पूर्वांचल में विधानसभा चुनाव में माफियाओं का सियासी अखाड़ा बनेगा जौनपुर !
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लखनऊ। आगमी विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल का जौनपुर ज़िला प्रदेश के नामचीन माफियाओं का सियासी अखाड़ा बनने जा रहा है।इस खबर ने खुफिया तन्त्र और पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
अपराध जगत में एक दूसरे के जानी दुश्मन कहे जाने वाले माफिया डॉन जौनपुर की अलग अलग विधान सभा सीटों से अपनी अपनी किस्मत आज़माने जा रहे हैं ।
सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक़ माफिया डॉन बृजेश सिंह अपनी पत्नी को ज़िले की ज़फराबाद सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ाना चाहते हैं।माफिया डॉन मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी की नज़र अब ज़िले की सदर सीट पर है वे सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं ।इलाहाबाद के पूर्व सांसद माफिया अतीक अहमद भी जौनपुर में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।वे भी सपा के टिकट पर सदर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा पार्टी नेतृत्व से जता चुके हैं।माफिया डॉन मुन्ना बजरगी भी अपनी पत्नी को मड़ियाहूं से चुनाव लड़ाने की जुगत में लगे है ।पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह खुद ज़िले की मल्हनी सीट से बसपा से चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं वैसे वैसे सभी पार्टियां और प्रत्याशी अपनी अपनी सियासी ज़मीन तैयार करने में जुट गये हैं।सूत्र बताते हैं कि बृजेश सिंह ने ज़फ़राबाद सीट इसलिए चुनी है कि ये सीट बनारस से लगी हुई है और ये बृजेश सिंह के प्रभाव वाला क्षेत्र भी है।यहां आसानी से जीत सुनिश्चित हो सकती है।उधर धनंजय सिंह ने विधान सभा पहुंचने के लिए एक बार फिर बसपा का दामन थामा है ।वे यहां से विधायक रहे हैं ।उनके सांसद बनने के बाद उनके पिता मल्हनी सीट से विधायक बने थे ।बसपा धनंजय सिंह को टिकट दे कर ठाकुर मतों को पूरे ज़िले में अपने पक्ष में करने की जुगत में है।उधर मुख्तार अंसारी भी अपनी पुरानी सीट मऊ को अपने बेटे अब्बास के लिए छोड़ना चाहते हैं ।उन्हें एक सुरक्षित मुस्लिम बाहुल्य सीट की तलाश है ।उनकी नज़र जौनपुर सीट पर टिक गयी है।अतीक अहमद इलाहाबाद से अपनी पुरानी सीट पर अपने भाई अशरफ को लड़ाना चाहते हैं और खुद किसी और सीट की तलाश में हैं ।हालांकि उनका इरादा इलाहाबाद की फूलपुर सीट से चुनाव लड़ने का है मगर वहां सपा के सिटिंग विधायक होने की वजह से बात बनती नहीं दिख रही है ।इसलिए उन्होंने दुसरे विकल्प के तौर पर जौनपुर को चुना है । जौनपुर सदर सीट से ही पूर्वांचल के ताकतवर युवा नेता अल्लन सैय्यद भी भाजपा से मजबूत दावेदारी कर रहे है | अल्लन लगातार भाजपा हाईकमान के संपर्क में है | जौनपुर की सदर सीट पर अभी कांग्रेस के नदीम जावेद विधायक हैं ।इधर मुख्य्मंत्री अखिलेश यादव से उनकी बढ़ती नज़दीकी को देखते हुए ये चर्चा शुरू हो गयी थी कि वे सपा से चुनाव लड़ सकते हैं ।क्योंकि किसी मज़बूत दावेदार के न होने की वजह से अखिलेश यादव भी नदीम जावेद को ही यहां से चुनाव लड़ाना चाहते हैं ।मगर अब धुरंधरों की निगाह इस सीट पर होने की वजह से सारे समीकरण उलट पुलट होते दिख रहे हैं।मगर इस सीट पर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार नासिर खान का नाम इस बीच समाजवादी पार्टी के अंदर खाने तेज़ी से उभर कर सामने आ गया है ।पार्टी नेतृत्व नासिर खान के बारे में भी गम्भीरता से विचार कर रहा है।सूत्र बताते हैं कि जौनपुर के वरिष्ठ नेताओं से नेतृत्व ने इस नाम को ले कर विचार विमर्श भी कर लिया है । अब ये आने वाला समय बताएगा कि इस चुनाव में जौनपुर के अवाम को कैसे कैसे नज़ारे देखने को मिलेंगे।
