आसाराम बापू केस: मुख्य गवाह की हत्या
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आसाराम बापू के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में मुख्य सरकारी गवाह अखिल गुप्ता की हत्या के मामले में देवबंद पुलिस ने करीब एक वर्ष से फरार चल रहे हत्यारोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। अधिकारियों की माने तो आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए पहचान बदलकर इधर-उधर रह रहा था। पुलिस ने उसे एक सप्ताह से हिरासत में ले रखा था। पूछताछ करने पर उसने पूरे मामले का खुलासा किया है।
बृहस्पतिवार को कोतवाल बिजेंद्र यादव ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व क्षेत्र के मिरगपुर गांव से 15 गोवंश के साथ एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था। जिसमें पूछताछ में अपना नाम नीरज निवासी जनपद बागपत बताया था। उसके पास से मिले पहचान पत्र में भी यही नाम और पता अंकित था।
बागपत पुलिस से इसके संबंध में जानकारी ली गई तो पता चला कि इस नाम का व्यक्ति बताए गए पते पर नहीं रहता है। पुलिस ने उससे दोबारा पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि वह जनपद मुजफ्फरनगर स्थित मीरापुर के कासमपुर खोला का रहने वाला है और करीब 10 वर्षों से वह गांव में भी नहीं गया। मुजफ्फरनगर पुलिस से संपर्क करने पर उसकी जो हकीकत सामने आई उससे पुलिस भी दंग रह गई।
मुख्य गवाह अखिल गुप्ता की कर दी हत्या
कोतवाल के मुताबिक आसाराम बापू के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले के मुख्य सरकारी गवाह अखिल गुप्ता निवासी गीता एंकलेव जानसठ रोड मेरठ की 11 जनवरी 2015 को हत्या कर दी गई थी। जिसमें अखिल गुप्ता की पत्नी वर्षा ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था।
हत्या के मामले में 13 मार्च 2016 को गुजरात एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल निवासी कार्तिक हलदर को गिरफ्तार किया था। जिसने पूछताछ में छत्तीसगढ़ निवासी तामराज, सीतापुर निवासी राहुल, मध्यप्रदेश निवासी बलवीर और मीरापुर (मुजफ्फरनगर) निवासी नीरज के साथ मिलकर अखिल गुप्ता की हत्या करना स्वीकार किया था। जिसमें तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि नीरज तभी से फरार चल रहा था।
बिजेंद्र यादव ने बताया कि परिजनों से पूछताछ में पता चला कि नीरज करीब 10 वर्षों से अपने गांव नहीं गया। इतना ही नहीं वह पहचान बदलकर गाजियाबाद नंदगांव स्थित एक आश्रम में संयोजक के रूप में कार्यरत था। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर पुलिस शेष हत्यारोपियों के बारे में पूछताछ करने के लिए उसकी पीसीआर (पुलिस कस्टडी रिमांड) लेने की तैयारी कर रही है।
बृहस्पतिवार को कोतवाल बिजेंद्र यादव ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व क्षेत्र के मिरगपुर गांव से 15 गोवंश के साथ एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया था। जिसमें पूछताछ में अपना नाम नीरज निवासी जनपद बागपत बताया था। उसके पास से मिले पहचान पत्र में भी यही नाम और पता अंकित था।
बागपत पुलिस से इसके संबंध में जानकारी ली गई तो पता चला कि इस नाम का व्यक्ति बताए गए पते पर नहीं रहता है। पुलिस ने उससे दोबारा पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि वह जनपद मुजफ्फरनगर स्थित मीरापुर के कासमपुर खोला का रहने वाला है और करीब 10 वर्षों से वह गांव में भी नहीं गया। मुजफ्फरनगर पुलिस से संपर्क करने पर उसकी जो हकीकत सामने आई उससे पुलिस भी दंग रह गई।
मुख्य गवाह अखिल गुप्ता की कर दी हत्या
कोतवाल के मुताबिक आसाराम बापू के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले के मुख्य सरकारी गवाह अखिल गुप्ता निवासी गीता एंकलेव जानसठ रोड मेरठ की 11 जनवरी 2015 को हत्या कर दी गई थी। जिसमें अखिल गुप्ता की पत्नी वर्षा ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था।
हत्या के मामले में 13 मार्च 2016 को गुजरात एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल निवासी कार्तिक हलदर को गिरफ्तार किया था। जिसने पूछताछ में छत्तीसगढ़ निवासी तामराज, सीतापुर निवासी राहुल, मध्यप्रदेश निवासी बलवीर और मीरापुर (मुजफ्फरनगर) निवासी नीरज के साथ मिलकर अखिल गुप्ता की हत्या करना स्वीकार किया था। जिसमें तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि नीरज तभी से फरार चल रहा था।
बिजेंद्र यादव ने बताया कि परिजनों से पूछताछ में पता चला कि नीरज करीब 10 वर्षों से अपने गांव नहीं गया। इतना ही नहीं वह पहचान बदलकर गाजियाबाद नंदगांव स्थित एक आश्रम में संयोजक के रूप में कार्यरत था। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर पुलिस शेष हत्यारोपियों के बारे में पूछताछ करने के लिए उसकी पीसीआर (पुलिस कस्टडी रिमांड) लेने की तैयारी कर रही है।

