दबंगो ने बंद कराया नाली, पुलिस से शिकायत
https://husainijnp.blogspot.com/2016/08/blog-post_527.html
बाराबंकी। सतरिख थाना क्षेत्र के ग्राम काजीपुरवा मजरे दुुुुुल्हीपर में
गांव के दबंग भाईयों सुमन्त व नान पुत्रगण रामपाल यादव ने त्रिभुवन व
काशीराम के घर का नाबदान बन्द कर घर की जल निकासी का रास्ता अवरूद्ध कर
दिया है। जिससे काशीराम व त्रिभुवन अपने घर का पानी निकलवाने के लिए थाने
मंे तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई हैं। त्रिभुवन ने थानाध्यक्ष केा
लिखित तहरीर देकर कहा कि गाव के समन्त व नान ने घर का नाबदान जबरन बन्द
कर दिया है और जब इसका विरोध किया तो भद्दी-भद्दी गालियां देकर मारने
पीटने दौड़े त्रिभुवन की पत्नी ने भी नाबदान का पानी खोलने के लिए जब
प्रयास किया तो उसे भी दौड़े त्रिभ्ुावन की पत्नी ने भी नाबदान का पानी
खोलने के लिए जब प्रयास किया तो इसे भी दौड़ा लिया तो वह किसी तरह भगकर घर
के भीतर जाकर जान बचाई मामले में इससे पहले भी 4 जुलाई को थाने में तहरीर
दी थी। जिसपर पुलिस ने समन्त व नान यादव को थाने पर बुलाया गया किन्तु वे
थाने पर नहीं गया और पुलिस भी चुपचाप बैठ गयी। करीब दस दिन बाद ही दुबारा
नाबदान के पानी को लेकर उक्त दबंगों ने समन्त व नान यादव ने उस समय मारने
पीटने दौडे जब त्रिभुवन ने घर के अन्दर भरा पानी को निकालने का प्रयास
किया। फिलहाल त्रिभुवन के घर का नाबदान अवरूद्ध होने से बजाया जाये।
गांव के दबंग भाईयों सुमन्त व नान पुत्रगण रामपाल यादव ने त्रिभुवन व
काशीराम के घर का नाबदान बन्द कर घर की जल निकासी का रास्ता अवरूद्ध कर
दिया है। जिससे काशीराम व त्रिभुवन अपने घर का पानी निकलवाने के लिए थाने
मंे तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई हैं। त्रिभुवन ने थानाध्यक्ष केा
लिखित तहरीर देकर कहा कि गाव के समन्त व नान ने घर का नाबदान जबरन बन्द
कर दिया है और जब इसका विरोध किया तो भद्दी-भद्दी गालियां देकर मारने
पीटने दौड़े त्रिभुवन की पत्नी ने भी नाबदान का पानी खोलने के लिए जब
प्रयास किया तो उसे भी दौड़े त्रिभ्ुावन की पत्नी ने भी नाबदान का पानी
खोलने के लिए जब प्रयास किया तो इसे भी दौड़ा लिया तो वह किसी तरह भगकर घर
के भीतर जाकर जान बचाई मामले में इससे पहले भी 4 जुलाई को थाने में तहरीर
दी थी। जिसपर पुलिस ने समन्त व नान यादव को थाने पर बुलाया गया किन्तु वे
थाने पर नहीं गया और पुलिस भी चुपचाप बैठ गयी। करीब दस दिन बाद ही दुबारा
नाबदान के पानी को लेकर उक्त दबंगों ने समन्त व नान यादव ने उस समय मारने
पीटने दौडे जब त्रिभुवन ने घर के अन्दर भरा पानी को निकालने का प्रयास
किया। फिलहाल त्रिभुवन के घर का नाबदान अवरूद्ध होने से बजाया जाये।

