दर्जा समग्र ग्राम लोहिया का लेकिन एक भी लोहिया आवास नही
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_149.html
बाराबंकी। विकासखण्ड सिद्धौर के समग्र लोहिया ग्राम देवरा में इन दिनों
विकास कार्य जारी हैं। पचास शौंचालय निर्माण के लिये आये हैं लेकिन ग्राम
प्रधान के चंगू मंगू गरीब ग्रामीणों से 1200 रुपये की अवैध वसूली कर रहे
हैं। यह लोग ग्रामीणों को धमकी दे रहे हैं कि अगर इसमें पैसा नही दोगे तो
तुम लोगों कोई भी आवास नही दिया जायेगा। गांव के ही राजकुमार यादव के
यहां शौंचालय निर्माण चल रहा था। जिसमें मसाला काफी घटिया लगाया जा रहा
था। जब राजकुमार ने इसका विरोध किया तो प्रधान के चंगू मंगू शौचालय
निर्माण का सारा सामान ही उठा ले गये और कहा कि अब तुम्हारा शौचालय नही
बनेगा। इस सम्बन्ध में जब ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश दूबे से जानकारी की
गयी तो उनका कहना था कि मेरे संज्ञान में अवैध वसूली की जानकारी नही है।
अगर कोई पैसे वसूल रहा है तो उसकी शिकायत उच्चाधिकारी से करें। गौरतलब हो
कि वर्ष-16-17 में सपा विधायक रामगोपाल रावत ने देवरा को समग्र लोहिया
ग्राम के लिये चयनित किया था। लेकिन देवरा में जांच के दौरान एक भी ऐसा
व्यक्ति नही पाया गया। जिसको लोहिया आवास दिया जा सके। पूरे जनपद का यह
पहला गांव होगा जो लोहिया ग्राम होने के बावजूद भी लोहिया आवासों से
ग्रामीण वंचित रहेंगे।
विकास कार्य जारी हैं। पचास शौंचालय निर्माण के लिये आये हैं लेकिन ग्राम
प्रधान के चंगू मंगू गरीब ग्रामीणों से 1200 रुपये की अवैध वसूली कर रहे
हैं। यह लोग ग्रामीणों को धमकी दे रहे हैं कि अगर इसमें पैसा नही दोगे तो
तुम लोगों कोई भी आवास नही दिया जायेगा। गांव के ही राजकुमार यादव के
यहां शौंचालय निर्माण चल रहा था। जिसमें मसाला काफी घटिया लगाया जा रहा
था। जब राजकुमार ने इसका विरोध किया तो प्रधान के चंगू मंगू शौचालय
निर्माण का सारा सामान ही उठा ले गये और कहा कि अब तुम्हारा शौचालय नही
बनेगा। इस सम्बन्ध में जब ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश दूबे से जानकारी की
गयी तो उनका कहना था कि मेरे संज्ञान में अवैध वसूली की जानकारी नही है।
अगर कोई पैसे वसूल रहा है तो उसकी शिकायत उच्चाधिकारी से करें। गौरतलब हो
कि वर्ष-16-17 में सपा विधायक रामगोपाल रावत ने देवरा को समग्र लोहिया
ग्राम के लिये चयनित किया था। लेकिन देवरा में जांच के दौरान एक भी ऐसा
व्यक्ति नही पाया गया। जिसको लोहिया आवास दिया जा सके। पूरे जनपद का यह
पहला गांव होगा जो लोहिया ग्राम होने के बावजूद भी लोहिया आवासों से
ग्रामीण वंचित रहेंगे।

