दिव्यांगो ने बस स्टेशन पर जमकर किया बवाल
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बाराबंकी। जिला गन्ना दफ्तर में धरना दे रहे दिव्यांगो में फैला आक्रोश
आन्दोलन का रुप लेता जा रहा है। परिचालकों की अवैध वसूली व चालकों द्वारा
बस न रोकने से आन्दोलित दिव्यांगो ने बस स्टेशन पर जमकर हंगामा काटा।
मौके पर पहुंचे एआरएम ने भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न
होने का आश्वासन देकर दिव्यांगो को शांत कराया। जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार
वर्मा ने इस मौके पर एलान किया कि अब समस्त विभागों के विभागध्यक्षों का
घेराव कर समस्याओं से अवगत कराया जायेगा और निस्तारण न होने तक हर माह
धरना प्रदर्शन आयोजित किया जायेगा। एजीबी के एआरएम यूके वर्मा ने समस्त
दिव्यांगो को आश्वस्त किया कि दस दिनों के अन्दर उनके ़ऋण आवेदन पत्र पर
कार्यवाही कर दी जायेगी। विदित हो कि विगत् 30 जुलाई से अपनी विभिन्न
मांगो को लेकर भारतीय विकलांग कल्याण सेवा परिषद के बैनर तले दिव्यांगजन
गन्ना दफ्तर में धरना दे रहे हैं। जिला प्रशासन ने अब तक इन लोगों का हाल
जानने का प्रयास नही किया है। दिव्यांगो ने गुरुवार को अपना दस सूत्रीय
मांग पत्र जिला प्रशासन को भेजा है। जिसमें दिव्यांगजनों की समस्याओं के
लिये स्पेशल शिकायत सेल की स्थापना, धरनास्थल पर टीन शेड, शौचालय, लाईट,
पेयजल व साफ-सफाई की व्यवस्था कराना, दिव्यांगजनों को पात्रता के आधार पर
लोहिया व प्रधानमंत्री आवास (इन्दिरा आवास) आवंटित कराना। बीपीएल सूची
में शामिल कर राशन उपलब्ध कराना। दिव्यांग महिलाओं को निःशुल्व व त्वरित
न्याय दिलाना, ग्रामीण बैंको द्वारा दिव्यांगों को स्वरोजगार हेतु
संचालित की गयी एनएचएफडीसी योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराना। शहरी क्षेत्र
में निर्मित काशीराम आवास आवंटित कराना। जिला चिकित्सालय में दिव्यांग
मरीजों के लिये कमरा आरक्षित कराना। जनपद के दिव्यांगो को वरीयता के आधार
पर संविदा की नौकरी, ठुेका, पट्टा, कोटा व मनरेगा आदि में आरक्षण
सुनिश्चित कराना जैसी मांगे शामिल हैं। बस स्टेशन पर धरने के दौरान धरने
को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा ने कहा कि दिव्यांगजन
पहले ही दैवीय प्रकोप झेल रहे हैं। ऐसे में ड्राइवर व परिचालकों के
द्वारा किया जा रहा शोषण बंद किया जाये। उन्होने कहा कि परिचालक अवैध
वसूली करते हैं और चालक दिव्यांगजन को देखकर बस नही रोकते हैं। पुलिस
अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे एआरएम ने समस्त दिव्यांगजनों को
आश्वस्त किया है कि आज के बाद किसी दिव्यांग के साथ इस तरह की घटना की
पुनरावृत्ति नही होगी। अधिकारियों के आश्वासन पर दिव्यांगों ने ग्रामीण
बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचकर शाखा प्रबंधको द्वारा दिव्यांगो को
परेशान किये जाने की शिकायत करते हुए अवगत कराया कि दिव्यांगो को रोजगार
हेतु ऋण न देकर बैंक शाखाओं द्वारा अपमानित व प्रताड़ित किया जा रहा है।
एआरएम ने जल्द ही समस्त आवेदकों को ऋण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। तब
जाकर दिव्यांगजन पुनः धरनास्थल पर एकत्रित हुए। संरक्षण विजय बहादुर ने
कहा है कि अब दिव्यांगजन हर विभागों के मुख्यालय का घेराव कर वहीं पर
धरना प्रदर्शन करेंगे और अगर जिला प्रशासन इसी तरह गूंगा बहरा बना रहा तो
दिव्यांगजन सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे। धरने पर उपाध्यक्ष परशुराम
रावत, रामदुलारी, अंशू जायसवाल, रंजीता देवी, मनीष कुमार, सुशील कुमार,
रामसिंह रावत, रामबरन, देशराज, मंशाराम, जैसीराम, अनिल श्रीवास्तव, अनिल
यादव, लज्जावती सहित सैकड़ो की संख्या में दिव्यांगजन शामिल थे।
ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय को घेरा
बाराबंकी। दिव्यांगो ने बस स्टेशन से ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय
पहुंचे और वहां भी जमकर नारेबाजी की। दिव्यांगो का आरोप है कि पिछले
वित्तीय वर्ष में 6 करोड़ 51 लाख रुपये में दिव्यांगजनों को रोजगार हेतु
आर्यावर्त ग्रामीण बैंक को उपलब्ध कराया गया था। परन्तु वित्तीय वर्ष के
साथ छः माह बीत जाने के बाद भी दिव्यांगजनों को ऋण वितरण नही किया जा
सका। दिव्यांगो का कहना है कि बैंक शाखाओं में उन्हे अपमानित व प्रताड़ित
किया जाता है। इतनी जटिल प्रक्रिया बतायी जाती है। जो दिव्यांगो द्वारा
पूर्ण कर पाना असम्भव सा होता है। दिव्यांगों के आक्रोश को देखते हुए
एआरएम यूके वर्मा स्वयं आये और उन्होने दस दिनों में दिव्यांगो को ऋण
वितरण सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया।

