PM मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सोनिया का मेगा रोड शो,कार्यकर्ताओ में भरा जोश
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वाराणसी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आज प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी में हैं। पार्टी के चुनाव अभियान को तेज करते हुए सोनिया ने जिले में रोड शो किया। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर सोनिया ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर के साथ रोड शो शुरू किया। यह रोड शो कचहरी स्थित अंबेडकर पार्क से पं कमलापति त्रिपाठी पार्क तक गया।
सोनिया के साथ मुख्यमंत्री उम्मीदवार शीला दीक्षित और पार्टी के पूर्व सांसद पीएल पुनिया जैसे कई दिग्गज मौजूद रहे। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत वाराणसी से करने के पार्टी के फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से यह सोनिया का पहला वाराणसी दौरा है। शाम के समय वह काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना भी करेंगी।
इस यात्रा के दौरान राज्य में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित, एआईसीसी के महासचिव गुलाम नबी आजाद, यूपीसीसी के प्रमुख राज बब्बर, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और संजय सिंह उनके साथ हैं। कांग्रेस ने वाराणसी में विकास की कमी को रेखांकित करने के लिए ‘दर्द-ए-बनारस’ अभियान शुरू किया है। मोदी पिछले दो साल से लोकसभा में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
कांग्रेस पिछले 27 साल से उत्तरप्रदेश में सत्ता से बाहर है। ‘27 साल यूपी बेहाल’ नामक प्रचार के दौरान वह कह रही है कि राज्य की स्थिति पिछले 27 साल में बद से बदतर हो गई है। वाराणसी को पूर्वी उत्तरप्रदेश इलाके में खासा अहम माना जाता है। राज्य की 403 सीटों में से लगभग 160 क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश में ही आते हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सिर्फ दो ही सीटें- अमेठी और रायबरेली जीती थीं।
उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों के नतीजे वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए भी जमीन बना देंगे। कांग्रेस विधानसभा चुनाव में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मदद ले रही है। किशोर इससे पहले लोकसभा चुनाव में मोदी के और बिहार विधानसभा चुनाव में नीतिश कुमार के रणनीतिकार थे।
सोनिया के साथ मुख्यमंत्री उम्मीदवार शीला दीक्षित और पार्टी के पूर्व सांसद पीएल पुनिया जैसे कई दिग्गज मौजूद रहे। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत वाराणसी से करने के पार्टी के फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से यह सोनिया का पहला वाराणसी दौरा है। शाम के समय वह काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना भी करेंगी।
इस यात्रा के दौरान राज्य में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित, एआईसीसी के महासचिव गुलाम नबी आजाद, यूपीसीसी के प्रमुख राज बब्बर, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और संजय सिंह उनके साथ हैं। कांग्रेस ने वाराणसी में विकास की कमी को रेखांकित करने के लिए ‘दर्द-ए-बनारस’ अभियान शुरू किया है। मोदी पिछले दो साल से लोकसभा में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
कांग्रेस पिछले 27 साल से उत्तरप्रदेश में सत्ता से बाहर है। ‘27 साल यूपी बेहाल’ नामक प्रचार के दौरान वह कह रही है कि राज्य की स्थिति पिछले 27 साल में बद से बदतर हो गई है। वाराणसी को पूर्वी उत्तरप्रदेश इलाके में खासा अहम माना जाता है। राज्य की 403 सीटों में से लगभग 160 क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश में ही आते हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सिर्फ दो ही सीटें- अमेठी और रायबरेली जीती थीं।
उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों के नतीजे वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए भी जमीन बना देंगे। कांग्रेस विधानसभा चुनाव में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की मदद ले रही है। किशोर इससे पहले लोकसभा चुनाव में मोदी के और बिहार विधानसभा चुनाव में नीतिश कुमार के रणनीतिकार थे।

