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लगातार 50 वर्षों से रक्षाबंधन मनाकर भाई-बहन ने दिया संदेश

मोहम्मद सोहराब
जौनपुर। शीराज-एदृहिन्द में न कोई हिन्दू है और न ही कोई मुस्लिम। यहां तो बस एक ही धर्म है आपसी भाईचारा। यहां किसी भी धर्म का कोई भी त्योहार हो, सभी धर्म के लोग हंसी-खुशी मनाते हैं। ऐसी ही एक मिसाल जौनपुर में रक्षाबंधन के दिन देखने को मिली। दीवानी न्यायालय से न्यायिक स्पेशल जेएम प्रथम पद से सेवानिवृत्त हाजी अब्बास हुसैन साहब ‘अहसास जौनपुरी’ अपने स्वभाव से हर दिल में राज करने वाले ने चितौड़ की महारानी कर्मावती व मुगल बादशाह हुंमायू द्वारा राखी की ऐतिहासिक परम्परा को बरकरार रखा है। श्री हुसैन को वाराणसी से आयीं श्रीमती शीला गुप्ता ने रक्षाबंधन पर्व पर राखी बांधीं जो आज 50वीं रक्षाबंधन रही। अपने मुंहबोले भाई श्री हुसैन की कलाई में राखी बांधकर उन्होंने आज गोल्डेन जुबली मनायी। श्रीमती गुप्ता मूल रूप से सिपाह के रामदास की पुत्री हैं जिनकी शादी वाराणसी में हुई है। 50 साल पूर्व शीला गुप्ता ने पहली बार केरारकोट बलुआ घाट निवासी अब्बास हुसैन को राखी बांधी थी। शीला गुप्ता प्रति वर्ष वाराणसी से आकर अपने मुंहबोले भाई हुसैन को रक्षा बांधती हैं।

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