सियासी पिच पर बदल गया ‘खेल’ रास्ते में कांटा बना सिद्धू का नया दांव,
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नई दिल्ली। भाजपा से नाता तोड़ने और केजरीवाल से मनचाही डील न होने के बाद कई दिन से गायब रहे क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू असल में चुप नहीं बैठे हुए थे। वह अपने अंदाज में ही राजनीति की नई स्क्रिप्ट लिखने में जुटे हुए थे। ‘आवाज-ए-पंजाब’ नाम नाम की उनकी गुगली ने सिर्फ अरविंद केजरीवाल को झटका दे दिया है बल्कि कांग्रेस को हैरान और परेशान भी कर दिया है।
सूत्रों का कहना है कि सिद्धू कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी और भाजपा के दुखियारे यानी असंतुष्ट नेताओं को लेकर इस मोर्चे का फलक बड़ा करके चुनावी मैदान में उतरेंगे। उनके इस कदम ने पंजाब के राजनीतिक खेल को दिलचस्प बना दिया है। बताया गया है कि वह आम आदमी पार्टी के संयोजक पद से हटाए गए सुच्चा सिंह छोटेपुर को भी अपने साथ लेने की कोशिश करेंगे। कुल मिलाकर इस नए मोर्चे से सबसे ज्यादा नुकसान आम आदमी पार्टी को होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सिद्धू ने राजनीति के खेल में क्रिकेट के साथ हॉकी खिलाड़ी पूर्व ओलंपियन परगट सिंह को मिलाकर अपने विरोधियों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। परगट सिंह जालंधर कैंट से सत्ताधारी अकाली दल के विधायक हैं। लेकिन पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से जुलाई में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
आम आदमी पार्टी को उम्मीद थी कि परगट सिंह और सिद्धू दोनों पंजाब में उसके खेवनहार बनेंगे लेकिन इस उम्मीद पर पानी फिर गया। माना जाता है कि सिद्धू पंजाब में आप की तरफ से सीएम उम्मीदवार बनना चाहते थे, लेकिन आम आदमी पार्टी को यह मंजूर नहीं था। कांग्रेस ने सिद्धू को उप मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया और सभी पार्टियों के असंतुष्टों के साथ नया खेल खेलने का निर्णय लिया।

