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दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र पर मनायी गयी क्षेम जी की पुण्यतिथि

जौनपुर। साहित्य वाचस्पति डा. श्रीपाल सिंह क्षेम का व्यक्तित्व अत्यन्त निर्मल था। कवि वास्तव में भावनाशील व्यक्ति ही हो सकता है। उक्त विचार टीडीपीजी कालेज के प्रबन्धक अशोक सिंह ने बुधवार को लाइन बाजार में स्थित दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र में डा. क्षेम की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में व्यक्त किया। उन्होंने लोगों को डा. क्षेम के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से प्रेरणा लेने की अपील किया। विशिष्ट अतिथि हिन्दी विभागाध्यक्ष डा. विनोद सिंह ने कहा कि डा. क्षेम ने साठोत्तरी कविता के दौर में मानव का प्रकृतीकरण करके अपनी अद्भुत प्रतिभा प्रदर्शित की। उन्होंने कृति राख और पाटल तथा कृष्ण द्वैपायन महाकाव्य की समीक्षात्मक टिप्पणी प्रस्तुत किया। इस दौरान आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारम्भ कवियत्री सुदामा पाण्डेय सौरभ ने मां सरस्वती वंदना से किया। तत्पश्चात् प्रतापगढ़ से आये डा. रणजीत सिंह सहित अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं को प्रस्तुत किया। डा. प्रेमचन्द्र विश्वकर्मा ‘प्रेम जौनपुरी’ की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के बीच में भारत सरकार की एनडीएलएम योजनान्तर्गत कम्प्यूटर प्रशिक्षितों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किया गया। इसके पहले कार्यक्रम की शुरूआत में डा. क्षेम के चित्र पर माल्यार्पण कर उपस्थित लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। कार्यक्रम का संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर व आगंतुकों के प्रति आभार शशीन्द्र सिंह ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर डा. क्षेम की पत्नी द्रौपदी क्षेम, पत्रकार अकेला जी, राजीव पाठक, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, सुमित, नेहा, विद्या, श्रेया, बेहोश जौनपुरी, ओम प्रकाश सिंह उपस्थित रहे।

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