दुराचार की शिकार किशोरी पर संवेदनहीन हुआ महिला अस्पताल
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। थाना सतरिख अन्तर्गत गूंगी बहरी बालिका के साथ में हुए दुराचार
के मामले में थानाध्यक्ष ने जहां अपनी गंदी चाल का नमूना पेश किया। वहीं
दूसरी तरफ जिला अस्पताल में भर्ती पीड़िता के साथ में महिला चिकित्सक ने
भी उसके साथ जो अंजाम किया वह आवाम नही भाया। नतीजा यह हुआ कि इससे
आक्रोशित होकर सैकड़ो ग्रामीणों ने लखनऊ फैजाबाद मार्ग जामकर जमकर
प्रदर्शन किया। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार, रक्षाबंधन (18 अगस्त) वाले दिन सब सारी बहने अपने
भाईयों के कलाईयों में रक्षाकवच बांधकर अपनी सुरक्षा की शर्त रखी तो
भाईयों ने भी उनकी शर्त पूरी करने में कोई भी कसर नही छोड़ी। लेकिन सतरिख
क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय गूंगी बहरी बालिका जब शौंच के
लिये रात को आठ बजे गांव के बाहर गयी तो वहां पर पहले से घात लगाकर बैठे
बहसी दरिंदे चंदन पुत्र रामकुमार निवासी ग्राम रसूलपुर थाना नगराम, जिला
लखनऊ ने उस मासूम के साथ में जबरदस्ती अपना मंुह काला किया। अपनी हवस की
भूख मिटाने के बाद उक्त दरिंदा वहां से निकल भागा। खून से लथपत उक्त
बालिका जब घर पहुंची और सारी आपबीती अपने पिता को बतायी तो रात को ही
पीड़ित पिता अपनी पुत्री को लेकर थाना सतरिख पहुंचा और सारी घटना थाना
प्रभारी सतरिख बतायी। थाना प्रभारी ने मनमाने ढंग से तहरीर लिखाकर मुकदमा
दर्ज किया। लेकिन दुराचार का नही बल्कि धारा 323/352/354 पासको एक्ट
लिखा। रात को ही पीड़िता को पुलिस ने महिला सिपाही के द्वारा चिकित्सीय
परीक्षण के लिये जिला अस्पताल भेज दिया। चूंकि उक्त बालिका की हालत काफी
नाजुक थी। महिला चिकित्सक डा. कनिका ने बालिका को भर्ती कर लिया। आज
दोपहर बिना किसी रिलीव आर्डर के ही महिला सीएमएस के आदेश पर उक्त बालिका
को डा. कनिका ने ही अस्पताल से पीड़िता को भगा दिया। जब इस बात की जानकारी
बालिका के पिता ने अपने गांव वालों को दी तो करीब आधे घण्टे के अन्दर ही
सैकड़ो की संख्या में ग्रामवासी अस्पताल गेट पर जमा हो गये और लखनऊ
फैजाबाद मार्ग जामकर प्रदर्शन करने लगे। करीब एक घण्टे तक पीड़िता को साथ
में लेकर प्रदर्शन करने के बाद जब कई अधिकारी मौके पर पहंुचे और पीड़िता
को पुनः महिला जिला अस्पताल में भर्ती करवाया तो उसके बाद जाकर मामला
कहीं शांत हुआ। पीड़िता के पिता का आरोप है कि मेरी बच्ची के साथ दरिंदे
ने दुराचार किया है उसके गुप्तांग से खून बह रहा है। मेडिकल रिपोर्ट में
भी इसकी पुष्टि हुई है लेकिन इसके बावजूद भी सतरिख थानाध्यक्ष ने अपनी
जमकर मनमानी की। पीड़िता के पिता ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय
की गुहार लगायी है। इस सम्बन्ध में जब थानाध्यक्ष प्रभारी सतरिख से
जानकारी की गयी तो उसका कहना था कि पीड़िता के पिता ने जो तहरीर दी है।
उसी के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। अगर मेडिकल में दुराचार की
