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मामला स्वास्थ्य केन्द्रो पर गाड़ी संचालन का

बाराबंकी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य गारण्टी योजना व सुपरवीजन के अन्तर्गत
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर निजी गाड़ियों के संचालन को
स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरस्त किये जाने के बाद गाड़ी मालिको में जबरदस्त
आक्रोश व्याप्त है। दर्जनो निजी गाड़ी मालिको ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर
इस घोटाले की जांच की मांग की है। जिलाधिकारी ने जांच के आदेश मुख्य
चिकित्साधिकारी को दिये हैं। जानकारी के अनुसार, जिले में सामुदायिक
स्वास्थ्य केन्द्रो पर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य गारण्टी योजना के प्रचार
प्रसार के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी गाड़ी मालिको को अपनी गाड़ियों
को लगवाने के लिये एक निविदा निकाली थी। जिसमें जिले के सैकड़ो गाड़ी
मालिको ने अपनी-अपनी गाड़ियों को लगवाने के खातिर आवेदन किया था। लेकिन
जिस दिन गाड़ियों को लगवाने के लिये टेण्डर होना था उस दिन से एक दिन
पूर्व यह पता चला कि गाड़ियों की नीलामी वाला टेण्डर निरस्त कर दिया गया
है। आगे इसकी सूचना दी जायेगी। नोटिस पढ़ने के बाद गाड़ी मालिको में आक्रोश
व्याप्त हो गया। एक गाड़ी मालिक रंजीत कुमार ग्राम व पोस्ट बंकी का आरोप
है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस मामले में पूरी तरह से लिप्त हैं और
यह लोग गुपचुप तरीके से अपने चाहेतों की गाड़ियां लगवाने की फिराक में
हैं। आज दोपहर रंजीत कुमार सहित गाड़ी मालिकों ने जिलाधिकारी अजय यादव को
शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच करवाने की मांग की है। जिलाधिकारी
ने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य केन्द्रो पर गाड़ी लगवाने की नीलामी
प्रक्रिया सार्वजनिक होगी। इसमें कोई भी गड़बड़ घोटाला नही होगा। उन्होने
सीएमओ को जांच के आदेश दिये।

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