राष्ट्रीय बाल विज्ञान की जनपदीय कार्यषाला सम्पन्न
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_320.html
बाराबंकी। एनसीएसटीसी नेटवर्क द्वारा आयोजित, राश्ट्रीय विज्ञान एवं
प्रौद्योगिकी संचार परिशद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार,
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिशद उ0प्र0 द्वारा उत्प्रेरित व समर्थित एवं
विकास इलाहाबाद द्वारा समन्वित एक दिवसीय जनपदीय कार्यशाला का आयोजित
विद्यालय अज़ीमुददीन अषरफ इस्लामिया इण्टर कालेज, बाराबंकी में हुआ।
कार्यक्रम के उदघाटन जिला विद्यालय निरीक्षक रामकरन सिंह ने किया।
उद्घाटन के दौरान उन्होने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस के द्वारा
विद्यार्थियों के मस्तिष्क में क्यों कैसे जैसे प्रश्नों के विकास को एक
प्रेरणा मिलेगी तथा समापन सत्र के मुख्य अतिथि पीएन सिहं, जिला बेसिक
शिक्षा अधिकारी ने कहा कि संसाधनों के साथ न्याय करते हुए बिना किसी
पूर्वाग्रह के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का एक शानदार
मंच बाल विज्ञान कांग्रेस है। नेशनल कालेज के प्रवक्ता आशीष पाठक ने
बताया कि जीवन शैली एवं आजीविका का सतत विकास विज्ञान की सही सोच को
परिभाषित करता है। कार्यक्रम में चन्द्र शेखर काण्डपाल, आफाक अली,
शैलेन्द्र सिंह, डा. एनसी त्रिपाठी, डा. बीएल वर्मा, डा. सुजीत
चतुर्वेदी, आशीष पाठक, डा. राम कुमार गिरि, एबी आरसी राम बदल मौर्य,
रामचन्द्र, ताजउददीन खान, फिरोज, अख्तर, इरफानउल्लाह, फैजान-उर्र-रहमान,
राजेन्द्र त्रिपाठी तथा डीडी आर्या आदि मौजूद रहे।
प्रौद्योगिकी संचार परिशद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार,
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिशद उ0प्र0 द्वारा उत्प्रेरित व समर्थित एवं
विकास इलाहाबाद द्वारा समन्वित एक दिवसीय जनपदीय कार्यशाला का आयोजित
विद्यालय अज़ीमुददीन अषरफ इस्लामिया इण्टर कालेज, बाराबंकी में हुआ।
कार्यक्रम के उदघाटन जिला विद्यालय निरीक्षक रामकरन सिंह ने किया।
उद्घाटन के दौरान उन्होने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस के द्वारा
विद्यार्थियों के मस्तिष्क में क्यों कैसे जैसे प्रश्नों के विकास को एक
प्रेरणा मिलेगी तथा समापन सत्र के मुख्य अतिथि पीएन सिहं, जिला बेसिक
शिक्षा अधिकारी ने कहा कि संसाधनों के साथ न्याय करते हुए बिना किसी
पूर्वाग्रह के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का एक शानदार
मंच बाल विज्ञान कांग्रेस है। नेशनल कालेज के प्रवक्ता आशीष पाठक ने
बताया कि जीवन शैली एवं आजीविका का सतत विकास विज्ञान की सही सोच को
परिभाषित करता है। कार्यक्रम में चन्द्र शेखर काण्डपाल, आफाक अली,
शैलेन्द्र सिंह, डा. एनसी त्रिपाठी, डा. बीएल वर्मा, डा. सुजीत
चतुर्वेदी, आशीष पाठक, डा. राम कुमार गिरि, एबी आरसी राम बदल मौर्य,
रामचन्द्र, ताजउददीन खान, फिरोज, अख्तर, इरफानउल्लाह, फैजान-उर्र-रहमान,
राजेन्द्र त्रिपाठी तथा डीडी आर्या आदि मौजूद रहे।

