सुलतानपुर में बीजेपी कार्यकर्त्ता उतरे सड़क पर , किया ज़ोरदार प्रदर्शन
https://husainijnp.blogspot.com/2016/07/blog-post_517.html
असगर नक़ी
सुल्तानपुर । प्रदेश भाजपा के आवाह्न पर भाजपा ज़िला इकाई ने "बेटी के सम्मान में भाजपा मैदान में" के नारे के साथ शनिवार को ज़िला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया, इस बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने बसपा नेताओं और बसपा सुप्रीमो मायावती को निशाने पर लेकर उनके विरुद्ध अपना आक्रोश निकाला।
सनद रहे की बीते दिनों भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के विवादित बयान के बाद प्रदेश की राजनीतिक आबो-हवा गर्मा गई है, वैसे भाजपा ने अपने दामन पर लगे दाग़ को साफ करते हुए आनन-फानन में कार्यवाही करते हुए दयाशंकर को पार्टी ने निष्काषित कर दिया था, जबकि प्रदेश सरकार ने भाजपा नेता के विरुद्ध अभियोग दर्ज कराया था,
इसी क्रम में बताते चलें कि बसपा ने इस घटना के बाद से बयान बाजी शुरू करते हुए प्रदर्शन किया था, दयाशंकर द्वारा बसपा सुप्रीमो मायावती पर दिए गए विवादस्पद बयान के बाद बसपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में जमकर बवाल काटा था, जहाँ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने अमर्यादित नारे भी लगाये गए थे, जिसके बाद दयाशंकर सिंह की पत्नी की तरफ से भी बयान आया कि बसपा द्वारा उनकी बेटी माँ पर बोले गए शब्दों से उनकी 12 साल की बेटी गहरे सदमे में है। बस फिर क्या था इस पुरे मामले में बैकफुट पर गई भाजपा को फ्रंट पर ला दिया और पूरे मामले में नेताओं ने प्रदर्शन कर बसपा को घेरना शुरू कर दिया।
शनिवार को उसी मुहिम के तहत भाजपा नेताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा, स्थानीय भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मांग की कि बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी और अन्य बसपा नेताओं, कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में दिए गए नारों और बयानों पर कठोर कार्यवाही की जाये। इस दौरान जिला अध्यक्ष जगजीत सिंह छंगु, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, सुशील त्रिपाठी, भावना सिंह, डाक्टर संतोष सिंह, विजय सिंह रघुवंशी आदि मौजूद रहे।
सुल्तानपुर । प्रदेश भाजपा के आवाह्न पर भाजपा ज़िला इकाई ने "बेटी के सम्मान में भाजपा मैदान में" के नारे के साथ शनिवार को ज़िला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया, इस बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने बसपा नेताओं और बसपा सुप्रीमो मायावती को निशाने पर लेकर उनके विरुद्ध अपना आक्रोश निकाला।
सनद रहे की बीते दिनों भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के विवादित बयान के बाद प्रदेश की राजनीतिक आबो-हवा गर्मा गई है, वैसे भाजपा ने अपने दामन पर लगे दाग़ को साफ करते हुए आनन-फानन में कार्यवाही करते हुए दयाशंकर को पार्टी ने निष्काषित कर दिया था, जबकि प्रदेश सरकार ने भाजपा नेता के विरुद्ध अभियोग दर्ज कराया था,
इसी क्रम में बताते चलें कि बसपा ने इस घटना के बाद से बयान बाजी शुरू करते हुए प्रदर्शन किया था, दयाशंकर द्वारा बसपा सुप्रीमो मायावती पर दिए गए विवादस्पद बयान के बाद बसपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में जमकर बवाल काटा था, जहाँ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने अमर्यादित नारे भी लगाये गए थे, जिसके बाद दयाशंकर सिंह की पत्नी की तरफ से भी बयान आया कि बसपा द्वारा उनकी बेटी माँ पर बोले गए शब्दों से उनकी 12 साल की बेटी गहरे सदमे में है। बस फिर क्या था इस पुरे मामले में बैकफुट पर गई भाजपा को फ्रंट पर ला दिया और पूरे मामले में नेताओं ने प्रदर्शन कर बसपा को घेरना शुरू कर दिया।
शनिवार को उसी मुहिम के तहत भाजपा नेताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा, स्थानीय भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मांग की कि बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी और अन्य बसपा नेताओं, कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में दिए गए नारों और बयानों पर कठोर कार्यवाही की जाये। इस दौरान जिला अध्यक्ष जगजीत सिंह छंगु, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, सुशील त्रिपाठी, भावना सिंह, डाक्टर संतोष सिंह, विजय सिंह रघुवंशी आदि मौजूद रहे।