पुष्टि हुई है तो जांच में धारा बढ़ाकर आरोपी के विरुद्ध कार्यवाही की
जायेगी।
बाराबंकी। थाना सतरिख अन्तर्गत गूंगी बहरी बालिका के साथ में हुए दुराचार
के मामले में थानाध्यक्ष ने जहां अपनी गंदी चाल का नमूना पेश किया। वहीं
दूसरी तरफ जिला अस्पताल में भर्ती पीड़िता के साथ में महिला चिकित्सक ने
भी उसके साथ जो अंजाम किया वह आवाम नही भाया। नतीजा यह हुआ कि इससे
आक्रोशित होकर सैकड़ो ग्रामीणों ने लखनऊ फैजाबाद मार्ग जामकर जमकर
प्रदर्शन किया। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार, रक्षाबंधन (18 अगस्त) वाले दिन सब सारी बहने अपने
भाईयों के कलाईयों में रक्षाकवच बांधकर अपनी सुरक्षा की शर्त रखी तो
भाईयों ने भी उनकी शर्त पूरी करने में कोई भी कसर नही छोड़ी। लेकिन सतरिख
क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय गूंगी बहरी बालिका जब शौंच के
लिये रात को आठ बजे गांव के बाहर गयी तो वहां पर पहले से घात लगाकर बैठे
बहसी दरिंदे चंदन पुत्र रामकुमार निवासी ग्राम रसूलपुर थाना नगराम, जिला
लखनऊ ने उस मासूम के साथ में जबरदस्ती अपना मंुह काला किया। अपनी हवस की
भूख मिटाने के बाद उक्त दरिंदा वहां से निकल भागा। खून से लथपत उक्त
बालिका जब घर पहुंची और सारी आपबीती अपने पिता को बतायी तो रात को ही
पीड़ित पिता अपनी पुत्री को लेकर थाना सतरिख पहुंचा और सारी घटना थाना
प्रभारी सतरिख बतायी। थाना प्रभारी ने मनमाने ढंग से तहरीर लिखाकर मुकदमा
दर्ज किया। लेकिन दुराचार का नही बल्कि धारा 323/352/354 पासको एक्ट
लिखा। रात को ही पीड़िता को पुलिस ने महिला सिपाही के द्वारा चिकित्सीय
परीक्षण के लिये जिला अस्पताल भेज दिया। चूंकि उक्त बालिका की हालत काफी
नाजुक थी। महिला चिकित्सक डा. कनिका ने बालिका को भर्ती कर लिया। आज
दोपहर बिना किसी रिलीव आर्डर के ही महिला सीएमएस के आदेश पर उक्त बालिका
को डा. कनिका ने ही अस्पताल से पीड़िता को भगा दिया। जब इस बात की जानकारी
बालिका के पिता ने अपने गांव वालों को दी तो करीब आधे घण्टे के अन्दर ही
सैकड़ो की संख्या में ग्रामवासी अस्पताल गेट पर जमा हो गये और लखनऊ
फैजाबाद मार्ग जामकर प्रदर्शन करने लगे। करीब एक घण्टे तक पीड़िता को साथ
में लेकर प्रदर्शन करने के बाद जब कई अधिकारी मौके पर पहंुचे और पीड़िता
को पुनः महिला जिला अस्पताल में भर्ती करवाया तो उसके बाद जाकर मामला
कहीं शांत हुआ। पीड़िता के पिता का आरोप है कि मेरी बच्ची के साथ दरिंदे
ने दुराचार किया है उसके गुप्तांग से खून बह रहा है। मेडिकल रिपोर्ट में
भी इसकी पुष्टि हुई है लेकिन इसके बावजूद भी सतरिख थानाध्यक्ष ने अपनी
जमकर मनमानी की। पीड़िता के पिता ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर न्याय
की गुहार लगायी है। इस सम्बन्ध में जब थानाध्यक्ष प्रभारी सतरिख से
जानकारी की गयी तो उसका कहना था कि पीड़िता के पिता ने जो तहरीर दी है।
उसी के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। अगर मेडिकल में दुराचार की
पुष्टि हुई है तो जांच में धारा बढ़ाकर आरोपी के विरुद्ध कार्यवाही की
जायेगी।
