जिले में डेंगू का कहर, मसौली में तैनात पुलिसकर्मी की मौत
https://husainijnp.blogspot.com/2016/09/blog-post_30.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण डेंगू बुखार का
प्रकोप धीरे धीरे फैलता जा रहा है। अभी गत् दिनों एक स्वास्थ्यकर्मी और
ग्राम प्रधान की मौत के बाद बीती रात मसौली थाने में तैनात एक पुलिस
कर्मी की भी बीती रात इलाज के दौरान राजधानी लखनऊ में मौत हो गयी। इस मौत
के बाद पूरे जिले में डेंगू बीमारी से मरने वालों की संख्या आधा दर्जन के
करीब पहुंच चुकी है। लेकिन इतनी मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग
कुम्भकरणी नींद सो रहा है। बाराबंकी जिले में पिछले एक पखवारे से डेंगू
बुखार का प्रकोप शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में फैला हुआ है। अभी एक
सप्ताह के अन्दर विकास खण्ड पूरेडलई के ग्राम प्रधान सामुदायिक स्वास्थ्य
केन्द्र रामसनेहीघाट में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी व शहर के आवास विकास
कालोनी में एक लड़की की मौत हो चुकी थी। एक साथ हुई तीन मौतों के बाद
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाकर सभी की
क्लास ली थी और यह आदेश दिया था कि स्वास्थ्यकर्मी अपने-अपने क्षेत्रों
में नजर रखें और किसी भी तरह के संकट से निपटने के लिये तैयार रहें।
उन्होने ग्रामीणों से भी आग्रह किया था कि अपने घर के आस पास गंदे पानी
को न जमा होने दें। लेकिन इसके बावजूद दो दिन पूर्व थाना मसौली में तैनात
पुलिसकर्मी जगन्नाथ प्रसाद निवासी जिला अम्बेडकर नगर को डेंगू का बुखार
आया था। जिसको पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उक्त
पुलिसकर्मी को लखनऊ के सहारा अस्पताल में भर्ती कराया। जिसकी बीती रात 11
बजे मौत हो गयी। डेंगू बुखार से पुलिसकर्मी की मौत की खबर के बाद पुलिस
विभाग में हड़कम्प मच गया है और अब अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक में
इस बीमारी का खौफ साफ साफ देखा जा सकता है। सबसे मजेदार बात यह भी है कि
मुख्य चिकित्साधिकारी के पास डेंगू बुखार से बचाव के लिये कोई भी संसाधन
नही है। कागजों पर ही पूरा स्वास्थ्य महकमा रणनीति बनाकर यह दिखाने का
प्रयास कर रहा है कि स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी से निपटने के लिये पूरी
तरह से तैयार है।
बाराबंकी। जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण डेंगू बुखार का
प्रकोप धीरे धीरे फैलता जा रहा है। अभी गत् दिनों एक स्वास्थ्यकर्मी और
ग्राम प्रधान की मौत के बाद बीती रात मसौली थाने में तैनात एक पुलिस
कर्मी की भी बीती रात इलाज के दौरान राजधानी लखनऊ में मौत हो गयी। इस मौत
के बाद पूरे जिले में डेंगू बीमारी से मरने वालों की संख्या आधा दर्जन के
करीब पहुंच चुकी है। लेकिन इतनी मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग
कुम्भकरणी नींद सो रहा है। बाराबंकी जिले में पिछले एक पखवारे से डेंगू
बुखार का प्रकोप शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में फैला हुआ है। अभी एक
सप्ताह के अन्दर विकास खण्ड पूरेडलई के ग्राम प्रधान सामुदायिक स्वास्थ्य
केन्द्र रामसनेहीघाट में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी व शहर के आवास विकास
कालोनी में एक लड़की की मौत हो चुकी थी। एक साथ हुई तीन मौतों के बाद
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाकर सभी की
क्लास ली थी और यह आदेश दिया था कि स्वास्थ्यकर्मी अपने-अपने क्षेत्रों
में नजर रखें और किसी भी तरह के संकट से निपटने के लिये तैयार रहें।
उन्होने ग्रामीणों से भी आग्रह किया था कि अपने घर के आस पास गंदे पानी
को न जमा होने दें। लेकिन इसके बावजूद दो दिन पूर्व थाना मसौली में तैनात
पुलिसकर्मी जगन्नाथ प्रसाद निवासी जिला अम्बेडकर नगर को डेंगू का बुखार
आया था। जिसको पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उक्त
पुलिसकर्मी को लखनऊ के सहारा अस्पताल में भर्ती कराया। जिसकी बीती रात 11
बजे मौत हो गयी। डेंगू बुखार से पुलिसकर्मी की मौत की खबर के बाद पुलिस
विभाग में हड़कम्प मच गया है और अब अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक में
इस बीमारी का खौफ साफ साफ देखा जा सकता है। सबसे मजेदार बात यह भी है कि
मुख्य चिकित्साधिकारी के पास डेंगू बुखार से बचाव के लिये कोई भी संसाधन
नही है। कागजों पर ही पूरा स्वास्थ्य महकमा रणनीति बनाकर यह दिखाने का
प्रयास कर रहा है कि स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी से निपटने के लिये पूरी
तरह से तैयार है।

