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पारिवारिक संयोजन का मूल केन्द्र महिलाएं: जिलाधिकारी

अजमी रिज़वी
बाराबंकी। परिवार के सुखद भविष्य का निर्माण परिवार की महिलायें करती है।
परिवार की सुख-सुविधाओं और कल्याण की दूरगामी सोंच महिलाओं में ही पनपती
है। परिवार की महिलायें पारिवारिक संयोजन का मूल केन्द्र होती है तथा
परिवार के आकार को बड़ा या छोट रखने में इनके द्वारा लिए गए निर्णयों की
भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए परिवार की मूल कड़ी सास एवं बहु को
जनसंख्या नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर जागरूक किया जाना आवश्यक
है। उक्त उद्गार अजय यादव जिलाधिकारी द्वारा नगर पालिका परिषद के हाल में
‘‘विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़ा’’ के अवसर पर आयोजित ‘‘सास-बहु सम्मेलन’’
में व्यक्त किये। उन्होनेे कहा कि पूरे विश्व में सर्वाधित जनसंख्या चीन
की है और हम मात्र चीन से ही पीछे है जबकि चीन का क्षेत्रफल भारत के कहीं
ज्यादा है। हमें प्रत्येक परिवार में परिवार को छोटा रखने की सोंच विकसित
करनी होगी और परिवार में भी ये सोंच विशेष रूप से महिलाओं में विकसित
करनी होगी। परिवार की बुजुर्ग महिलाओं से लेकर युवा महिला सदस्य तक जब
बिना किसी लिंग भेद के परिवार को छोटा रखकर परिवार को छोटा रखने के लिए
सोचेगी, तब जनसंख्या का यह तीव्र प्रसार स्वतः स्थिर हो जायेगा। उन्होने
कहा छोटा परिवार अपने लिए समस्त संसाधनों की उपलब्धता कर लेता है और समाज
में अपना जीवन स्तर भी बेहतर कर लेता है, जिससे परिवार में संतुष्टि आती
है और जीवन सुखद हो जाता है। हमें महिलाओं तक ये ही सोच पहुंचानी है
जिससे वे अपने परिवारों के सुखद भविष्य के लिए छोटा परिवार रखने का
निर्णय लें। उनका ये निर्णय देशहित में जनसंख्या नियंत्रण का कार्य
करेगा। उन्होने सभा में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों एवं
चिकित्सों से अपील की कि वे इसी प्रकार की सोच का प्रसार करंे। इसके लिए
सरकार की योजनाओं का प्रसार भी करें और देशहित में अपने उत्तरदायित्वों
का निर्वन करें। कार्यक्रम में जिले के स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य विभागों
के वरिष्ठ अधिकारियों सहित महिला एवं पुरूष चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा
अधीक्षिका, नर्सिंग होम स्टूडेंट, जिला स्तर पर तैनात चिकित्सक सहित बड़ी
संख्या में सास बहुओं ने प्रतिभाग किया।

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