गये इधर पुलिस अपने साजो-सामान के साथ पहुंची, सत्ताधारी विधायक से मामला जुड़ा होने के नाते एसपी, एडिशनल एसपी व पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।
इस बीच एसपी पवन कुमार के रुख़ से लगा कि जल्द बड़ी कारवाई होगी, वारदात के खुलासे के लिये क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम नगर कोतवाल और चार चौकी इंचार्जो को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है जबकि इनकी मानिटरिंग एडिशन एसपी विनय कुमार सिंह कर रहे हैं, गुरुवार की ये वारदात भी व्यपारी से जुड़ी है और सप्ताह भर पूर्व की घटना भी, ऐसे में सवाल ये है कि आखिर जब शहर में इस तरह के लोग सुरक्षित नहीं तो आम-आदमी की सुरक्षा का क्या हश्र  होगा?
इसका अंदाज़ा इसी बात से लगा लिया जाये कि शहर पुलिस 21 जुलाई की घटना में  आजतक आसपास के सीसी टीवी के फुटेज ही खंगाल रही है, जबकि कोतवाली नगर के शाहगंज पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर ही व्यपारी के मुनीम अशोक गुप्ता (55) पर गोलियाँ चलाकर डेढ़ लाख की लूट हुई थी, और एक सप्ताह बाद भी पुलिस जहां की तहां है, हां बस एक बात से दोनों घटनाओं के  पर्दाफाश की अलख जगती है कि गुरुवार की वारदात घटित तो व्यपारी के साथ हुई है लेकिन कहीं न कहीं मामला सत्ता पक्ष से जुड़ा है।

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