तटबंध कटने से दर्जनों गांवों में घुसा पानी
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_416.html
बाराबंकी। एल्गिन ब्रिज चरसड़ी तटबंध कटने से जिले के छः गांवो में पानी
पूरी तरह फैल गया है। संसाधनो के अभाव के चलते सैकड़ो परिवार अभी गांवो
में फसे हुये है। मौके पर सिंचाई विभाग के अधिकारी ग्रामीणो के डर के आगे
भाग गये। मगंलवार को सेना के जवानो ने पहुंचकर मोर्चा संभाला और फसे
परिवारो को सुरक्षित स्थान पर लाने के प्रयास करते हुये पूरे गांव में
लाउण्ड स्पीकर से गांव से निकलने को कहा। सोमवार की रात में तटबंध का
मुख्य हिस्सा करीब दो सौ बीस मीटर कटा था। जिससे रात में ही गांव में
पानी भरना शुरू हो गया था। मंगलवार को तटबंध में कटान का दायरा करीब पांच
सौ मीटर कर दिया है और तेजी से पश्चिम छोर पर धीरे धीरे तटबंध का
अस्तित्व खत्म करता जा रहा है। तटबंध कटने से जिले के माझारायपुर
नयापुरवा, परसावल, नैपुरा, काशीपुर, गोपीपुरवा, में पानी भर गया है। इन
गांवो के आधे गं्रामीण ही गांव से बाहर निकल पाये है। अभी भी काफी संख्या
मे ऐसे परिवार गांव मे फसे है। जिनके पास नाव तक उपलब्ध नही करायी गयी
है। जिससे वह अपने सामानो को सुरक्षित स्थान पर ला सके। कटान से प्रभावित
गाव के ग्रामीण पूरी रात रतजगा करते रहे। तटबंध का मेन हिस्सा कटने से
मौके पर जो एक माह से अनुरक्षण कार्य हो रहा था। उसको छोड कर सिंचाई
विभाग के अधिकारी भाग गये है। अब तटबंध पर पीडित परिवारो के अलावा कोई भी
नही है। दोपहर बाद एसडीएम सिंरौलीगौसपुर प्रभाकांत अवस्थी ने गौरा बाजार
में पहुंचकर लेखपालो की चार टीमे लगायी है। जिससे गांवो में फसे लोगो को
बाहर निकालकर उनके क्षति आकलन की रिपोर्ट तैयार की जा सके। सुबह से ही
सेना ने पहुंचकर मोर्चा संभाला है। मौके पर डोगरा रेजीमेंट व एनडीआरफ व
पीएससी के जवानो ने भी मोर्चा संभाल लिया है। पीएससी के जवानो ने तटबंध
जहां से कट रहा है। उससे पांच सौ मीटर पहले कैम्प कर रहा है। जिससे कोई
भी ग्रामीण कटान स्थल पर न जाने पाये। एसडीएम ने बताया कि नायब तहसीलदार
मोहम्मद हारून को निर्देश दिये गये है। कि प्रभावित परिवारो को तत्काल
राहत सामग्री उपलब्ध कराये।
पूरी तरह फैल गया है। संसाधनो के अभाव के चलते सैकड़ो परिवार अभी गांवो
में फसे हुये है। मौके पर सिंचाई विभाग के अधिकारी ग्रामीणो के डर के आगे
भाग गये। मगंलवार को सेना के जवानो ने पहुंचकर मोर्चा संभाला और फसे
परिवारो को सुरक्षित स्थान पर लाने के प्रयास करते हुये पूरे गांव में
लाउण्ड स्पीकर से गांव से निकलने को कहा। सोमवार की रात में तटबंध का
मुख्य हिस्सा करीब दो सौ बीस मीटर कटा था। जिससे रात में ही गांव में
पानी भरना शुरू हो गया था। मंगलवार को तटबंध में कटान का दायरा करीब पांच
सौ मीटर कर दिया है और तेजी से पश्चिम छोर पर धीरे धीरे तटबंध का
अस्तित्व खत्म करता जा रहा है। तटबंध कटने से जिले के माझारायपुर
नयापुरवा, परसावल, नैपुरा, काशीपुर, गोपीपुरवा, में पानी भर गया है। इन
गांवो के आधे गं्रामीण ही गांव से बाहर निकल पाये है। अभी भी काफी संख्या
मे ऐसे परिवार गांव मे फसे है। जिनके पास नाव तक उपलब्ध नही करायी गयी
है। जिससे वह अपने सामानो को सुरक्षित स्थान पर ला सके। कटान से प्रभावित
गाव के ग्रामीण पूरी रात रतजगा करते रहे। तटबंध का मेन हिस्सा कटने से
मौके पर जो एक माह से अनुरक्षण कार्य हो रहा था। उसको छोड कर सिंचाई
विभाग के अधिकारी भाग गये है। अब तटबंध पर पीडित परिवारो के अलावा कोई भी
नही है। दोपहर बाद एसडीएम सिंरौलीगौसपुर प्रभाकांत अवस्थी ने गौरा बाजार
में पहुंचकर लेखपालो की चार टीमे लगायी है। जिससे गांवो में फसे लोगो को
बाहर निकालकर उनके क्षति आकलन की रिपोर्ट तैयार की जा सके। सुबह से ही
सेना ने पहुंचकर मोर्चा संभाला है। मौके पर डोगरा रेजीमेंट व एनडीआरफ व
पीएससी के जवानो ने भी मोर्चा संभाल लिया है। पीएससी के जवानो ने तटबंध
जहां से कट रहा है। उससे पांच सौ मीटर पहले कैम्प कर रहा है। जिससे कोई
भी ग्रामीण कटान स्थल पर न जाने पाये। एसडीएम ने बताया कि नायब तहसीलदार
मोहम्मद हारून को निर्देश दिये गये है। कि प्रभावित परिवारो को तत्काल
राहत सामग्री उपलब्ध कराये।

