बैंक के कर्ज में डूबे किसान ने की आत्महत्या
https://husainijnp.blogspot.com/2016/07/blog-post_688.html
त्रिवेदीगंज, बाराबंकी। थाना लोनीकटरा अन्तर्गत कर्ज के बोझ तले दबे एक
किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने लाश का पंचनामा भरकर
पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, थाना लोनीकटरा क्षेत्र
के ग्राम सोनिकपुर निवासी अशोक सिंह पुत्र राम प्रकाश ने घरेलू कार्य के
लिए भूमि विकास बैंक से एक लाख रूपया बतौर कर्ज के तौर पर लिया था। गरीबी
के कारण वह कुछ वर्षों तक बैंक का कर्जा अदा नहीं कर सका। जिसकी वजह से
बैंक कर्मी आये दिन उस पर कर्जा भरने का दबाव डालने लगे। जिससे वह काफी
परेशान रहने लगा। बीती 27 जुलाई की दोपहर को जब भूमि विकास बैंक की शाखा
प्रबंधक ने कर्जा जमा करने की नोटिस भेजी और कुल बकाया एक लाख अस्सी हजार
रूपया दिखाया। तो इतना कर्जा देखकर अशोक पूरी रात परेशान रहा। बीते 28
जुलाई की दोपहर को वह बैंक पहुंचा और शाखा प्रबंधक से मोहलत मांगी। लेकिन
शाखा प्रबंधक ने कहा कि सरकारी कर्जा है। तुमको जमा ही करना पड़ेगा। मैं
इसमें, तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता हूं। शाखा प्रबंधक से जवाब मिलने
के बाद बीती रात अशोक सिंह ने घर के परिजनों के साथ खाना तो खाया। लेकिन
उसका मन काफी परेशान था। जब घर के सभी सदस्य सो गये तो अशोक ने गांव के
बाहर मंदिर के पास अपने खेत में एक पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
आज सुबह जब, ग्रामवासी शौंच के लिए गये तो उनको घटना की जानकारी हुई।
इसके बाद अशोक के घर में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान की सूचना पर मौके
पर पहुंचे थाना प्रभारी श्रीधर पाठक ने लाश का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम
के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी का कहना था कि मामला आत्महत्या का है।
किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने लाश का पंचनामा भरकर
पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, थाना लोनीकटरा क्षेत्र
के ग्राम सोनिकपुर निवासी अशोक सिंह पुत्र राम प्रकाश ने घरेलू कार्य के
लिए भूमि विकास बैंक से एक लाख रूपया बतौर कर्ज के तौर पर लिया था। गरीबी
के कारण वह कुछ वर्षों तक बैंक का कर्जा अदा नहीं कर सका। जिसकी वजह से
बैंक कर्मी आये दिन उस पर कर्जा भरने का दबाव डालने लगे। जिससे वह काफी
परेशान रहने लगा। बीती 27 जुलाई की दोपहर को जब भूमि विकास बैंक की शाखा
प्रबंधक ने कर्जा जमा करने की नोटिस भेजी और कुल बकाया एक लाख अस्सी हजार
रूपया दिखाया। तो इतना कर्जा देखकर अशोक पूरी रात परेशान रहा। बीते 28
जुलाई की दोपहर को वह बैंक पहुंचा और शाखा प्रबंधक से मोहलत मांगी। लेकिन
शाखा प्रबंधक ने कहा कि सरकारी कर्जा है। तुमको जमा ही करना पड़ेगा। मैं
इसमें, तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता हूं। शाखा प्रबंधक से जवाब मिलने
के बाद बीती रात अशोक सिंह ने घर के परिजनों के साथ खाना तो खाया। लेकिन
उसका मन काफी परेशान था। जब घर के सभी सदस्य सो गये तो अशोक ने गांव के
बाहर मंदिर के पास अपने खेत में एक पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
आज सुबह जब, ग्रामवासी शौंच के लिए गये तो उनको घटना की जानकारी हुई।
इसके बाद अशोक के घर में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान की सूचना पर मौके
पर पहुंचे थाना प्रभारी श्रीधर पाठक ने लाश का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम
के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी का कहना था कि मामला आत्महत्या का है।

