अस्ल इस्लाम पर ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए मज़हब को समझना ज़रूरी है: मौलाना फ़िरोज़
https://husainijnp.blogspot.com/2016/09/blog-post_344.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। फैजाबाद रोड स्थित कर्बला सिविल लाईन्स मे नौचंदी जुमेरात को
मजलिस को खिताब करते हुए मुबारक पुर से आये मौलाना फ़िरोज़ अब्बास ने कहा
अस्ल इस्लाम पर ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए मज़हब को समझना ज़रूरी है। मौलाना
ने यह भी कहा अल्लाह फरमाता है बेशक वह लोग अज़ाब, ख़ौंफ़ व मलाल से दूर
रहेंगे जिन्होंन अल्लाह को अपना रब माना, सिर्फ़ माना ही नही, उसकी मर्जी
के मुताबिक ज़िन्दगी गुज़ारी। जिसकी कर्बला वाले मिसाल है। मज़लिस का आगाज़
तिलावते कलाम पाक से हदीसे किसा की तिलावत कर मो. हैदर आबदी ने की।
पेशख्वानी सरवर अली रिज़वी, शबीह अहमद आब्दी, आसिम हुसैन, अयान अब्बास,
रज़ा मेहदी ने की। मजलिस के अन्त मे मौलाना ने कर्बला वालों के मसायब पेश
किये जिसे सुनकर मोमनीन रो पडे। बादे मजलिस अलम का गस्त कर्बला कैम्पस मे
हुआ। नौहा ख्वानी व सीनाज़नी के साथ अलम गस्त के बाद कर्बला रौज़े पर
कार्यक्रम की समाप्ति हुई इससे पूर्व नज़रों नियाज़ का सिलसिला चला। अन्त
मे आमिर रज़ा, हुसैन रज़ा, वासिफ रज़ा, खादिमे कर्बला, रिज़वान मुस्तफा ने
सभी का शुक्रिया अदा किया।
बाराबंकी। फैजाबाद रोड स्थित कर्बला सिविल लाईन्स मे नौचंदी जुमेरात को
मजलिस को खिताब करते हुए मुबारक पुर से आये मौलाना फ़िरोज़ अब्बास ने कहा
अस्ल इस्लाम पर ज़िन्दगी गुज़ारने के लिए मज़हब को समझना ज़रूरी है। मौलाना
ने यह भी कहा अल्लाह फरमाता है बेशक वह लोग अज़ाब, ख़ौंफ़ व मलाल से दूर
रहेंगे जिन्होंन अल्लाह को अपना रब माना, सिर्फ़ माना ही नही, उसकी मर्जी
के मुताबिक ज़िन्दगी गुज़ारी। जिसकी कर्बला वाले मिसाल है। मज़लिस का आगाज़
तिलावते कलाम पाक से हदीसे किसा की तिलावत कर मो. हैदर आबदी ने की।
पेशख्वानी सरवर अली रिज़वी, शबीह अहमद आब्दी, आसिम हुसैन, अयान अब्बास,
रज़ा मेहदी ने की। मजलिस के अन्त मे मौलाना ने कर्बला वालों के मसायब पेश
किये जिसे सुनकर मोमनीन रो पडे। बादे मजलिस अलम का गस्त कर्बला कैम्पस मे
हुआ। नौहा ख्वानी व सीनाज़नी के साथ अलम गस्त के बाद कर्बला रौज़े पर
कार्यक्रम की समाप्ति हुई इससे पूर्व नज़रों नियाज़ का सिलसिला चला। अन्त
मे आमिर रज़ा, हुसैन रज़ा, वासिफ रज़ा, खादिमे कर्बला, रिज़वान मुस्तफा ने
सभी का शुक्रिया अदा किया।