अपराध जगत में एक दूसरे के जानी दुश्मन कहे जाने वाले माफिया डॉन जौनपुर की अलग अलग विधान सभा सीटों से अपनी अपनी किस्मत आज़माने जा रहे हैं ।
सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक़ माफिया डॉन बृजेश सिंह अपनी पत्नी को ज़िले की ज़फराबाद सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ाना चाहते हैं।माफिया डॉन मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी की नज़र अब ज़िले की सदर सीट पर है वे सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं ।इलाहाबाद के पूर्व सांसद माफिया अतीक अहमद भी जौनपुर में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।वे भी सपा के टिकट पर सदर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा पार्टी नेतृत्व से जता चुके हैं।माफिया डॉन मुन्ना बजरगी भी अपनी पत्नी को मड़ियाहूं से चुनाव लड़ाने की जुगत में लगे है ।पूर्व सांसद और बाहुबली धनंजय सिंह खुद ज़िले की मल्हनी सीट से बसपा से चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
जैसे जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं वैसे वैसे सभी पार्टियां और प्रत्याशी अपनी अपनी सियासी ज़मीन तैयार करने में जुट गये हैं।सूत्र बताते हैं कि बृजेश सिंह ने ज़फ़राबाद सीट इसलिए चुनी है कि ये सीट बनारस से लगी हुई है और ये बृजेश सिंह के प्रभाव वाला क्षेत्र भी है।यहां आसानी से जीत सुनिश्चित हो सकती है।उधर धनंजय सिंह ने विधान सभा पहुंचने के लिए एक बार फिर बसपा का दामन थामा है ।वे यहां से विधायक रहे हैं ।उनके सांसद बनने के बाद उनके पिता मल्हनी सीट से विधायक बने थे ।बसपा धनंजय सिंह को टिकट दे कर ठाकुर मतों को पूरे ज़िले में अपने पक्ष में करने की जुगत में है।उधर मुख्तार अंसारी भी अपनी पुरानी सीट मऊ को अपने बेटे अब्बास के लिए छोड़ना चाहते हैं ।उन्हें एक सुरक्षित मुस्लिम बाहुल्य सीट की तलाश है ।उनकी नज़र जौनपुर सीट पर टिक गयी है।अतीक अहमद इलाहाबाद से अपनी पुरानी सीट पर अपने भाई अशरफ को लड़ाना चाहते हैं और खुद किसी और सीट की तलाश में हैं ।हालांकि उनका इरादा इलाहाबाद की फूलपुर सीट से चुनाव लड़ने का है मगर वहां सपा के सिटिंग विधायक होने की वजह से बात बनती नहीं दिख रही है ।इसलिए उन्होंने दुसरे विकल्प के तौर पर जौनपुर को चुना है । जौनपुर सदर सीट से ही पूर्वांचल के ताकतवर युवा नेता अल्लन सैय्यद भी भाजपा से मजबूत दावेदारी कर रहे है | अल्लन लगातार भाजपा हाईकमान के संपर्क में है | जौनपुर की सदर सीट पर अभी कांग्रेस के नदीम जावेद विधायक हैं ।इधर मुख्य्मंत्री अखिलेश यादव से उनकी बढ़ती नज़दीकी को देखते हुए ये चर्चा शुरू हो गयी थी कि वे सपा से चुनाव लड़ सकते हैं ।क्योंकि किसी मज़बूत दावेदार के न होने की वजह से अखिलेश यादव भी नदीम जावेद को ही यहां से चुनाव लड़ाना चाहते हैं ।मगर अब धुरंधरों की निगाह इस सीट पर होने की वजह से सारे समीकरण उलट पुलट होते दिख रहे हैं।मगर इस सीट पर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार नासिर खान का नाम इस बीच समाजवादी पार्टी के अंदर खाने तेज़ी से उभर कर सामने आ गया है ।पार्टी नेतृत्व नासिर खान के बारे में भी गम्भीरता से विचार कर रहा है।सूत्र बताते हैं कि जौनपुर के वरिष्ठ नेताओं से नेतृत्व ने इस नाम को ले कर विचार विमर्श भी कर लिया है । अब ये आने वाला समय बताएगा कि इस चुनाव में जौनपुर के अवाम को कैसे कैसे नज़ारे देखने को मिलेंगे।

